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सीएम की चेतावनी के बाद भी डटे हैं लेखपाल
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:29 PM IST
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सीएम की चेतावनी के बाद भी डटे हैं लेखपाल
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। उप्र लेखपाल संघ का कार्य बहिष्कार एवं धरना शनिवार को भी जारी रहा। जिले के नौतनवां, फरेंदा, निचलौल और सदर तहसील में लेखपालों ने धरना दिया। लेखपालों ने 9 जुलाई से जिला स्तर पर धरना देेने की चेतावनी दी।
संगठन के सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि वेतन व पेंशन विसंगतियों को दूर करने, भत्तों में वृद्धि, राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट में पारित कराने, लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें पूरी कराने के लिए लेखपाल धरना दे रहे हैं। घनश्याम शुक्ला ने सरकार पर लेखपालों की मांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। फेकू प्रसाद व राम सेवक ने कहा कि सरकार मांगों पर ध्यान देने की बजाय उन्हें डरा रही है। धरने में त्रिलोकी, मैनुद्दीन, राहुल गौतम, नर्वदेश्वर पटेल आदि मौजूद रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। पूर्व विधायक विनोद तिवारी ने फरेंदा तहसील परिसर में धरने को समर्थन देते हुए आंदोलन को उचित बताया। कहा कि लेखपालों की मांगे जायज हैं।
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संगठन के सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि वेतन व पेंशन विसंगतियों को दूर करने, भत्तों में वृद्धि, राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट में पारित कराने, लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें पूरी कराने के लिए लेखपाल धरना दे रहे हैं। घनश्याम शुक्ला ने सरकार पर लेखपालों की मांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। फेकू प्रसाद व राम सेवक ने कहा कि सरकार मांगों पर ध्यान देने की बजाय उन्हें डरा रही है। धरने में त्रिलोकी, मैनुद्दीन, राहुल गौतम, नर्वदेश्वर पटेल आदि मौजूद रहे।
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फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। पूर्व विधायक विनोद तिवारी ने फरेंदा तहसील परिसर में धरने को समर्थन देते हुए आंदोलन को उचित बताया। कहा कि लेखपालों की मांगे जायज हैं।
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