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मकान तोड़ने को नहीं मिल रहे मजदूर, बढ़ी मजदूरी
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सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आए भवन तोड़े जा रहे।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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मकान तोड़ने को नहीं मिल रहे मजदूर, बढ़ी मजदूरी
ऊपरी मंजिल से सामान उतारने में क्रेन का किया जा रहा प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले तमाम लोगों के मकान व दुकान टूट रहे हैं। सख्ती की वजह से लोग स्वयं ही अपने पक्के निर्माण तोड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों को लेकर है। मजदूरों की मांग बढ़ने पर मजदूरी भी ज्यादा मांगी जाने लगी है। इसकी वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऊपरी मंजिल से सामान उतारने के लिए लोगों को क्रेन का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं छत तोड़ने वाली मशीन की मांग भी बढ़ गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 730 महराजगंज शहर से होकर फरेंदा की ओर जाता है। इस मार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तथा पेड़ आदि हटाए जा रहे हैं। शहर के सक्सेना चौक पर तो पुलिस चौकी समेत स्कूल का एक हिस्सा भी गिरा दिया गया। वहीं शहर में लोग स्वयं ही अपने भवनों को मजदूर लगाकर तोड़वाने में जुटे हैं। ताकि नुकसान कम हो। रविवार को सुबह शहर के तमाम लोग मजदूरों की तलाश करते दिखे। मांग बढ़ने पर मजदूरी भी बढ़ने की बात कही जा रही है। मजदूरी 260 रुपये की जगह 330 रुपये मांगी जाने लगी है। यह रकम देने पर भी मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा घर तोड़ने वाली मशीन भी नहीं मिल रही है। गोरखपुर से हैमर ड्रील मशीन मंगाई जा रही है। वहीं शहर में जेसीबी से सड़क के किनारे के मलबे को हटाया जा रहा है।
रवि कुमार, दिलीप वर्मा, दीपक, विनोद कुमार आदि का कहना है कि मजदूरी ज्यादा लग रही है। इसके बावजूद मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। मकान को तोड़ने के लिए हैमर ड्रील मशीन गोरखपुर से मंगाना पड़ रहा है। इससे खर्च ज्यादा पड़ रहा है।
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एक कांस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एचएन पाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तोड़े जा रहे हैं। जल्द ही अतिक्रमण हटवाकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
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तोड़फोड़ से आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
महराजगंज। एनएच 730 के चौड़ीकरण को लेकर हो रहे तोड़फोड़ से आक्रोशित कुछ लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तोड़े जाने के दौरान कोई अधिकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रह रहा है। आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था के कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। गुस्साए लोगों ने सांसद एवं विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद लोग शांत हो गए। प्रदर्शन करने वालों में शैल जायसवाल, राधेश्याम, राजनरायन लाल श्रीवास्तव, अशोक कुमार, शिव पटवा, लवकुश पांडेय, सूरज आदि शामिल रहे।
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व्यापारियों का काम धंधा प्रभावित
महराजगंज। शहर में फरेंदा रोड पर तोड़फोड़ होने से तमाम दुकानदार प्रभावित हुए हैं। तोड़फोड़ होने के कारण दुकानों पर खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है। पटरी व्यवसायी एवं बडे़ दुकानदार भी परेशान हैं। लोगों को सब्जी लेने के लिए ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है।
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ऊपरी मंजिल से सामान उतारने में क्रेन का किया जा रहा प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले तमाम लोगों के मकान व दुकान टूट रहे हैं। सख्ती की वजह से लोग स्वयं ही अपने पक्के निर्माण तोड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों को लेकर है। मजदूरों की मांग बढ़ने पर मजदूरी भी ज्यादा मांगी जाने लगी है। इसकी वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऊपरी मंजिल से सामान उतारने के लिए लोगों को क्रेन का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं छत तोड़ने वाली मशीन की मांग भी बढ़ गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 730 महराजगंज शहर से होकर फरेंदा की ओर जाता है। इस मार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तथा पेड़ आदि हटाए जा रहे हैं। शहर के सक्सेना चौक पर तो पुलिस चौकी समेत स्कूल का एक हिस्सा भी गिरा दिया गया। वहीं शहर में लोग स्वयं ही अपने भवनों को मजदूर लगाकर तोड़वाने में जुटे हैं। ताकि नुकसान कम हो। रविवार को सुबह शहर के तमाम लोग मजदूरों की तलाश करते दिखे। मांग बढ़ने पर मजदूरी भी बढ़ने की बात कही जा रही है। मजदूरी 260 रुपये की जगह 330 रुपये मांगी जाने लगी है। यह रकम देने पर भी मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा घर तोड़ने वाली मशीन भी नहीं मिल रही है। गोरखपुर से हैमर ड्रील मशीन मंगाई जा रही है। वहीं शहर में जेसीबी से सड़क के किनारे के मलबे को हटाया जा रहा है।
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रवि कुमार, दिलीप वर्मा, दीपक, विनोद कुमार आदि का कहना है कि मजदूरी ज्यादा लग रही है। इसके बावजूद मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। मकान को तोड़ने के लिए हैमर ड्रील मशीन गोरखपुर से मंगाना पड़ रहा है। इससे खर्च ज्यादा पड़ रहा है।
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एक कांस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एचएन पाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तोड़े जा रहे हैं। जल्द ही अतिक्रमण हटवाकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
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तोड़फोड़ से आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
महराजगंज। एनएच 730 के चौड़ीकरण को लेकर हो रहे तोड़फोड़ से आक्रोशित कुछ लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकान व दुकान तोड़े जाने के दौरान कोई अधिकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रह रहा है। आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था के कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। गुस्साए लोगों ने सांसद एवं विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद लोग शांत हो गए। प्रदर्शन करने वालों में शैल जायसवाल, राधेश्याम, राजनरायन लाल श्रीवास्तव, अशोक कुमार, शिव पटवा, लवकुश पांडेय, सूरज आदि शामिल रहे।
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व्यापारियों का काम धंधा प्रभावित
महराजगंज। शहर में फरेंदा रोड पर तोड़फोड़ होने से तमाम दुकानदार प्रभावित हुए हैं। तोड़फोड़ होने के कारण दुकानों पर खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है। पटरी व्यवसायी एवं बडे़ दुकानदार भी परेशान हैं। लोगों को सब्जी लेने के लिए ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है।