{"_id":"65c106dc7b6f0511ba0e92a3","slug":"demand-raised-to-build-a-bridge-on-narayani-river-maharajganj-news-c-206-1-mhg1003-115177-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नारायणी नदी पर पुल बनवाने की उठाई मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नारायणी नदी पर पुल बनवाने की उठाई मांग
Mon, 05 Feb 2024 09:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 05 Feb 2024 09:33 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। सोमवार को सोहगीबरवां, शिकारपुर, भोतहां व कुशीनगर जिले के मरिचहवां, हरिहरपुर, शिवपुर, नरायनपुर, बकुलादह के ग्रामीणों ने नारायणी नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नारायणी संघर्ष समिति के संरक्षक परशुराम यादव ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 50 हजार जनता निवास करती है।
ग्रामीणों को आज भी नाव से आना-जाना पड़ता है। इसके चलते तमाम तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। पूर्व विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने नारायणी नदी भैसहां घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया था। इस पुल का उद्घाटन करने आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि जल्द ही इस पर पक्का पुल एवं पक्की सड़क बनवाई जाएगी। समय बीत गया लेकिन निर्माण नहीं हो सका। अब जनता के सब्र का बांध टूट गया है। नदी में बाढ़ आने पर पीपा पुल हटा दिया जाता है, जिससे बाढ़ के पानी से चारों तरफ से ग्रामीण घिर जाते हैं और आवागमन ठप हो जाता है। उन्होंने नारायणी नदी भैंसहां घाट पर पीपा पुल के जगह पक्का पुल व सड़क का निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आगामी एक माह में उक्त प्रकरण पर विचार करते हुए कार्य प्रारम्भ नहीं होता है तो हम ग्रामीण नारायणी नदी संघर्ष समिति के बैनर तले रोड नहीं तो वोट नहीं के सिद्धांत पर अमल करते हुए आगामी लोकसभा चुनाव-2024 में मतदान का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। इस दौरान निजामुदीन, दुर्गभान गुप्ता, राम सहाय दुबे, श्यामबदन मौजूद रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों को आज भी नाव से आना-जाना पड़ता है। इसके चलते तमाम तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। पूर्व विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने नारायणी नदी भैसहां घाट पर पीपा पुल का निर्माण कराया था। इस पुल का उद्घाटन करने आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि जल्द ही इस पर पक्का पुल एवं पक्की सड़क बनवाई जाएगी। समय बीत गया लेकिन निर्माण नहीं हो सका। अब जनता के सब्र का बांध टूट गया है। नदी में बाढ़ आने पर पीपा पुल हटा दिया जाता है, जिससे बाढ़ के पानी से चारों तरफ से ग्रामीण घिर जाते हैं और आवागमन ठप हो जाता है। उन्होंने नारायणी नदी भैंसहां घाट पर पीपा पुल के जगह पक्का पुल व सड़क का निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आगामी एक माह में उक्त प्रकरण पर विचार करते हुए कार्य प्रारम्भ नहीं होता है तो हम ग्रामीण नारायणी नदी संघर्ष समिति के बैनर तले रोड नहीं तो वोट नहीं के सिद्धांत पर अमल करते हुए आगामी लोकसभा चुनाव-2024 में मतदान का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। इस दौरान निजामुदीन, दुर्गभान गुप्ता, राम सहाय दुबे, श्यामबदन मौजूद रहे।
विज्ञापन