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Maharajganj News: सावन में 60 फीसदी तक घट गई मांसाहार की मांग, कम हुई प्याज की आवक
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सावन शुरू होते ही चिकन, मटन और मछली की मांग में दर्ज की गई 60 प्रतिशत तक गिरावट
प्याज की थोक आवक 100 टन से घटकर 50 टन प्रतिदिन पहुंची
महराजगंज। सावन का महीना शुरू होते ही मांसाहार बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। सावन में लोगों ने मांसाहार से दूरी बनाई तो इसका सीधा असर चिकन, मटन और मछली के कारोबार पर पड़ने लगा। मांसाहार में ज्यादा इस्तेमाल होने वाले प्याज की बिक्री में भी गिरावट हो गई है।
कारोबारियों की माने तो सावन से पहले जिले में रोजाना करीब 10 से 12 करोड़ रुपये का चिकन, मटन और मछली का कारोबार होता था। वहीं अब बिक्री में करीब 60 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। मांसाहार के साथ सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला प्याज भी सावन के असर से अछूता नहीं है।
सावन से पहले मंडी में प्रतिदिन करीब 100 टन प्याज की आवक होती थी, जो अब घटकर लगभग 50 टन रह गई है। थोक बाजार में प्याज 26 रुपये प्रति किलो और फुटकर बाजार में 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मांसाहार की मांग घटने से होटल, ढाबों और खुदरा दुकानदारों की खरीद भी कम हो गई है, जिससे प्याज की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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बलिया नाला के पास चिकन, मटन और मछली मंडियों में इन दिनों पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिख रही है। अधिकांश दुकानों पर ग्राहक कम पहुंच रहे हैं। कई दुकानदारों ने मांग घटने के कारण खरीद भी कम कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि सावन खत्म होने के बाद ही बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
स्पीकअप
सावन शुरू होने से पहले शहर की 19 दुकानों पर प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये की मछली बिक जाती थी। पहले रोजाना लगभग 10 क्विंटल मछली की खपत होती थी लेकिन अब यह घटकर एक क्विंटल या 50 किलो तक रह गई है। स्थानीय तालाबों और नदियों से ताजा मछली लाकर बेचते हैं लेकिन ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है।
-अजय, मछली विक्रेता
सावन से पहले उनकी दुकान पर रोजाना एक क्विंटल से अधिक मटन बिक जाता था, लेकिन अब हालत यह है कि कई दिनों में 10 किलो मटन भी नहीं बिक पाता। बिक्री कम होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- जावेद, मटन कारोबारी
सावन शुरू होते ही बिक्री में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। पहले एक दुकानदार प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल चिकन बेचता था लेकिन अब यह घटकर 25 से 30 किलो रह गया है। शहर में करीब 50 चिकन की दुकानें हैं और लगभग सभी की स्थिति एक जैसी है। कारोबारियों ने बताया कि कम बिक्री के कारण उन्होंने सप्लाई भी घटा दी है।
- इजहार कुरैशी, चिकन कारोबारी
सावन चढ़ते ही प्याज की बिक्री घट गई है। सावन के पहले 100 टन आता था ,लेकिन अब 50 टन आता है। थोक में 26 रुपया किलो और फुटकर 35 रुपया किलो बिक रहा।
- थोक प्याज विक्रेता, केशव
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प्याज की थोक आवक 100 टन से घटकर 50 टन प्रतिदिन पहुंची
महराजगंज। सावन का महीना शुरू होते ही मांसाहार बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। सावन में लोगों ने मांसाहार से दूरी बनाई तो इसका सीधा असर चिकन, मटन और मछली के कारोबार पर पड़ने लगा। मांसाहार में ज्यादा इस्तेमाल होने वाले प्याज की बिक्री में भी गिरावट हो गई है।
कारोबारियों की माने तो सावन से पहले जिले में रोजाना करीब 10 से 12 करोड़ रुपये का चिकन, मटन और मछली का कारोबार होता था। वहीं अब बिक्री में करीब 60 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। मांसाहार के साथ सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला प्याज भी सावन के असर से अछूता नहीं है।
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सावन से पहले मंडी में प्रतिदिन करीब 100 टन प्याज की आवक होती थी, जो अब घटकर लगभग 50 टन रह गई है। थोक बाजार में प्याज 26 रुपये प्रति किलो और फुटकर बाजार में 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मांसाहार की मांग घटने से होटल, ढाबों और खुदरा दुकानदारों की खरीद भी कम हो गई है, जिससे प्याज की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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बलिया नाला के पास चिकन, मटन और मछली मंडियों में इन दिनों पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिख रही है। अधिकांश दुकानों पर ग्राहक कम पहुंच रहे हैं। कई दुकानदारों ने मांग घटने के कारण खरीद भी कम कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि सावन खत्म होने के बाद ही बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
स्पीकअप
सावन शुरू होने से पहले शहर की 19 दुकानों पर प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये की मछली बिक जाती थी। पहले रोजाना लगभग 10 क्विंटल मछली की खपत होती थी लेकिन अब यह घटकर एक क्विंटल या 50 किलो तक रह गई है। स्थानीय तालाबों और नदियों से ताजा मछली लाकर बेचते हैं लेकिन ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है।
-अजय, मछली विक्रेता
सावन से पहले उनकी दुकान पर रोजाना एक क्विंटल से अधिक मटन बिक जाता था, लेकिन अब हालत यह है कि कई दिनों में 10 किलो मटन भी नहीं बिक पाता। बिक्री कम होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- जावेद, मटन कारोबारी
सावन शुरू होते ही बिक्री में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। पहले एक दुकानदार प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल चिकन बेचता था लेकिन अब यह घटकर 25 से 30 किलो रह गया है। शहर में करीब 50 चिकन की दुकानें हैं और लगभग सभी की स्थिति एक जैसी है। कारोबारियों ने बताया कि कम बिक्री के कारण उन्होंने सप्लाई भी घटा दी है।
- इजहार कुरैशी, चिकन कारोबारी
सावन चढ़ते ही प्याज की बिक्री घट गई है। सावन के पहले 100 टन आता था ,लेकिन अब 50 टन आता है। थोक में 26 रुपया किलो और फुटकर 35 रुपया किलो बिक रहा।
- थोक प्याज विक्रेता, केशव