परसामलिक। नौतनवा तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब एक 65 वर्षीया असहाय विधवा महिला सिंगारी देवी की मर्मस्पर्शी दास्तान अधिकारियों के सामने आई। अपनों की कमी और सिस्टम की अनदेखी के बीच घुट-घुटकर जी रही बुजुर्ग महिला की दयनीय स्थिति देख हर कोई दंग रह गया।
ज्ञापन के जरिए सिंगारी देवी ने प्रशासन को बताया कि वह अकेली है। न उनकी कोई संतान है, और न ही सिर छिपाने के लिए कोई स्थाई ठिकाना। वर्तमान में वह न बेघर हैं, बल्कि उनके पास आय का भी कोई साधन नहीं है। चिंता का विषय यह है कि बुढ़ापे की लाठी कही जाने वाली वृद्धा का पेंशन भी तकनीकी कारणों से बंद है, जिससे उनके सामने जीवन-मरण का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि मानवीय आधार पर महिला को तत्काल अंत्योदय राशन कार्ड मुहैया कराया जाए तथा उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल की जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसे एक छत भी प्रदान किया जाए। साथ ही शारीरिक रूप से बेहद कमजोर और चलने-फिरने में लाचार सिंगारी देवी के लिए उचित चिकित्सा सुविधा की भी अपील की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मौजूद अधिकारियों ने संबंधित विभाग को जांच कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है और भरोसा दिलाया है कि उन्हें जल्द ही सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।