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Maharajganj News: बजट और पोर्टल की अड़चन से 5324 टीबी मरीजों की डीबीटी छह माह से अटकी

Wed, 19 Aug 2026 01:59 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:59 AM IST
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DBT of 5324 TB patients stuck for six months due to budget and portal constraints
सभी मरीजों को डीबीटी की राशि का भुगतान करने के लिए विभाग को तीन करोड़ रुपये की आवश्यकता
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मरीजों को पोषण के प्रतिमाह एक हजार रुपए मिलता है, जनवरी से जून 2026 तक की डीबीटी राशि है बकाया
महराजगंज। टीबी मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की राशि बजट और पोर्टल की तकनीकी अड़चन के कारण अटक गई है। 5324 मरीजों को छह माह से डीबीटी का भुगतान नहीं मिल सका है। इससे मरीजों के सामने पोषण सामग्री खरीदने में परेशानी खड़ी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी मरीजों के भुगतान के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की ओर से हर मरीज को प्रतिमाह एक हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाने का प्रावधान है। छह महीने के उपचार के लिए एक मरीज को कुल छह हजार रुपये मिलते हैं। यह राशि मरीजों के बैंक खाते में भेजी जाती है। लेकिन जनवरी से लेकर जून तक समय से बजट उपलब्ध नहीं होने और पोर्टल की तकनीकी समस्या के चलते बड़ी संख्या में मरीज इस लाभ से वंचित हैं। आम तौर पर इसका भुगतान छह माह पर ही किया जाता है।
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पोर्टल का एकीकरण नहीं होने के कारण समस्या
जिला क्षय रोग विभाग के अनुसार डीबीटी भुगतान की प्रक्रिया में एक और तकनीकी अड़चन सामने आ रही है। निश्चय पोर्टल से एसएनए स्पर्श पोर्टल का एकीकरण नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पोर्टल के स्तर पर समस्या के कारण मरीजों की भुगतान संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
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मरीजों के सामने पोषण लेने में परेशानी
डीबीटी की राशि नहीं मिलने से टीबी मरीजों को इलाज के साथ पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। टीबी के उपचार में दवाओं के साथ पर्याप्त और पौष्टिक भोजन को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए डीबीटी की राशि काफी मददगार साबित होती है। राशि अटकने से मरीजों को अपने स्तर से पोषण सामग्री की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

वर्जन

बजट के अभाव में 5324 टीबी मरीजों की डीबीटी राशि का भुगतान नहीं हो सका है। इसके अलावा निश्चय पोर्टल से एसएनए स्पर्श पोर्टल का एकीकरण नहीं होने से भी भुगतान प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। प्रयास किया जा रहा है। बजट उपलब्ध होने और पोर्टल का एकीकरण होने के बाद लंबित राशि का भुगतान किया जाएगा।
- डॉक्टर वीरेंद्र आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी
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