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Maharajganj News: फोन की डाटा रिकवरी से खुलेगा संदिग्ध अमेरिकी नागरिक जार्डन का राज

Thu, 16 Jul 2026 01:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:54 AM IST
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Data recovery from the phone will reveal the secrets of the suspicious American citizen, Jordan.
11 जुलाई को कर रहा था नेपाल जाने की कोशिश अमेरिकी नागरिक जार्डन ब्राउन
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13 जुलाई की शाम को भेजा गया जिला कारागार, मोबाइल से डाटा रिकवरी का इंतजार कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां
महराजगंज। बिना वैध दस्तावेजों के नेपाल जाने की कोशिश में 11 जुलाई को पकड़े गए अमेरिकी नागरिक जार्डन ब्राउन से 54 घंटे तक पूछताछ हो चुकी है। उसके पास से बरामद दो टूटे स्मार्टफोन की डाटा रिकवरी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 35 फीसदी डाटा रिकवरी में मिले साक्ष्य जार्डन को संदेह के दायरे में खड़ा कर रहे हैं। अभी तक की जांच में उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। वह अमेरिकी सेना से जुड़ा है या खुफिया विंग है। इसकी जांच की जा रही है।
जार्डन ब्राउन सोनौली बाॅर्डर से शनिवार को 22वीं वाहिनी के सुरक्षा दायरे में आने वाले पिलर संख्या 516 (22) के पास पकड़ा गया था। जांच में वीजा पासपोर्ट नहीं मिलने पर एसएसबी की तहरीर पर सोनौली थाने में उसके खिलाफ आव्रजन व विदेश अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस, लोकल इंटेलिजेंस, राज्य व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अलग-अलग समय पर जार्डन से पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियां किसी एक नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है। सूत्रों के अनुसार, जार्डन बेहद शातिर है और तकनीकी जानकारी से समृद्ध है।
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जार्डन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह नेवी सील्स में सैनिक रह चुका है लेकिन इसके बाद की हर बात उसने प्रत्येक जांच एजेंसी को अलग-अलग बताई। लगातार 54 घंटों की पूछताछ में उससे चार लोकल, दो राज्य स्तरीय व एक केंद्रीय एजेंसी ने पूछताछ की लेकिन उसे इस अवधि में न तो नींद ने घेरा और न ही भूख ने परेशान किया। अब पूरी पड़ताल उसके पास से मिले चीनी कंपनी टीसीएल के फोल्डिंग स्मार्टफोन व एक रियलमी कंपनी के फोन डाटा की रिकवरी पर टिकी है। उसके दोनों फोन को पुलिस ने डाटा रिकवरी के लिए लखनऊ की विभागीय प्रयोगशाला में भेजा है।
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एजेंसियों को दे रहा अलग-अलग जानकारी
सूत्रों की मानें तो जार्डन पूछताछ में हर एजेंसी को अलग-अलग जानकारी दे रहा है। किसी जांच एजेंसी को नवंबर 2025 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आने की जानकारी दी तो किसी को थाइलैंड व श्रीलंका होते हुए जल मार्ग से भारत आने के बारे में बताया। केंद्रीय जांच एजेंसी को उसने 70 देशों के भ्रमण की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उससे कोलकाता एयरपोर्ट से मार्च 2026 में धरे गए एक अमेरिकी व छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी मामले को केंद्र बिंदु में रखकर पूछताछ किया है। सूत्रों के अनुसार उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों ने जॉर्डन ब्राउन के किसी जासूसी अभियान में लगे होने या अन्य उद्देश्य लेकर आने के बारे पूछताछ की लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर वापस लौट गई।
फोन तोड़ा गया या टूट गया
जार्डन ब्राउन से मिले दोनों फोन टूटे थे या जार्डन ने खुद को फंसता देख उन्हें जानबूझकर तोड़ा यह तो नहीं पता चला लेकिन टूटे फोन को डाटा रिकवरी के उद्देश्य से राज्य विधि विज्ञान फारेंसिक इकाई को भेजा गया है। लोकल इंटेलिजेंस रिकवरी का अपडेट लगातार ले रही है। अब तक की जानकारी में 35 फीसदी डाटा टीसीएल फोन से रिकवर हुआ। इसमें थ्रीम एप का उपयोग मिला जो स्विट्जरलैंड का पेड एप है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे हुई बातचीत या भेजे गए संदेश की निगरानी सर्वर नहीं कैच कर पाता है। कारण कि मोबाइल नंबर अथवा ईमेल की जगह यह हर बार एक नए रेंडमकोड से संचालित किया जाता है। जांच में लगी टीमों को अब दोनों मोबाइल फोन से रिकवर होकर आने वाली जानकारी का इंतजार है। इसी से जार्डन ब्राउन की वास्तविक पहचान की पुष्टि हो सकेगी और इसी आधार पर सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय अदालत से उसकी अगली रिमांड ले सकेंगी।
परागमन संधि से 17 मार्ग अधिकृत, पहली पसंद सोनौली
भारत-नेपाल के बीच परागामन संधि के तहत कुल 17 मार्ग आवागमन के लिए अधिकृत हैं। इन रास्तों से लोगों को गहन तलाशी के बाद आने-जाने दिया जाता है लेकिन अपराधियों के साथ साथ आतंकियों की पहली पसंद सोनौली बार्डर का रास्ता ही है। यह सीमा यासीन भटकल, अब्दुल करीम टुंडा, जब्बार, जावेद कमाल, वसीम, बब्बर खालसा के सुखविंदर सिंह, भाग सिंह, अजमेर सिंह एवं मुंबई बम कांड के कुख्यात आतंकी टाइगर मेमन के लिए मुफीद रहा है। इस रास्ते के महत्व के बारे में अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कश्मीर में आंतकियों के समक्ष जब आत्म समपर्ण का प्रस्ताव रखा गया तो 90 प्रतिशत आतंकियों ने सोनौली सीमा आत्मसमर्पण के लिए चुनी। गृह मंत्रालय के आंकड़े भी बताते हैं कि पिछले चार साल में तीन सौ से अधिक कश्मीरी आतंकियों ने नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्म समर्पण किया। इनमें से सर्वाधिक ने इसी सोनौली सीमा को चुना।
वर्जन
11 जुलाई को भारतीय क्षेत्र से नेपाल में दाखिल होने की कोशिश कर रहे अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। कई चरणों की पूछताछ में अभी हम उसकी पहचान को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। उसके पास से मिले दो टूटे मोबाइल फोन डाटा रिकवर करने के लिए भेजे गए हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।

- बसंत सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी, महराजगंज
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सोमवार की शाम जिला कारागार में अमेरिकी नागरिक न्यायालय से आया है। उसकी गतिविधि सामान्य कैदियों की तरह ही है। मौजूदा समय में इसे लेकर विदेशी कैदियों की संख्या कारागार में छह हो चुकी है। अधिकतर बिना वीजा व पासपोर्ट मामले में न्यायालय के आदेश पर निरुद्ध हैं।
- बीके गौतम, अधीक्षक जिला कारागार, महराजगंज
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