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Maharajganj News: जिला अस्पताल में तीन दिन से नहीं हो रही सीटी स्कैन जांच, मरीज परेशान
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इनवर्टर पावर कंट्रोल बॉक्स जलने से हुई परेशानी
जिला अस्पताल में निशुल्क है सीटी स्कैन की सुविधा
महराजगंज। तकनीकी खराबी के कारण जिला अस्पताल में सीटी स्कैन जांच तीन दिन से बंद है। जरूरतमंद मरीजों को सीटी स्कैन के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। ऐसे में निशुल्क सुविधा के लिए मरीजों को 1800 से 4000 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है। तीन दिन में जिला अस्पताल से 110 से 120 मरीज बिन जांच कराए लौट चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 30 से 40 मरीजों का सीटी स्कैन किया जाता है। यह सुविधा मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन सीटी मशीन खराब होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। मजबूरी में मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। जहां सीटी स्कैन के लिए 1800 से लेकर 4000 रुपये खर्च करऐ पड़ रहे हैं।
निजी जांच केंद्रों पर सिर का सीटी स्कैन कराने में करीब 1,800 से 2,200 रुपये, सीने का सीटी स्कैन 3,000 से 3,200 रुपये और पेट का सीटी स्कैन 3,500 से 4,000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल की निःशुल्क सेवा बंद होने से मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
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वर्जन
सीटी स्कैन के खराब हुए उपकरण को गुड़गांव से मंगाया गया है। बृहस्पतिवार को उपकरण अस्पताल पहुंच गया। गोरखपुर से आए इंजीनियर मशीन को ठीक करने में जुटे हुए हैं। मरम्मत कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही सेवा बहाल कर दी जाएगी।
-
डॉ. एके द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल महराजगंज
स्पीकअप
जिला अस्पताल में सिर का सीटी स्कैन कराने पहुंची थीं लेकिन मशीन खराब होने की जानकारी मिलने पर निराश लौटना पड़ा। अब जांच के लिए निजी केंद्र जाना पड़ेगा।
- शीला कुमारी, मरीज,निचलौल
पेट का सीटी स्कैन कराना था लेकिन जांच कक्ष के बाहर मशीन खराब होने का बोर्ड लगा मिला। ऐसे में अब निजी अस्पताल से सीटी स्कैन कराना पड़ेगा।
-चंद्रशेखर जायसवाल, मरीज, आजाद नगर वार्ड नंबर-25
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जिला अस्पताल में निशुल्क है सीटी स्कैन की सुविधा
महराजगंज। तकनीकी खराबी के कारण जिला अस्पताल में सीटी स्कैन जांच तीन दिन से बंद है। जरूरतमंद मरीजों को सीटी स्कैन के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। ऐसे में निशुल्क सुविधा के लिए मरीजों को 1800 से 4000 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है। तीन दिन में जिला अस्पताल से 110 से 120 मरीज बिन जांच कराए लौट चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 30 से 40 मरीजों का सीटी स्कैन किया जाता है। यह सुविधा मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन सीटी मशीन खराब होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। मजबूरी में मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। जहां सीटी स्कैन के लिए 1800 से लेकर 4000 रुपये खर्च करऐ पड़ रहे हैं।
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निजी जांच केंद्रों पर सिर का सीटी स्कैन कराने में करीब 1,800 से 2,200 रुपये, सीने का सीटी स्कैन 3,000 से 3,200 रुपये और पेट का सीटी स्कैन 3,500 से 4,000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल की निःशुल्क सेवा बंद होने से मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
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सीटी स्कैन के खराब हुए उपकरण को गुड़गांव से मंगाया गया है। बृहस्पतिवार को उपकरण अस्पताल पहुंच गया। गोरखपुर से आए इंजीनियर मशीन को ठीक करने में जुटे हुए हैं। मरम्मत कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही सेवा बहाल कर दी जाएगी।
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डॉ. एके द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल महराजगंज
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जिला अस्पताल में सिर का सीटी स्कैन कराने पहुंची थीं लेकिन मशीन खराब होने की जानकारी मिलने पर निराश लौटना पड़ा। अब जांच के लिए निजी केंद्र जाना पड़ेगा।
- शीला कुमारी, मरीज,निचलौल
पेट का सीटी स्कैन कराना था लेकिन जांच कक्ष के बाहर मशीन खराब होने का बोर्ड लगा मिला। ऐसे में अब निजी अस्पताल से सीटी स्कैन कराना पड़ेगा।
-चंद्रशेखर जायसवाल, मरीज, आजाद नगर वार्ड नंबर-25