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Maharajganj News: दूर हुई सीटी स्कैन की दिक्कत, जिला अस्पताल में फिर से जांच शुरू
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महराजगंज। जिला अस्पताल में करीब एक महीने से बंद पड़ी सीटी स्कैन जांच सेवा सोमवार से फिर शुरू कर दी गई। नई मशीन से पहले दिन 40 मरीजों का सीटी स्कैन किया गया। करीब एक माह बाद जांच सेवा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब होने के कारण बीते 10 अगस्त से जांच सेवा ठप थी। मशीन खराब होने से अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाने के साथ ही रिपोर्ट के लिए भी इंतजार करना पड़ता था।
सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि नई सीटी स्कैन मशीन करीब 2.70 करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई है। सोमवार को 40 मरीजों की जांच की गई।
सोमवार को सीटी स्कैन कक्ष में सेमरहवा निवासी सोनू, पकड़ी नौनिया निवासी सुधा देवी, छितौना निवासी शहीदा खातून, बागापार निवासी सीमा, कुशीनगर निवासी सरिता और मालती समेत कई मरीजों की जांच की गई। इनमें अधिकांश मरीजों का हेड सीटी स्कैन किया गया जबकि सीमा का कमर का सीटी स्कैन हुआ।
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सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से दुर्घटना में घायल मरीजों, सिर में चोट लगने वाले मरीजों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। चिकित्सकों को समय से जांच रिपोर्ट मिलने से इलाज शुरू करने में भी आसानी होगी।
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जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब होने के कारण बीते 10 अगस्त से जांच सेवा ठप थी। मशीन खराब होने से अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाने के साथ ही रिपोर्ट के लिए भी इंतजार करना पड़ता था।
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सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि नई सीटी स्कैन मशीन करीब 2.70 करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई है। सोमवार को 40 मरीजों की जांच की गई।
सोमवार को सीटी स्कैन कक्ष में सेमरहवा निवासी सोनू, पकड़ी नौनिया निवासी सुधा देवी, छितौना निवासी शहीदा खातून, बागापार निवासी सीमा, कुशीनगर निवासी सरिता और मालती समेत कई मरीजों की जांच की गई। इनमें अधिकांश मरीजों का हेड सीटी स्कैन किया गया जबकि सीमा का कमर का सीटी स्कैन हुआ।
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सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से दुर्घटना में घायल मरीजों, सिर में चोट लगने वाले मरीजों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। चिकित्सकों को समय से जांच रिपोर्ट मिलने से इलाज शुरू करने में भी आसानी होगी।