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छापे में कच्ची शराब के उपकरण जब्त
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:22 AM IST
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फरेन्दा क्षेत्र में पोखरे के किनारे कच्ची शराब भट्ठी तोड़ी गई।
- फोटो : अमर उजाला
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आनंदनगर। जंगल से लकड़ियां काटने की सूचना पर वन-विभाग की छापेमारी में ताल के किनारे शराब बनाने के उपकरण और भट्ठियां व जंगल से काटकर लाई लकड़ी पकड़ी गई। सूत्रों के मुताबिक फरेंदा सर्कल के परगापुर ताल के किनारे बड़े मात्रा में कच्ची शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भी कोई चुनाव समीप आता है तो कच्ची शराब की मांग बढ़ जाती है।
विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद कच्ची शराब कारोबारी दिन-रात एक कर शराब बनाने में लगे हैं। जंगल से पेड़ काट कर शराब बनाने के लिए जलौनी लाई जाने की खबर पर वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह यादव ने छापेपारी की। इस दौरान काफी मात्रा में जलौनी लकड़ी तथा साखू जामुन के बोटे मौके से बरामद किए गए। वहीं वन विभाग की टीम को आते देख कच्ची शराब के कारोबारी मौके से भाग गए।
वनविभाग की टीम ने लकड़ी बरामद कर ली। वहीं क्षेत्राधिकारी फरेंदा ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग नजर रखे तो शराब बनाने वाले वनों का नुकसान नहीं कर पाते। आबकारी इंस्पेक्टर बसंत प्रसाद ने बताया कि समय-समय पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि परगापुर ताल के किनारे कच्ची शराब बनाते हैं और पाउच बनाकर ताल के अंदर प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर रखते हैं।
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विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद कच्ची शराब कारोबारी दिन-रात एक कर शराब बनाने में लगे हैं। जंगल से पेड़ काट कर शराब बनाने के लिए जलौनी लाई जाने की खबर पर वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह यादव ने छापेपारी की। इस दौरान काफी मात्रा में जलौनी लकड़ी तथा साखू जामुन के बोटे मौके से बरामद किए गए। वहीं वन विभाग की टीम को आते देख कच्ची शराब के कारोबारी मौके से भाग गए।
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वनविभाग की टीम ने लकड़ी बरामद कर ली। वहीं क्षेत्राधिकारी फरेंदा ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग नजर रखे तो शराब बनाने वाले वनों का नुकसान नहीं कर पाते। आबकारी इंस्पेक्टर बसंत प्रसाद ने बताया कि समय-समय पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि परगापुर ताल के किनारे कच्ची शराब बनाते हैं और पाउच बनाकर ताल के अंदर प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर रखते हैं।
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