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बैंक से रकम नहीं निकली, शरीर से जान निकल गई
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:49 PM IST
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बैंक में महिला की मौत पर पुलिस कर्मचारी भी पहुंचे।
- फोटो : विनय पांडेय
करेंसी की कमी और बैंक की कागजी औपचारिकताओं में लगने वाला वक्त एक जिंदगी पर भारी पड़ गया। गंभीर बीमार महिला के इलाज के लिए जरूरी रकम निकल पाने से पहले ही बैंक परिसर में उसकी मौत हो गई।
श्यामदेउरवा थाना गेट के सामने स्थित नगर सहकारी बैंक की है। बड़हरा बरईपार निवासी 70 वर्षीय वसीमुन्निशा का बैंक की इसी शाखा में खाता है। काफी समय से बीमार बुजुर्ग महिला का इलाज श्यामदेउरवा के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को डॉक्टरों ने इलाज के लिए महिला के परिजनों से 30 हजार रुपये की मांग की। घरवालों के पास रकम नहीं थी, जिससे वह महिला के खाते से पैसा निकालने के लिए नगर सहकारी बैंक में गए। वहां मैनेजर ने रकम देने से इन्कार करते हुए बीमार वृद्धा को बैंक लाना जरूरी बताया। घर वालों का कहना है कि इलाज का क्रम तोड़कर वसीमुन्निशा को मुश्किल हालात के बीच बैंक लाने के बाद भी खाते से 30 हजार निकालने की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो सकी। बैंकों में करेंसी की कमी और भुगतान की कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने में खासा वक्त लगा और इस दौरान ग्राहकों की भीड़ और गर्मी के बीच लगभग दो घंटे वसीमुन्निशा को बैंक में एक किनारे लिटाए रखा गया। इससे एकाएक तबीयत बिगड़ी और खाते की रकम हाथ आने से पहले ही वसीमुन्निशा ने दम तोड़ दिया।
बैंक से भुगतान में देरी के बीच महिला की मौत से अफरा-तफरी मच गई। घर वालों के हंगामा शुरू कर देने पर श्यामदेउरवा थाने के एसओ रमाकर यादव शाखा में पहुंचे। समझाकर शव के साथ घर वालों को वापस किया। घर वालों ने बैंक प्रबंधन पर भुगतान में आनाकानी करने और कागजी औपचारिकताओं में ज्यादा समय लगाने को महिला की मौत का कारण बताया है। इसके उलट शाखा प्रबंधक विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वृद्धा को अचेत अवस्था में लाया गया था। बोलने और देखने की असमर्थता के कारण भुगतान के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही थीं कि इसी बीच उनकी मौत हो गई।
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रकम निकालने गई महिला बैंक में बेहोश
परतावल। अधिकांश एटीएम खाली होने से बैंक से रकम निकालने के लिए सुबह से लाइन में खड़ी एक महिला दोपहर में गश खाकर बेहोश हो गई। यह घटना हुई श्यामदेउरवा स्थित भारतीय स्टेट बैंक में। जहां बड़हरा बरईपास निवासी 40 वर्षीय राजवुन निशा अपनी बेटी के साथ 16 हजार रुपये खाते से निकालने के लिए सुबह से ही लाइन में लग गई थीं। भीड़ और गर्मी के बीच लंबे समय लाइन में लगे रहने से चक्कर आ गया और वह बैंक परिसर में ही गिर गईं। यह देख बैंक कर्मचारियों ने महिला की बेटी को तुरंत रकम का भुगतान कर बैंक से विदा किया। बेटी का कहना है कि शाखा से बाहर आने तक मां बेहोश हो गईं। सूना देने पर कुछ समय बाद घर वाले पहुंचे और स्थिति बिगड़ती देख उन्हें गोरखपुर मेडिकल कालेज ले गए। शाखा प्रबंधक कमलापति प्रसाद ने बताया कि रविवार की बंदी का अगला दिन होने से शाखा में भीड़ ज्यादा थी। कोशिश रही कि सभी को बिना देरी भुगतान मिल सके।
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श्यामदेउरवा थाना गेट के सामने स्थित नगर सहकारी बैंक की है। बड़हरा बरईपार निवासी 70 वर्षीय वसीमुन्निशा का बैंक की इसी शाखा में खाता है। काफी समय से बीमार बुजुर्ग महिला का इलाज श्यामदेउरवा के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को डॉक्टरों ने इलाज के लिए महिला के परिजनों से 30 हजार रुपये की मांग की। घरवालों के पास रकम नहीं थी, जिससे वह महिला के खाते से पैसा निकालने के लिए नगर सहकारी बैंक में गए। वहां मैनेजर ने रकम देने से इन्कार करते हुए बीमार वृद्धा को बैंक लाना जरूरी बताया। घर वालों का कहना है कि इलाज का क्रम तोड़कर वसीमुन्निशा को मुश्किल हालात के बीच बैंक लाने के बाद भी खाते से 30 हजार निकालने की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो सकी। बैंकों में करेंसी की कमी और भुगतान की कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने में खासा वक्त लगा और इस दौरान ग्राहकों की भीड़ और गर्मी के बीच लगभग दो घंटे वसीमुन्निशा को बैंक में एक किनारे लिटाए रखा गया। इससे एकाएक तबीयत बिगड़ी और खाते की रकम हाथ आने से पहले ही वसीमुन्निशा ने दम तोड़ दिया।
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बैंक से भुगतान में देरी के बीच महिला की मौत से अफरा-तफरी मच गई। घर वालों के हंगामा शुरू कर देने पर श्यामदेउरवा थाने के एसओ रमाकर यादव शाखा में पहुंचे। समझाकर शव के साथ घर वालों को वापस किया। घर वालों ने बैंक प्रबंधन पर भुगतान में आनाकानी करने और कागजी औपचारिकताओं में ज्यादा समय लगाने को महिला की मौत का कारण बताया है। इसके उलट शाखा प्रबंधक विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वृद्धा को अचेत अवस्था में लाया गया था। बोलने और देखने की असमर्थता के कारण भुगतान के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही थीं कि इसी बीच उनकी मौत हो गई।
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रकम निकालने गई महिला बैंक में बेहोश
परतावल। अधिकांश एटीएम खाली होने से बैंक से रकम निकालने के लिए सुबह से लाइन में खड़ी एक महिला दोपहर में गश खाकर बेहोश हो गई। यह घटना हुई श्यामदेउरवा स्थित भारतीय स्टेट बैंक में। जहां बड़हरा बरईपास निवासी 40 वर्षीय राजवुन निशा अपनी बेटी के साथ 16 हजार रुपये खाते से निकालने के लिए सुबह से ही लाइन में लग गई थीं। भीड़ और गर्मी के बीच लंबे समय लाइन में लगे रहने से चक्कर आ गया और वह बैंक परिसर में ही गिर गईं। यह देख बैंक कर्मचारियों ने महिला की बेटी को तुरंत रकम का भुगतान कर बैंक से विदा किया। बेटी का कहना है कि शाखा से बाहर आने तक मां बेहोश हो गईं। सूना देने पर कुछ समय बाद घर वाले पहुंचे और स्थिति बिगड़ती देख उन्हें गोरखपुर मेडिकल कालेज ले गए। शाखा प्रबंधक कमलापति प्रसाद ने बताया कि रविवार की बंदी का अगला दिन होने से शाखा में भीड़ ज्यादा थी। कोशिश रही कि सभी को बिना देरी भुगतान मिल सके।