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शुरू न हो सका बंधे की मरम्मत का कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:47 AM IST
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ठोकर मारतीं नदी की ऊफनाती लहरें।
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निचलौल। नेपाल से निकलने वाली चंदन नदी का उफान थमने का नाम नही ले रहा है। दो स्थानों पर बांध को तोड़ बाढ़ का पानी आधा दर्जन गांवों को अपनी जद में ले लिया है। हजारों एकड़ फसल जलमग्न है। बाढ़ में घिरे गांवों के लोगों को अब तक कोई राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। निरीक्षणों का क्रम जारी है लेकिन टूटे बंधे को बांधने का अब तक कोई ठोस उपाय शुरू नहीं हो सका है। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है।
बता दें कि बीते बृहस्पतिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते उफनाई चंदन नदी ने शुक्रवार की शाम ग्राम बोदना के बसहा टोले के निकट करीब तीस मीटर व ग्राम सुकरहर में करीब 9 मीटर बांध को एक झटके में तोड़ दिया था। इसके चलते बोदना सुकरहर, बकुलडीहां कटखोर व मैरी आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। सड़कों पर एक से डेढ़ फुट पानी बह रहा है। फसलें जलमग्न हैं। सब्जी और तिलहन फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है।
दो दिनों में कमिश्नर से डीएम और एसडीओ तक ने हालात का जायजा लिया और बंधे के मरम्मत की बात कही लेकिन रविवार को भी बंधे पर काम शुरू न होने से लोगों में आक्रोश है। गांव के रवींद्र चौहान, अशोक, अमर सिंह, मगरावती देवी, सुभावती चांदनी, शारदा देवी, राजेंद्र, भगेलू और रमेश आदि ने जिला प्रशासन से तत्काल बंधे के कटान को रोकने व क्षतिग्रस्त बांध को ठीक कराकर बाढ़ से निजात दिलाने की मांग की है।
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बता दें कि बीते बृहस्पतिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते उफनाई चंदन नदी ने शुक्रवार की शाम ग्राम बोदना के बसहा टोले के निकट करीब तीस मीटर व ग्राम सुकरहर में करीब 9 मीटर बांध को एक झटके में तोड़ दिया था। इसके चलते बोदना सुकरहर, बकुलडीहां कटखोर व मैरी आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। सड़कों पर एक से डेढ़ फुट पानी बह रहा है। फसलें जलमग्न हैं। सब्जी और तिलहन फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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दो दिनों में कमिश्नर से डीएम और एसडीओ तक ने हालात का जायजा लिया और बंधे के मरम्मत की बात कही लेकिन रविवार को भी बंधे पर काम शुरू न होने से लोगों में आक्रोश है। गांव के रवींद्र चौहान, अशोक, अमर सिंह, मगरावती देवी, सुभावती चांदनी, शारदा देवी, राजेंद्र, भगेलू और रमेश आदि ने जिला प्रशासन से तत्काल बंधे के कटान को रोकने व क्षतिग्रस्त बांध को ठीक कराकर बाढ़ से निजात दिलाने की मांग की है।
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