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ट्रैक टूटने से हड़कंप, मरम्मत कराई
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:31 AM IST
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लक्ष्मीपुर में टूटे रेलवे ट्रैक को बदलते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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लक्ष्मीपुर।रेलवे स्टेशन लक्ष्मीपुर के दक्षिणी आउटर के पास ट्रैक के क्षति ग्रस्त होने को लेकर रविवार को खबर छपते ही रेलवे प्रशासन में सकते में आ गया। आनन-फानन में क्षतिग्रस्त ट्रैक को भी बदल दिया गया। लेकिन सवाल तो तब उठने लगा जब पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के जन संपर्क अधिकारी ने दो तरफा बयान दे डाला।
उन्होंने एक तरफ यह कहा कि यात्री संरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाता। वहीं यह भी कहा कि ट्रैक में फ्रैक्चर नहीं है। उस पर अब भी 110 किमी की गति से ट्रेन दौड़ सकती है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने व ट्रैक को जल्द दुरूस्त कराने को भी कहा। यात्री संरक्षा को लेकर शनिवार को अपर मंडल प्रबंधक रेलवे लक्ष्मीपुर स्टेशन पर पहुंचे। जहां उन्होंने ट्रैक पर पैदल चलकर क्रासिंग, ट्रैक, पटरी के साथ ही स्टेशन परिसर का भी निरीक्षण किया।
जहां यात्रियों की सुविधाओं के खस्ताहाल होने के साथ ही आउटर के पास ही ट्रैक का क्षतिग्रस्त होना उनके लिए यात्री सुरक्षा के लिए अहम् नहीं था। लिहाजा वह इन खामियों पर कुछ बोलने के बजाय सबकुछ ठीक होने की पुष्टि करते रहे।जिसे लेकर कुछ यात्रियों द्वारा शिकायत भी किया गया। लेकिन उसे एडीआरएम ने दरकिनार कर दिया। रविवार के अंक में संबंधित खबर छपते ही रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। लिहाजा रविवार को ही आनन फानन में क्षतिग्रस्त ट्रैक को बदल दिया गया। लेकिन बड़ा सवाल तो तब खड़ा हो गया। जब एक तरफ टूटा ट्रैक बदला गया। तो दूसरी तरफ पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी आलोक कुमार कई दावे करने लगे।
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वह पहले तो यात्री संरक्षा में कोई समझौता नहीं किए जाने की बात कहते हुए ट्रैक को फ्रैक्चर नहीं होने और उस पर 110 किमी की गति से ट्रेन दौड़ने का दावा कर दिए। लेकिन कुछ ही देर में मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने व उसे जल्द सही कराने की बात कही। फिलहाल रविवार को ही ट्रैक को ठीक करा दिया गया।
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उन्होंने एक तरफ यह कहा कि यात्री संरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाता। वहीं यह भी कहा कि ट्रैक में फ्रैक्चर नहीं है। उस पर अब भी 110 किमी की गति से ट्रेन दौड़ सकती है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने व ट्रैक को जल्द दुरूस्त कराने को भी कहा। यात्री संरक्षा को लेकर शनिवार को अपर मंडल प्रबंधक रेलवे लक्ष्मीपुर स्टेशन पर पहुंचे। जहां उन्होंने ट्रैक पर पैदल चलकर क्रासिंग, ट्रैक, पटरी के साथ ही स्टेशन परिसर का भी निरीक्षण किया।
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जहां यात्रियों की सुविधाओं के खस्ताहाल होने के साथ ही आउटर के पास ही ट्रैक का क्षतिग्रस्त होना उनके लिए यात्री सुरक्षा के लिए अहम् नहीं था। लिहाजा वह इन खामियों पर कुछ बोलने के बजाय सबकुछ ठीक होने की पुष्टि करते रहे।जिसे लेकर कुछ यात्रियों द्वारा शिकायत भी किया गया। लेकिन उसे एडीआरएम ने दरकिनार कर दिया। रविवार के अंक में संबंधित खबर छपते ही रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। लिहाजा रविवार को ही आनन फानन में क्षतिग्रस्त ट्रैक को बदल दिया गया। लेकिन बड़ा सवाल तो तब खड़ा हो गया। जब एक तरफ टूटा ट्रैक बदला गया। तो दूसरी तरफ पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी आलोक कुमार कई दावे करने लगे।
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वह पहले तो यात्री संरक्षा में कोई समझौता नहीं किए जाने की बात कहते हुए ट्रैक को फ्रैक्चर नहीं होने और उस पर 110 किमी की गति से ट्रेन दौड़ने का दावा कर दिए। लेकिन कुछ ही देर में मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने व उसे जल्द सही कराने की बात कही। फिलहाल रविवार को ही ट्रैक को ठीक करा दिया गया।