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तेंदुआ आने की आशंका में सहमे शहर के लोग

Fri, 06 Jan 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
अमर उजाला ब्यूराे Updated Fri, 06 Jan 2017 12:17 AM IST
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people became panic
लघु सिंचाई विभाग के गोदाम परिसर में पंजे के निशान देखते लोग। - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे लघु सिंचाई विभाग के केंद्रीय भंडार गृह में जंगली जानवर के पदचिह्न दिखने से आसपास के लोगों में तेंदुए के शक से हड़कंप मच गया। वन विभाग के लोग जंगली जानवर के निशान तो मान रहे हैं, लेकिन, तेंदुआ होने से इन्कार कर रहे हैं। रेंजर जानवर का नाम भी नहीं बता पा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में तेंदुआ आने की आशंका में लोग सहमे हुए हैं।
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लघु सिंचाई  कार्यालय में मौजूद कर्मचारी जाकीर अली ने बताया कि भोर में तीन बजे के करीब दरवाजे पर जानवर के पंजा मारने की आवाज से उनकी नींद टूट गई। अंदर से आवाज दी मगर कोई जवाब नहीं आया। कुछ देर के बाद कमरे की लाइट जला कर और टार्च लेकर दरवाजा खोला तो कोई बाहर नहीं दिखा। घर के बाहर चारों तरफ भी कोई नहीं दिखा। उसके बाद वह कमरे में जा कर सो गया। 
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सुबह छह बजे दूसरे साथी सुरेंद्र यादव शौच के लिए बागवानी की ओर गए तो खेत में अजीब निशान दिखे। उन्होंने जाकीर अली को जगा कर इसकी जानकारी दी। सुरेंद्र यादव और जाकीर अली ने ऐसे निशान को लगभग सौ मीटर की दूरी तक दिखाई देने की बात कही। उन्होंने बताया कि घर के पीछे साग-सब्जी की बुआई हुई है। उसमें पानी चलने से मिट्टी पर पैर के निशान स्पष्ट थे। इसकी सूचना उन्होंने तुरंत पकड़ी जंगल के रेंजर ओपी मिश्रा को दी। 
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उन्होंने बताया कि क्षेत्र के वन दरोगा विजय शर्मा और अन्य को मौके पर भेज कर जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि जानवर के पैर के निशान तो हैं मगर तेंदुए का नहीं, किसी दूसरे जानवर के  हैं। हालांकि उन्होंने जानवर का नाम बता पाने में असमर्थता जताई। केंद्रीय भंडार कार्यालय में रहने वाले लघु सिंचाई विभाग के दो कर्मचारी जाकीर अली और सुरेंद्र यादव दहशत में हैं। 

इसकी बात पूरे मुख्यालय में आग की तरह फैल गई है। जिससे उस कार्यालय के अगल बगल डीएम कार्यालय, आवास, एडीएम, सीडीओ, एसडीएम, एसपी आवास, कार्यालय व विकास भवन के अलावा दीवानी न्यायालय परिसर व जिला जज आवास भी है। लघु सिंचाई विभाग के केंद्रीय भंडार के बगल में ऑफिसर्स कालोनी स्थित है। 


वहां 10-12 जिला स्तरीय अधिकारियों के भी आवास हैं। वे भी तेंदुए की आशंका में सहमे हुए हैं। वहीं पकड़ी रेंजर ओपी मिश्रा का कहना है कि तेंदुए के पैर के निशान नहीं हैं। किसी दूसरे जानवर का निशान है। अन्य लोगों का कहना है कि गोदाम में घनी झाड़ियों के बीच में कोई जंगली जानवर है, जिससे तमाम पक्षियां मंडरा रही हैं। 
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