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तेंदुए के हमले में एक की मौत, दो गंभीर
महराजगंज / अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:26 AM IST
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रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में तेंदुए की सक्रियता और दहशत न सिर्फ दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही बल्कि पनियरा इलाके में तेंदुए के हमले से एक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर हैं।
तेंदुए का शिकार बने सुचितपुर बघौना के 45 वर्षीय चिरंजीव गुप्ता। सुबह करीब छह बजे वह दरबारी गुप्ता (55) के साथ खेतों की तरफ निकले थे। रोहिन के किनारे अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने हमला कर दिया। उनके चिल्लाने पर आसपास से लोग दौड़े तो तेंदुआ भाग गया, हालांकि रास्ते में उसके हमलावर तेवर से निर्मला देवी (55) भी जख्मी हो गईं। पीएचसी के बाद घायलों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिंरजीव की मौत हो गई। एक दिन पहले श्यामदेउरवां क्षेत्र में तेंदुए के हमले में 10 लोग घायल हो गए थे।
वन विभाग की सक्रियता पर भारी तेंदुए की फुर्ती
पनियरा थाना क्षेत्र में बुधवार से व्याप्त हुए तेंदुए के खौफ से कई गांवों के लोग दूसरे दिन भी नहीं उबर सके। बृहस्पतिवार को तेंदुए के हमले से घायल हुए तीन लोगों से सुचितपुर बघौना के चिरंजीव गुप्ता की जान चली गई तो दरबारी गुप्ता और निर्मला देवी गंभीर स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे हैं।
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तेंदुए के जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग के एसडीओ अजय स्वरूप पांडेय मौके पर पहुंचे। जमीन पर पंजे के निशान देख पहले कुछ लोगों ने बाघ होने की शंका जताई लेकिन वन विभाग ने इसे तेंदुए के पंजे का निशान ही माना। वन विभाग का कहना है कि तेंदुए की तलाश की जा रही है, हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसी कोई कवायद नजर न आने से लोगों में डर और गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए जानलेवा हमले की जानकारी के काफी देर बाद वन विभाग की टीम पहुंची। इसके अलावा पनियारा इलाके में कहीं पिंजरा आदि लगाकर तेंदुआ पकड़ने की कोशिश देखने को नहीं मिली। ऐसी ही स्थिति श्यामदेउरवां के उन इलाकों की है, जहां एक दिन पहले तेंदुए के हमले से 10 घायल हो चुके हैं।
खुले में शौच पर भी सवाल
खुले में शौच रोकने के लिए जहां सरकारी स्तर से लंबे समय से कवायद चल रही है, वहीं पनियारा क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक की जान जाने और दो दिन में जिले के कई लोग तेंदुए के हमले में घायल होने के बाद से ग्रामीणों के बीच भी खुले में शौच से सुरक्षा को खतरे का मुद्दा चर्चा में आने लगा है। सुबह तेंदुए के हमले की चपेट में आए सुचितपुर बघौना के चिरंजीव गुप्ता और दरबारी गुप्ता भी रोहिन के किनारे शौच के लिए गए थे और उसी दौरान तेंदुए ने हमला किया था। पूर्व में खुले में शौच के दौरान सांप डसने तथा अन्य कई घातक घटनाओं से सामना होने के भी कई उदाहरण दर्ज हैं।
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तेंदुए का शिकार बने सुचितपुर बघौना के 45 वर्षीय चिरंजीव गुप्ता। सुबह करीब छह बजे वह दरबारी गुप्ता (55) के साथ खेतों की तरफ निकले थे। रोहिन के किनारे अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने हमला कर दिया। उनके चिल्लाने पर आसपास से लोग दौड़े तो तेंदुआ भाग गया, हालांकि रास्ते में उसके हमलावर तेवर से निर्मला देवी (55) भी जख्मी हो गईं। पीएचसी के बाद घायलों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिंरजीव की मौत हो गई। एक दिन पहले श्यामदेउरवां क्षेत्र में तेंदुए के हमले में 10 लोग घायल हो गए थे।
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वन विभाग की सक्रियता पर भारी तेंदुए की फुर्ती
पनियरा थाना क्षेत्र में बुधवार से व्याप्त हुए तेंदुए के खौफ से कई गांवों के लोग दूसरे दिन भी नहीं उबर सके। बृहस्पतिवार को तेंदुए के हमले से घायल हुए तीन लोगों से सुचितपुर बघौना के चिरंजीव गुप्ता की जान चली गई तो दरबारी गुप्ता और निर्मला देवी गंभीर स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे हैं।
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तेंदुए के जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग के एसडीओ अजय स्वरूप पांडेय मौके पर पहुंचे। जमीन पर पंजे के निशान देख पहले कुछ लोगों ने बाघ होने की शंका जताई लेकिन वन विभाग ने इसे तेंदुए के पंजे का निशान ही माना। वन विभाग का कहना है कि तेंदुए की तलाश की जा रही है, हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसी कोई कवायद नजर न आने से लोगों में डर और गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए जानलेवा हमले की जानकारी के काफी देर बाद वन विभाग की टीम पहुंची। इसके अलावा पनियारा इलाके में कहीं पिंजरा आदि लगाकर तेंदुआ पकड़ने की कोशिश देखने को नहीं मिली। ऐसी ही स्थिति श्यामदेउरवां के उन इलाकों की है, जहां एक दिन पहले तेंदुए के हमले से 10 घायल हो चुके हैं।
खुले में शौच पर भी सवाल
खुले में शौच रोकने के लिए जहां सरकारी स्तर से लंबे समय से कवायद चल रही है, वहीं पनियारा क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक की जान जाने और दो दिन में जिले के कई लोग तेंदुए के हमले में घायल होने के बाद से ग्रामीणों के बीच भी खुले में शौच से सुरक्षा को खतरे का मुद्दा चर्चा में आने लगा है। सुबह तेंदुए के हमले की चपेट में आए सुचितपुर बघौना के चिरंजीव गुप्ता और दरबारी गुप्ता भी रोहिन के किनारे शौच के लिए गए थे और उसी दौरान तेंदुए ने हमला किया था। पूर्व में खुले में शौच के दौरान सांप डसने तथा अन्य कई घातक घटनाओं से सामना होने के भी कई उदाहरण दर्ज हैं।