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आजम खां का पुतला जलाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:31 AM IST
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सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिरूद्व प्रसाद पटेल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने आजम खां के विवादित बयानों को लेकर मंत्री आजम खां का पुतला जलाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां का पुतला जलाया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा। उसमें बुलंदशहर हाइवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की घटना पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां के बयानों को बेहद बचकाना और निंदनीय कहा।
अधिवक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार के मंत्रियों द्वारा एक के बाद एक असंवेदनशील और गैर जिम्मेदाराना बयानों से सरकार की छवि धूमिल होने लगी है। अधिवक्ताओं ने कहा कि गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर कैबिनेट मंत्री आजम खां का यह कहना कि सरकार को बदनाम करने के लिए यह विपक्ष की साजिश लगती है, निहायत ही पीड़ादायक है।
आजम का यह कहना कि विपक्ष वोट के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकता है। उनका यह बयान उनकी असंवेदनशीलता तथा घृणित मानसिकता को ही दर्शाता है। अगर सपा नेतृत्व इसके बाद भी आजम खां को मंत्रिमंडल से निष्कासित नहीं करता है तो इसका मतलब यह है कि इस बयान में उनकी भी सहमति है।
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अधिवक्ताओं ने राज्यपाल से सरकार के मंत्रियों के आचरण और वाणी पर नियंत्रण लगाने की मांग की। इस मौके पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल, सूर्यबली चौधरी, रामनिवास गुप्ता, सुनील कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार सिंह संतोष कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार के मंत्रियों द्वारा एक के बाद एक असंवेदनशील और गैर जिम्मेदाराना बयानों से सरकार की छवि धूमिल होने लगी है। अधिवक्ताओं ने कहा कि गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर कैबिनेट मंत्री आजम खां का यह कहना कि सरकार को बदनाम करने के लिए यह विपक्ष की साजिश लगती है, निहायत ही पीड़ादायक है।
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आजम का यह कहना कि विपक्ष वोट के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकता है। उनका यह बयान उनकी असंवेदनशीलता तथा घृणित मानसिकता को ही दर्शाता है। अगर सपा नेतृत्व इसके बाद भी आजम खां को मंत्रिमंडल से निष्कासित नहीं करता है तो इसका मतलब यह है कि इस बयान में उनकी भी सहमति है।
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अधिवक्ताओं ने राज्यपाल से सरकार के मंत्रियों के आचरण और वाणी पर नियंत्रण लगाने की मांग की। इस मौके पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल, सूर्यबली चौधरी, रामनिवास गुप्ता, सुनील कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार सिंह संतोष कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।