एआरटीओ कक्ष में ताला जड़ा
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समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव कार्यकर्ताओं के साथ बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े दस बजे एआरटीओ आफिस पहुंचे तो देखे की एआरटीओ के कक्ष में ताला बंद है और एक दो कर्मचारी ही आए थे। वे 11.30 बजे तक वहीं उनका इंतजार करते रहे लेकिन एआरटीओ नहीं पहुंचे। इससे उनका गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। वे अपने साथ ले गए ताला एआरटीओ के कमरे में जड़ दिया और चाबी एडीएम कृपाशंकर पांडेय को सौंप दी। इससे आफिस में अफरातफरी मच गई। कुछ देर तक कार्य भी प्रभावित रहा।
जितेंद्र का कहना है कि एआरटीओ एसपी श्रीवास्तव शासन की मंशा के विपरीत कार्य कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि वाहन चेकिंग के नाम पर भी भारी धनउगाही के लिए लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बिना पैसे के इस आफिस में कोई कार्य नहीं हो रहा है। रकम न देने पर लोगों को वापस कर दिया जाता है। आरोप लगाया कि हर महीने से दस से बीस हजार रुपये लेकर रोडवेज से डग्गामार वाहनों को छूट दी जाती है।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार अधिकारियों को सुबह दस से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठना है लेकिन एआरटीओ महीने में एक से दो बार बैठते हैं। धन उगाही के चक्कर में शाम पांच बजे के बाद कर्मचारियों के साथ बैठते हैं। जितेंद्र ने कहा कि 18 जुलाई को मुख्यमंत्री छात्र सभा की मीटिंग लेंगे। उसमें एआरटीओ की करतूतों को बताया जाएगा। इस दौरान उपाध्यक्ष अभिषेक राय, आशीष जायसवाल, मणिकांत द्विवेदी उर्फ लहरी बाबा, विजय अग्रहरि, पवन यादव, अभिषेक पांडेय आदि कार्यकर्ता थे।