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नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:17 AM IST
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नियुक्ति पत्र के लिए डीएम आफिस पहुंचे अभ्यर्थी।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति पत्र में हीलाहवाली से गुस्साए अभ्यर्थी डीएम से मिलने उनके दफ्तर पहुंच गए। डीएम के कोर्ट में होने के कारण एसडीएम को ज्ञापन देकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। उनका आरोप था कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की लापरवाही से शुक्रवार को नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका।
प्रदेश में 16448 प्राथमिक सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 16, 17 और 24 अगस्त को डायट पर काउंसिलिंग कराई गई। शुक्रवार को डीएम आफिस पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। काउंसिलिंग के बाद भी कट ऑफ लिस्ट नहीं जारी की गई। जबकि अन्य जनपदों में कट ऑफ जारी कर दिया गया है।
नियुक्ति पत्र भी दिए जा रहे हैं। शासनादेश के अनुसार शुक्रवार को सभी जिलों में नियुक्ति पत्र दिया जाना था। लेकिन यहां शासनादेश का मतलब नहीं है। जब अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा अधिकारी जावीद से मिले तो उन्होंने लिपिक से मिलने की बात कही। बताया जा रहा है कि कुल 441 अभ्यर्थी हैं। आरोप है कि नियुक्ति पत्र के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से दस हजार रुपये तक मांग की जा रही है।
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यही कारण है कि नियुक्ति पत्र के लिए टाल मटोल किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो वे सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से पन्ने लाल, अभिनव पटेल, आशा वर्मा, मनीषा गुप्ता, निधि ओझा, मोनिका सोनी, पुनीता, रंजीता गुप्ता, रुद्र कुमारी पटेल, आकाश वर्मा शामिल थे।
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प्रदेश में 16448 प्राथमिक सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 16, 17 और 24 अगस्त को डायट पर काउंसिलिंग कराई गई। शुक्रवार को डीएम आफिस पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। काउंसिलिंग के बाद भी कट ऑफ लिस्ट नहीं जारी की गई। जबकि अन्य जनपदों में कट ऑफ जारी कर दिया गया है।
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नियुक्ति पत्र भी दिए जा रहे हैं। शासनादेश के अनुसार शुक्रवार को सभी जिलों में नियुक्ति पत्र दिया जाना था। लेकिन यहां शासनादेश का मतलब नहीं है। जब अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा अधिकारी जावीद से मिले तो उन्होंने लिपिक से मिलने की बात कही। बताया जा रहा है कि कुल 441 अभ्यर्थी हैं। आरोप है कि नियुक्ति पत्र के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से दस हजार रुपये तक मांग की जा रही है।
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यही कारण है कि नियुक्ति पत्र के लिए टाल मटोल किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो वे सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से पन्ने लाल, अभिनव पटेल, आशा वर्मा, मनीषा गुप्ता, निधि ओझा, मोनिका सोनी, पुनीता, रंजीता गुप्ता, रुद्र कुमारी पटेल, आकाश वर्मा शामिल थे।