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खलीलाबाद में मार्ग दुर्घटना में सिपाही की मौत पर मचा कोहराम

Mon, 28 Aug 2017 12:29 AM IST
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:29 AM IST
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खलीलाबाद में मार्ग दुर्घटना में सिपाही की मौत पर मचा कोहराम
ठूठीबारी। रविवार को खलीलाबाद में 100 नंबर पर तैनात एक सिपाही की ड्यूटी से रूम पर आते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। जैसे ही परिजनों को जानकारी हुआ तो घर में कोहराम मच गया। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्रामसभा चटियां निवासी राधेश्याम पाठक के 30 वर्षीय पुत्र राघवेंद्र कुमार पाठक उर्फ सोनू पाठक 2006 में यूपीपी में भर्ती हुए थे। खलीलाबाद में यूपी-100 वाहन से रविवार की सुबह ड्यूटी देकर रूम पर बाइक से आते समय रास्ते में ही दूसरे बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल राघवेंद्र को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी परिजनों को पास के ही गांव के एक सिपाही ने फोन से इसकी जानकारी दी जैसे ही राघवेंद्र की मौत की सूचना परिजनों को हुआ तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों के रोने की दहाड़ सुन पूरे गांव के लोगों का हुजूम राघवेंद्र के घर उमड पडा। वही शव लेने के लिये आनन फानन में परिवार के लोग खलीलाबाद बाद के लिए रवाना हो गए।
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घर का दुलरा था सोनू उर्फ राघवेंद्र
ठूठीबारी। रविवार की सुबह राघवेंन्द्र पाठक की मौत की खबर जब परिजनों को हुआ तो परिवार के लोगों पर वज्रपात हो गया। बदहवास परिजन छाती पीटने लगे। राधेश्याम पाठक के तीन पुत्रों में राघवेंद्र कुमार पाठक उर्फ सोनू दूसरे नंबर के पुत्र थे। सबसे बडे़ शिवेंद्र पाठक, तीसरे त्रिभुवन पाठक तथा चौथे नंबर की लड़की पल्लवी पाठक है। चंचल स्वभाव के कारण परिजन प्यार से राघवेंद्र को सोनू कह कर पुकारते थे। होनहार व व्यवहार कुशल होने के कारण गांव के लोग भी इन्हें सोनू बाबू कहते थे। इनकी शादी 2004 में निचलौल निवासी प्रदीप मिश्रा की लड़की रिचा पाठक से हुई थी।
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भागवत में शामिल होने का सपना रह गया अधूरा
ठूठीबारी। राघवेंद्र के घरवालों ने पंचमुखी शिवमंदिर इटहियां में 31 अगस्त और गांव के ही डिहबाबा के स्थान पर 1 सितंबर को कथा का आयोजन किया था। उस मौके पर राघवेंद्र छुट्टी लेकर अपनी पत्नी और बच्ची के साथ चटियां आने वाले थे। लेकिन विधि के विधान को कौन जानता है की घर में खुशी की जगह मातम हो जाएगा।
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पंखुड़ी के सिर से हट गया पिता का साया
ठूठीबारी। रक्षाबंधन पर्व में राघवेंद्र इकलौती बहन पल्लवी से राखी बंधवाने घर आए थे। अपनी पत्नी रिचा पाठक व डेढ़ वर्षीय एकलौती पुत्री पंखुड़ी को अपने साथ खलीलाबाद रूम लेकर रहने लगे। राघवेंद्र की मंशा थी कि 27अगस्त को ड्यूटी से आने के बाद पत्नी को लेकर घर के लिए निकलते लेकिन ऊपर वाले को उस परिवार में खुशी मंजूर नहीं हुई और सड़क हादसे में राघवेंद्र की मौत हो गई। छोटी सी बच्ची को गोदी में लिए पत्नी रिचा रोते-रोते बेहोश हो जा रही हैं।
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