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लाइसेंसी पिस्टल से प्रापर्टी डीलर ने खुद को गोली से उडाया
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:36 AM IST
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महराजगंज। जमीन के कारोबार में बड़ी रकम फंस जाने से परेशान सिविल लाइंस मुहल्ला निवासी प्रापर्टी डीलर ज्योतिष उर्फ संदीप जायसवाल (36) ने बुधवार-बृहस्पतिवार की रात तीन बजे के करीब लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली से उड़ा लिया। गोली की आवाज सुनकर कमरे में पहुंची पत्नी ऋतु जायसवाल बेहोश हो गईं। होश में आने पर शिवनगर में रहने वाले अपने अरविंद जायसवाल को फोन किया। घटना की सूचना मिलते ही कुछ ही समय में शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। बृहस्पतिवार सुबह पहुंची पुलिस ने पिस्टल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मूलरूप से पनियरा के रहने वाले संदीप के माता-पिता का काफी पहले निधन हो चुका है। तीन भाइयों में संदीप सबसे छोटे थे। बडे़ भाई सुरेशचंद्र पनियरा गांव में रहते हैं। मझले भाई शैलेश चंद्र जायसवाल मुंबई में रहते हैं।
वर्ष 2004 में कारोबार के सिलसिले में महराजगंज आए संदीप ने पीजी कॉलेज के सामने मोबाइल की दुकान खोली। इस कारोबार में ठीक-ठाक कमाई हुई तो रोडवेज बस स्टेशन के पीछे सिविल लाइंस मुहल्ले में मकान बनवाया।इसके बाद जमीन का कारोबार करने लगे। उनका यह धंधा भी चल निकला। इसके बाद संदीप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बलिया नाला पुल से पहले गद्दे का शो-रूम भी खोला। शो-रूम के कर्मचारी तलहा और अख्तर भी इनके घर ही रहते हैं। घटना के समय घर पर पत्नी ऋतु जायसवाल, बेटा अंश (06), बेटी सिद्धी (04) एक साल का बेटा अंचित के अलावा संदीप की दुकान पर काम करने वाले कर्मी तलहा और अख्तर भी घर में सोए हुए थे।
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बताया गया कि बुधवार शाम जमीन कारोबार से जुडे़ एक शख्स के पास फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह और परेशान हो गए। रात को बस स्टेशन की ओर से टहल कर आए और भोजन कर सो गए। रात करीब तीन बजे गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी ऋतु जायसवाल कमरे में पहुंचीं तो खून से लथपथ पति का शव देख बेहोश हो गईं। गोली संदीप की कनपटी पर लगी थी। कुछ देर बाद होश आने पर ऋतु ने अपने भांजे को फोन कर जानकारी दी। सीओ सदर एमपी सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ के लिए दुकान पर काम करने वाले दो कर्मियों को लाया गया था। साथ ही लाइसेंसी पिस्टल, मोबाइल और गोली को कब्जे में ले लिया गया है।
जमीन में रकम फंसी तो संदीप का बढ़ा मानसिक तनाव
महराजगंज। पिपरा कल्याण के रहने वाले संदीप के मित्र मणिकांत भी मौके पर पहुंचे। बोले कि संदीप का अचानक ऐसा कदम उठा लेना समझ में नहीं आ रहा है। उनके जैसा खुश मिजाज शख्स ऐसे टूट जाएगा। यह कभी सोचा न था। यह कहते हुए मणिकांत फफक पडे़। बोले कि जमीन के कारोबार में संदीप की काफी पूंजी लगी थी। नोटबंदी के पहले जमीन ली गई थी, लेकिन उसकी बिक्री नहीं हुई लिहाजा मोटी रकम फंस गई थी। ऐसे में वह बीते कई माह से परेशान थे। जमीन में फंसी पूंजी को निकालने के चक्कर में वह डिप्रेशन को शिकार हो गए।
सरल स्वभाव के रहम दिल इंसान थे संदीप
महराजगंज। मृतक संदीप के मित्र बृजमोहन आंसू पोंछते हुए बोले कि अब तो संदीप की यादें बची हैं। असंभव शब्द तो वह जानता ही नहीं था। चुनौतियों का सामना करना उनकी आदत थी। गद्दे का शो-रूम को खोलने के दौरान पूंजी की कमी आडे़ आई थी, लेकिन उसने जुगाड़ कर लिया। कोई भी व्यक्ति संदीप से अपनी समस्या बताता था तो वह तुरंत उसकी मदद करते थे। सोनू निगम भी संदीप के सरल स्वभाव का जिक्र करते हुए रो पडे़। जमीन कारोबार से जुडे़ निठुरी सिंह ने कहा कि संदीप का जमीन का कारोबार ठीक चल रहा था। अचानक डिप्रेशन में कैसे आ गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
संदीप की डायरी से खुलेगा रहस्य
महराजगंज। ज्योतिष उर्फ संदीप डायरी लिखते थे। उसमें लेन-देन का ब्यौरा भी लिखा करते थे। नोटबंदी के पहले भारी निवेश कर संदीप बड़ा काम करने की फिराक में थे। पुलिस को भी डायरी की तलाश है। डायरी से कुछ अहम जानकारी हाथ लग सकती है।
गम के समंदर में डूबे परिजन और शुभचिंतक
महराजगंज। ज्योतिष उर्फ संदीप की मौत ने परिजन समेत शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया है। पत्नी ऋतु जायसवाल रह-रह कर बेहोश हो जा रही थीं। मासूम बच्चों को रिश्तेदार संभालने में लगे रहे। वहीं मौजूद सभी रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। ऋतु की बसी बसाई दुनियां एक झटके में उजड़ गई। मृतक का पैतृक गांव पनियरा है। यहां से भी तमाम पट्टीदार और रिश्तेदार गांव के लोग सिविल लाइंस मुहल्ले में पहुंचे। सभी गम के समंदर में डूबे रहे। इस दुखद घटना पर सभी ने गहरा शोक प्रकट किया।
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मूलरूप से पनियरा के रहने वाले संदीप के माता-पिता का काफी पहले निधन हो चुका है। तीन भाइयों में संदीप सबसे छोटे थे। बडे़ भाई सुरेशचंद्र पनियरा गांव में रहते हैं। मझले भाई शैलेश चंद्र जायसवाल मुंबई में रहते हैं।
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वर्ष 2004 में कारोबार के सिलसिले में महराजगंज आए संदीप ने पीजी कॉलेज के सामने मोबाइल की दुकान खोली। इस कारोबार में ठीक-ठाक कमाई हुई तो रोडवेज बस स्टेशन के पीछे सिविल लाइंस मुहल्ले में मकान बनवाया।इसके बाद जमीन का कारोबार करने लगे। उनका यह धंधा भी चल निकला। इसके बाद संदीप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बलिया नाला पुल से पहले गद्दे का शो-रूम भी खोला। शो-रूम के कर्मचारी तलहा और अख्तर भी इनके घर ही रहते हैं। घटना के समय घर पर पत्नी ऋतु जायसवाल, बेटा अंश (06), बेटी सिद्धी (04) एक साल का बेटा अंचित के अलावा संदीप की दुकान पर काम करने वाले कर्मी तलहा और अख्तर भी घर में सोए हुए थे।
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बताया गया कि बुधवार शाम जमीन कारोबार से जुडे़ एक शख्स के पास फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह और परेशान हो गए। रात को बस स्टेशन की ओर से टहल कर आए और भोजन कर सो गए। रात करीब तीन बजे गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी ऋतु जायसवाल कमरे में पहुंचीं तो खून से लथपथ पति का शव देख बेहोश हो गईं। गोली संदीप की कनपटी पर लगी थी। कुछ देर बाद होश आने पर ऋतु ने अपने भांजे को फोन कर जानकारी दी। सीओ सदर एमपी सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ के लिए दुकान पर काम करने वाले दो कर्मियों को लाया गया था। साथ ही लाइसेंसी पिस्टल, मोबाइल और गोली को कब्जे में ले लिया गया है।
जमीन में रकम फंसी तो संदीप का बढ़ा मानसिक तनाव
महराजगंज। पिपरा कल्याण के रहने वाले संदीप के मित्र मणिकांत भी मौके पर पहुंचे। बोले कि संदीप का अचानक ऐसा कदम उठा लेना समझ में नहीं आ रहा है। उनके जैसा खुश मिजाज शख्स ऐसे टूट जाएगा। यह कभी सोचा न था। यह कहते हुए मणिकांत फफक पडे़। बोले कि जमीन के कारोबार में संदीप की काफी पूंजी लगी थी। नोटबंदी के पहले जमीन ली गई थी, लेकिन उसकी बिक्री नहीं हुई लिहाजा मोटी रकम फंस गई थी। ऐसे में वह बीते कई माह से परेशान थे। जमीन में फंसी पूंजी को निकालने के चक्कर में वह डिप्रेशन को शिकार हो गए।
सरल स्वभाव के रहम दिल इंसान थे संदीप
महराजगंज। मृतक संदीप के मित्र बृजमोहन आंसू पोंछते हुए बोले कि अब तो संदीप की यादें बची हैं। असंभव शब्द तो वह जानता ही नहीं था। चुनौतियों का सामना करना उनकी आदत थी। गद्दे का शो-रूम को खोलने के दौरान पूंजी की कमी आडे़ आई थी, लेकिन उसने जुगाड़ कर लिया। कोई भी व्यक्ति संदीप से अपनी समस्या बताता था तो वह तुरंत उसकी मदद करते थे। सोनू निगम भी संदीप के सरल स्वभाव का जिक्र करते हुए रो पडे़। जमीन कारोबार से जुडे़ निठुरी सिंह ने कहा कि संदीप का जमीन का कारोबार ठीक चल रहा था। अचानक डिप्रेशन में कैसे आ गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
संदीप की डायरी से खुलेगा रहस्य
महराजगंज। ज्योतिष उर्फ संदीप डायरी लिखते थे। उसमें लेन-देन का ब्यौरा भी लिखा करते थे। नोटबंदी के पहले भारी निवेश कर संदीप बड़ा काम करने की फिराक में थे। पुलिस को भी डायरी की तलाश है। डायरी से कुछ अहम जानकारी हाथ लग सकती है।
गम के समंदर में डूबे परिजन और शुभचिंतक
महराजगंज। ज्योतिष उर्फ संदीप की मौत ने परिजन समेत शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया है। पत्नी ऋतु जायसवाल रह-रह कर बेहोश हो जा रही थीं। मासूम बच्चों को रिश्तेदार संभालने में लगे रहे। वहीं मौजूद सभी रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। ऋतु की बसी बसाई दुनियां एक झटके में उजड़ गई। मृतक का पैतृक गांव पनियरा है। यहां से भी तमाम पट्टीदार और रिश्तेदार गांव के लोग सिविल लाइंस मुहल्ले में पहुंचे। सभी गम के समंदर में डूबे रहे। इस दुखद घटना पर सभी ने गहरा शोक प्रकट किया।