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आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों पर ‘त्रिनेत्र’ से होगी निगरानी
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आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों पर ‘त्रिनेत्र’ से होगी निगरानी
बस एक क्लिक में खुलेगा अधिकारियों के सामने होगा डाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शातिर बदमाशों को अब पुलिस से बच पाना मुश्किल हो सकता है। पुलिस अब किसी भी बदमाश तक आसानी से पहुंच सकेगी। पुलिस त्रिनेत्र एप के माध्यम से अब ऐसे लोगों पर नजर रखेगी। जिले के सभी थानों से विभिन्न आपराधिक घटनाओं में लिप्त 1000 से अधिक बदमाशों का डेटा फीड किया जा चुका है।
डीसीआरबी (डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) में त्रिनेत्र एप की व्यवस्था लागू की गई है। इस एप में संगीन मामलों में संलिप्त बदमाशों के नाम, पता, फोटो, हुलिया, व्यापार, वारदात आदि फीड किए जा रहे हैं। जिले में कई बदमाशों का आपराधिक इतिहास एप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इनकी निगरानी के लिए जिले में टीम भी गठित कर दी गई है। डीसीआरबी में प्रभारी के अलावा कई सिपाही शामिल किए गए हैं। एप से आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के लिए पुलिस को रजिस्टर नहीं पलटने होंगे। एप पर किसी भी बदमाश के आपराधिक इतिहास पर नजर डाली सकती है।
एसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि त्रिनेत्र एप पुलिस की तीसरी आंख की तरह काम करेगा। इसकी मदद से किसी भी अपराधी के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले लोगों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें डीसीआरबी कार्यालय लाना होता है। यहां स्लेट पर उनके नाम, पता, अपराध के साथ फोटो खींचकर एप पर अपलोड की जाती है। अगर कोई अपराधी फरार चल रहा है तो एप के माध्यम से उसकी जानकारी हासिल कर गिरफ्तारी में मदद मिलेगी। बस एक क्लिक में आरोपियों का पूरा ब्योरा पुलिस अधिकारियों के सामने होगा। अब तक विभिन्न आपराधिक वारदातों में वांक्षित 1000 से अधिक लोगों का डाटा फीड किया जा चुका है।
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जालसाजों की मुश्किलें बढ़ीं
त्रिनेत्र एप के माध्यम से उन लोगों की निगरानी में आसानी होगी, जो अलग-अलग क्षेत्रों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए एप पर काम किया जा रहा है। इससे चोरी, छिनैती, लूट और जालसाजी करने वालों पर निगरानी आसान होगी। एप के माध्यम से कई थानों की पुलिस आपस में तालमेल स्थापित कर बदमाशों को पकड़ने के लिए काम करेगी।
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बस एक क्लिक में खुलेगा अधिकारियों के सामने होगा डाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शातिर बदमाशों को अब पुलिस से बच पाना मुश्किल हो सकता है। पुलिस अब किसी भी बदमाश तक आसानी से पहुंच सकेगी। पुलिस त्रिनेत्र एप के माध्यम से अब ऐसे लोगों पर नजर रखेगी। जिले के सभी थानों से विभिन्न आपराधिक घटनाओं में लिप्त 1000 से अधिक बदमाशों का डेटा फीड किया जा चुका है।
डीसीआरबी (डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) में त्रिनेत्र एप की व्यवस्था लागू की गई है। इस एप में संगीन मामलों में संलिप्त बदमाशों के नाम, पता, फोटो, हुलिया, व्यापार, वारदात आदि फीड किए जा रहे हैं। जिले में कई बदमाशों का आपराधिक इतिहास एप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इनकी निगरानी के लिए जिले में टीम भी गठित कर दी गई है। डीसीआरबी में प्रभारी के अलावा कई सिपाही शामिल किए गए हैं। एप से आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के लिए पुलिस को रजिस्टर नहीं पलटने होंगे। एप पर किसी भी बदमाश के आपराधिक इतिहास पर नजर डाली सकती है।
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एसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि त्रिनेत्र एप पुलिस की तीसरी आंख की तरह काम करेगा। इसकी मदद से किसी भी अपराधी के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले लोगों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें डीसीआरबी कार्यालय लाना होता है। यहां स्लेट पर उनके नाम, पता, अपराध के साथ फोटो खींचकर एप पर अपलोड की जाती है। अगर कोई अपराधी फरार चल रहा है तो एप के माध्यम से उसकी जानकारी हासिल कर गिरफ्तारी में मदद मिलेगी। बस एक क्लिक में आरोपियों का पूरा ब्योरा पुलिस अधिकारियों के सामने होगा। अब तक विभिन्न आपराधिक वारदातों में वांक्षित 1000 से अधिक लोगों का डाटा फीड किया जा चुका है।
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जालसाजों की मुश्किलें बढ़ीं
त्रिनेत्र एप के माध्यम से उन लोगों की निगरानी में आसानी होगी, जो अलग-अलग क्षेत्रों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए एप पर काम किया जा रहा है। इससे चोरी, छिनैती, लूट और जालसाजी करने वालों पर निगरानी आसान होगी। एप के माध्यम से कई थानों की पुलिस आपस में तालमेल स्थापित कर बदमाशों को पकड़ने के लिए काम करेगी।