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संयमित दिनचर्या से पिपरपाती में नहीं पहुंचने दिया कोरोना
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संयमित दिनचर्या से पिपरपाती में नहीं पहुंचने दिया कोरोना
रिश्तेदारों से बनाई दूरी, काढ़ा को बनाया ढाल, बाहर से आने पर करते हैं होम क्वारंटीन
महराजगंज। परतावल ब्लॉक का पिपरपाती एक ऐसा गांव है, जहां अब तक कोरोना घुस नहीं पाया है। इसके पीछे प्रशासन नहीं, बल्कि गांव वालों की संयमित दिनचर्या है। वे नियमित योगा करते हैं। काढ़ा पीते हैं, साथ ही रिश्तेदारों से भी दूरी बना रखी है। इतना ही नहीं, यदि बहुत जरूरी होने पर उनके घर आ भी जाता है तो पहले उसे होम क्वारंटीन करते हैं।
इस महामारी के दौर में यह गांव लोगों के लिए प्रेरणादायी है। यदि तबीयत खराब भी हुई तो लोगों ने आयुर्वेद का नुस्खा अपनाकर ठीक हो गए। पड़ताल में पता चला कि गांव की आबादी करीब 3500 है। गांव में सेमरहना एवं निबियहवा दो टोला है। गांव से पीएचसी श्यामदेउरवां एक किलोमीटर दूर है। जरूरत पड़ने पर लोग चिकित्सक से सपंर्क कर दवा लेते हैं। गांव के छोटे सिंह, बलवंत ने बताया कि पहली एवं दूसरी लहर में गांव में कोरोना नहीं घुस पाया। अगर कोई बाहर से आता है तो पहले उसे कुछ दिनों के लिए होम क्वारंटीन कर दिया जाता है। गांव के अधिकांश लोग नियमित योग करते हैं। उग्रसेन, अजय एवं अरविंद ने बताया कि गांव में लोगों ने रिश्तेदारों को आने से मना कर रखा है। फोन से हालचाल हो जाता है। अगर बहुत जरूरत पड़ती है तो कोई कभी-कभार आ जाता है। योगा, काढे़ का सेवन, संतुलित भोजन के साथ हल्दीयुक्त दूध का सेवन खूब किया जा रहा है। ग्राम प्रधान मालती देवी ने बताया कि गांव को सैनिटाइजेशन कराने के साथ ही चूना, ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया है। लोगों में जरूरत के हिसाब से मास्क वितरित भी किया जाता है। लोग जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते हैं। इन दिनों सभी लोग घर में रहते हुए अपना बचाव करने के प्रति सजग हैं। लोगों की सतर्कता की वजह से गांव में कोरोना घुस नहीं सका है। ग्राम सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि पिपरपाती के लोग काफी जागरूक हैं। कोरोना से बचाव के लिए योगा करते है। गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह गांव अन्य गांव के लोगों के लिए प्रेरणादायक है।
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रिश्तेदारों से बनाई दूरी, काढ़ा को बनाया ढाल, बाहर से आने पर करते हैं होम क्वारंटीन
महराजगंज। परतावल ब्लॉक का पिपरपाती एक ऐसा गांव है, जहां अब तक कोरोना घुस नहीं पाया है। इसके पीछे प्रशासन नहीं, बल्कि गांव वालों की संयमित दिनचर्या है। वे नियमित योगा करते हैं। काढ़ा पीते हैं, साथ ही रिश्तेदारों से भी दूरी बना रखी है। इतना ही नहीं, यदि बहुत जरूरी होने पर उनके घर आ भी जाता है तो पहले उसे होम क्वारंटीन करते हैं।
इस महामारी के दौर में यह गांव लोगों के लिए प्रेरणादायी है। यदि तबीयत खराब भी हुई तो लोगों ने आयुर्वेद का नुस्खा अपनाकर ठीक हो गए। पड़ताल में पता चला कि गांव की आबादी करीब 3500 है। गांव में सेमरहना एवं निबियहवा दो टोला है। गांव से पीएचसी श्यामदेउरवां एक किलोमीटर दूर है। जरूरत पड़ने पर लोग चिकित्सक से सपंर्क कर दवा लेते हैं। गांव के छोटे सिंह, बलवंत ने बताया कि पहली एवं दूसरी लहर में गांव में कोरोना नहीं घुस पाया। अगर कोई बाहर से आता है तो पहले उसे कुछ दिनों के लिए होम क्वारंटीन कर दिया जाता है। गांव के अधिकांश लोग नियमित योग करते हैं। उग्रसेन, अजय एवं अरविंद ने बताया कि गांव में लोगों ने रिश्तेदारों को आने से मना कर रखा है। फोन से हालचाल हो जाता है। अगर बहुत जरूरत पड़ती है तो कोई कभी-कभार आ जाता है। योगा, काढे़ का सेवन, संतुलित भोजन के साथ हल्दीयुक्त दूध का सेवन खूब किया जा रहा है। ग्राम प्रधान मालती देवी ने बताया कि गांव को सैनिटाइजेशन कराने के साथ ही चूना, ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया है। लोगों में जरूरत के हिसाब से मास्क वितरित भी किया जाता है। लोग जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते हैं। इन दिनों सभी लोग घर में रहते हुए अपना बचाव करने के प्रति सजग हैं। लोगों की सतर्कता की वजह से गांव में कोरोना घुस नहीं सका है। ग्राम सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि पिपरपाती के लोग काफी जागरूक हैं। कोरोना से बचाव के लिए योगा करते है। गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह गांव अन्य गांव के लोगों के लिए प्रेरणादायक है।
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