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Maharajganj News: मिल्क पाउडर की खपत बढ़ी, फैट के लिए मिलाते हैं रिफाइंड ऑयल

Fri, 23 May 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 23 May 2025 12:37 AM IST
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Consumption of milk powder increased, refined oil is added for fat
नगर में बिक रहा पनीर।
महराजगंज। दूध, खोया और पनीर की जरूरत को पूरा करने के लिए गोरखपुर से मिल्क पाउडर मंगाया जाता है। करीब 30 क्विंटल प्रत्येक दिन पाउडर की खपत होती है।
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अब तो ज्यादातर घरों में खुद ही पनीर बनाए जाने लगा, क्योंकि बाहर के पनीर की शुद्धता की गारंटी नहीं है। थोड़े से लाभ के चक्कर में धंधेबाज सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध की मांग बढ़ने से अब पाउडर वाले दूध से जरूरत पूरी की जा रही है। चाय बनाने से लेकर पनीर व मिठाई बनाने में उपयोग हो रहा है।
शहर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में पाउडर वाले दूध से पनीर बनाने का धंधा तेज है। मिल्क पाउडर में फैट के लिए रिफाइंड ऑयल का प्रयोग होता है। मिठास के लिए सैकरीन डाला जाता है। इससे लिवर को नुकसान पहुंचता है। एक अनुमान के अनुसार शहर में 10 से 12 क्विंटल पनीर की खपत होती है।
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सहालग में यह बढ़कर 80 से 100 क्विंटल हो जाती है। बढ़ती मांग को पूरी करने के लिए धंधेबाजाें ने पाउडर वाले दूध का उपयोग बढ़ा दिया है। इससे बने पनीर आम लोग पहचान नहीं पाएंगे। स्वाद में कुछ खास अंतर नहीं होता है। इसमें गड़बड़ी यह है कि पाउडर वाले दूध से बना पनीर एक दिन से अधिक होने पर महकने लगता है।
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सूत्रों की माने तो सोनौली, फरेंदा, पनियरा, मुजूरी, खुटहा, ठूठीबारी, बरगदवा, नौतनवा, कोल्हुई में पनीर बनाया जाता है। रोजाना जिले भर में करीब 70 से 100 क्विंटल के बीच खपत होती है। बढ़ रही मांग को पूरा करने के लिए पाउडर वाले दूध से रिफाइंड ऑयल मिलाकर धंधेबाज पनीर बना रहे हैं। इस धंधे से जुड़े एक कारीगर ने बताया कि 250 ग्राम पाउडर वाले दूध एक किलो पनीर तैयार हो जाता है।
इसमें नींबू का रस इसलिए मिलाया जाता है की वह दही जैसा हो जाए। सेहत के लिए खतरा बने पनीर को लेकर जिम्मेदार कुछ खास कार्रवाई नहीं करते हैं। सूत्रों की माने तो खाद्य विभाग की कार्रवाई से पहले ही धंधेबाजों को भनक लग जाती है। इससे वे समय से पहले ही मिलावटी पनीर हटा देते हैं।

यही वजह है कि नमूना लेने के बाद भी रिपोर्ट बेहद खराब नहीं आती है। रामकरन प्रसाद कहते हैं कि गोरखपुर से ही पाउडर का दूध, खोआ आदि की खरीदारी होती है। वहां मिलावट होने की पुष्टि हो रही है। सामान भी नष्ट कराया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात है कि यहां सब कुछ ठीक है। जबकि सबसे अधिक खरीदारी गोरखपुर से होती है।
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