{"_id":"669851d79e1c1a3b0708be24","slug":"construction-of-overhead-tank-not-completed-dream-of-pure-water-incomplete-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-126945-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: ओवरहेड टैंक का निर्माण काम नहीं हुआ पूरा, शुद्ध पानी का सपना अधूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: ओवरहेड टैंक का निर्माण काम नहीं हुआ पूरा, शुद्ध पानी का सपना अधूरा
Thu, 18 Jul 2024 04:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:50 AM IST
विज्ञापन
अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण।
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के मुंडेरा कला गांव के लोगों का शुद्ध पानी का सपना कार्यदायी संस्था की सुस्ती के चलते अधूरा रह गया है। समय पूरा होने के बाद भी अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
सिंदुरिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत बन रही पानी की टंकियों का निर्माण कार्य समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा है। मुंडेरा कला में 2023 में 218.14 लाख की लागत से शोथविक कोया संस्था की ओर से 200 केएल का टैंक जुलाई 2024 तक तैयार करना था, लेकिन अभी बोरिंग तक नहीं हुआ है। टंकी का फाउंडेशन कार्य भी नहीं शुरू किया गया है।
ठीक इसी तरह पिपरा नारायण में रेथविक कोया संस्था की ओर से कार्य शुरू होने से 18 माह तक पूर्ण होना है, लेकिन पानी की टंकी का 50 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। रामपुरमीर में कार्यदायी संस्था जेएमसीएलसीईएसईएल की ओर से 18 माह में काम पूर्ण करना था, लेकिन अभी तक सोलर पैनल ही लगवाया गया है। पतरेगवां में कार्य प्रारंभ होने के चार माह बीत गए, लेकिन कोई काम ही शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन
ग्राम सभा लेदवा में वर्ष 2021 से अमृत पेयजल योजना के तहत 156.92 करोड़ की लागत से पानी की टंकी बन रही है। जल निगम और कार्यदायी संस्था जेएमसी एलसीई दिसंबर 2021 से लेदवा गांव में पीने के पानी की समस्या को समाप्त करने के लिए 200 किलो लीटर क्षमता की पानी की टंकी बना रही है। इस टंकी के बनने से 500 सौ घरों में जलापूर्ति की जाएगी। अनुमान था कि जून 2023 तक निर्माण पूरा हो जाएगा, लेकिन अभी तक 40 प्रतिशत ही काम हो पाया है। हाल यह है कि जहां मोटर व मोटर ऑपरेटर के लिए जगह बना है, वह अभी से टपकने लगा है।
कार्य की प्रगति को देखते हुए लग रहा है कि अभी काम पूरा होने में दो वर्ष लग जाएंगे। भीषण गर्मी और बरसात में शुद्ध पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। दर्जनों गांव इस समस्या से जूझ रहे हैं। तीन वर्ष पूर्व जब इस गांव में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब ग्रामीणों की शुद्ध पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन निर्माण कार्य समयावधि बीतने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सका। सभी गांवों में रास्ता तोड़कर पाइप तो डाल दी गई, लेकिन जिम्मेदार रास्ता सही करना ही भूल गए हैं।
काम जल्द पूरा करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिया गया है। ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके।
-महेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता, जल निगम
ओवरहेड टैंक बने तो 470 घरों की प्यास बुझे
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैदा में जल निगम की ओर से 154.58 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए जल निगम ने 18 माह का समय सीमा तय किया था, लेकिन निर्धारित समय पूर्ण होने के बाद भी टैंक का निर्माण कार्य अधूरा है।
गांव के रामलक्षन राजभर ने बताया कि ओवरटेक टैंक का निर्माण कार्य दो वर्ष पहले शुरू हुआ था। टैंक का निर्माण करीब डेढ़ करोड़ रुपये में कराया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार की ओर से लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ओवरहेड टैंक बनने से इसका लाभ 470 घरों को मिलेगा।
गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग 70 प्रतिशत हो चुका है। ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जबकि पिछले छह माह से काम रुका है। ग्रामीण राजेश, रामललित, छोटू, विशाल, प्रदीप त्रिलोकी, दिलीप, राम किशुन भारती ने बताया कि ओवरटेक टैंक की बाउंड्री कराई गई है और मोटर मशीन समेत अन्य भवन तैयार है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम
विज्ञापन
सिंदुरिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत बन रही पानी की टंकियों का निर्माण कार्य समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा है। मुंडेरा कला में 2023 में 218.14 लाख की लागत से शोथविक कोया संस्था की ओर से 200 केएल का टैंक जुलाई 2024 तक तैयार करना था, लेकिन अभी बोरिंग तक नहीं हुआ है। टंकी का फाउंडेशन कार्य भी नहीं शुरू किया गया है।
विज्ञापन
ठीक इसी तरह पिपरा नारायण में रेथविक कोया संस्था की ओर से कार्य शुरू होने से 18 माह तक पूर्ण होना है, लेकिन पानी की टंकी का 50 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। रामपुरमीर में कार्यदायी संस्था जेएमसीएलसीईएसईएल की ओर से 18 माह में काम पूर्ण करना था, लेकिन अभी तक सोलर पैनल ही लगवाया गया है। पतरेगवां में कार्य प्रारंभ होने के चार माह बीत गए, लेकिन कोई काम ही शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन
ग्राम सभा लेदवा में वर्ष 2021 से अमृत पेयजल योजना के तहत 156.92 करोड़ की लागत से पानी की टंकी बन रही है। जल निगम और कार्यदायी संस्था जेएमसी एलसीई दिसंबर 2021 से लेदवा गांव में पीने के पानी की समस्या को समाप्त करने के लिए 200 किलो लीटर क्षमता की पानी की टंकी बना रही है। इस टंकी के बनने से 500 सौ घरों में जलापूर्ति की जाएगी। अनुमान था कि जून 2023 तक निर्माण पूरा हो जाएगा, लेकिन अभी तक 40 प्रतिशत ही काम हो पाया है। हाल यह है कि जहां मोटर व मोटर ऑपरेटर के लिए जगह बना है, वह अभी से टपकने लगा है।
कार्य की प्रगति को देखते हुए लग रहा है कि अभी काम पूरा होने में दो वर्ष लग जाएंगे। भीषण गर्मी और बरसात में शुद्ध पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। दर्जनों गांव इस समस्या से जूझ रहे हैं। तीन वर्ष पूर्व जब इस गांव में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब ग्रामीणों की शुद्ध पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन निर्माण कार्य समयावधि बीतने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सका। सभी गांवों में रास्ता तोड़कर पाइप तो डाल दी गई, लेकिन जिम्मेदार रास्ता सही करना ही भूल गए हैं।
काम जल्द पूरा करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिया गया है। ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके।
-महेश चंद्र आजाद, सहायक अभियंता, जल निगम
ओवरहेड टैंक बने तो 470 घरों की प्यास बुझे
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैदा में जल निगम की ओर से 154.58 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए जल निगम ने 18 माह का समय सीमा तय किया था, लेकिन निर्धारित समय पूर्ण होने के बाद भी टैंक का निर्माण कार्य अधूरा है।
गांव के रामलक्षन राजभर ने बताया कि ओवरटेक टैंक का निर्माण कार्य दो वर्ष पहले शुरू हुआ था। टैंक का निर्माण करीब डेढ़ करोड़ रुपये में कराया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार की ओर से लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ओवरहेड टैंक बनने से इसका लाभ 470 घरों को मिलेगा।
गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग 70 प्रतिशत हो चुका है। ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जबकि पिछले छह माह से काम रुका है। ग्रामीण राजेश, रामललित, छोटू, विशाल, प्रदीप त्रिलोकी, दिलीप, राम किशुन भारती ने बताया कि ओवरटेक टैंक की बाउंड्री कराई गई है और मोटर मशीन समेत अन्य भवन तैयार है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम