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Maharajganj News: नई रेल लाइन की राह में मुआवजे का रोड़ा
Wed, 22 Jan 2025 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:00 AM IST
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महराजगंज। नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत 29 गांवों की भूमि अधिग्रहण की गई है। 25 गांवों के किसानों को मुआवजा मिल चुका है। इससे जहां एक ओर मुश्किल दूर हो रही है तो कम मुआवजे की बातकर लोग विधिक राय ले रहे हैं।
वहीं धारा 80 नहीं होने वाली जमीनों में भी पेच है। तमाम लोग ऐसे हैं, जो महंगे दर पर जमीन खरीदें हैं उनको कम मुआवजा मिल रहा है। फरेंदा-महाराजगंज-घुघली नई रेल लाइन में आने वाली जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने पर तरकुलवा व महुअवा के ग्रामीणों में आक्रोश है।
इन गांवों के किसानों का रिहायशी और उपजाऊ भूमि चली गई है, जिससे किसान काफी परेशान हैं। एक तरफ जहां किसानों की भूमि अधिग्रहण में चली गई है। वहीं भू-अर्जन कार्यालय की ओर से भूमि के प्रकार में गड़बड़ी होने का आरोप है। इससे किसानों को भूमि का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। टीकर परसौनी के विनय मिश्रा ने महुअवा में चार डिस्मिल जमीन खरीदा है। करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना है कि मुआवजा इससे काफी कम हो रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि भू अर्जन कार्यालय की ओर से मुआवजा निर्धारण के पूर्व व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया। स्थल जांच एवं सत्यापन ग्रामीणों के समक्ष नहीं हुआ। भू अर्जन के पूर्व संबंधित किसानों को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार, गांव में भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान बाजार भाव या वर्तमान रजिस्ट्री मूल्य के अनुसार मुआवजा राशि निर्धारित नहीं हुआ है।
आत्माराम गुप्ता ने बताया कि लिंक मार्ग से सटे हुए भूमि एवं मकान को कृषि का बताया जा रहा है। कुछ जमीन जो धारा 80 से आवासीय भी है। उसे भी भू अर्जन कार्यालय की ओर से अवार्ड में सामान्य कृषि भूमि दर्ज करते हुए उचित मुआवजा राशि तय नहीं की गई है। अरविंद वर्मा पकड़ी, अजय वर्मा ने भी मुआवजे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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वहीं धारा 80 नहीं होने वाली जमीनों में भी पेच है। तमाम लोग ऐसे हैं, जो महंगे दर पर जमीन खरीदें हैं उनको कम मुआवजा मिल रहा है। फरेंदा-महाराजगंज-घुघली नई रेल लाइन में आने वाली जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने पर तरकुलवा व महुअवा के ग्रामीणों में आक्रोश है।
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इन गांवों के किसानों का रिहायशी और उपजाऊ भूमि चली गई है, जिससे किसान काफी परेशान हैं। एक तरफ जहां किसानों की भूमि अधिग्रहण में चली गई है। वहीं भू-अर्जन कार्यालय की ओर से भूमि के प्रकार में गड़बड़ी होने का आरोप है। इससे किसानों को भूमि का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। टीकर परसौनी के विनय मिश्रा ने महुअवा में चार डिस्मिल जमीन खरीदा है। करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना है कि मुआवजा इससे काफी कम हो रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि भू अर्जन कार्यालय की ओर से मुआवजा निर्धारण के पूर्व व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया। स्थल जांच एवं सत्यापन ग्रामीणों के समक्ष नहीं हुआ। भू अर्जन के पूर्व संबंधित किसानों को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार, गांव में भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान बाजार भाव या वर्तमान रजिस्ट्री मूल्य के अनुसार मुआवजा राशि निर्धारित नहीं हुआ है।
आत्माराम गुप्ता ने बताया कि लिंक मार्ग से सटे हुए भूमि एवं मकान को कृषि का बताया जा रहा है। कुछ जमीन जो धारा 80 से आवासीय भी है। उसे भी भू अर्जन कार्यालय की ओर से अवार्ड में सामान्य कृषि भूमि दर्ज करते हुए उचित मुआवजा राशि तय नहीं की गई है। अरविंद वर्मा पकड़ी, अजय वर्मा ने भी मुआवजे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।