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सीएमओ की कार्यपद्धति पर बिफरे 

Sun, 21 Aug 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 21 Aug 2016 12:18 AM IST
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commisioner angered over CMO' working style
आईसीयू वार्ड में तीमारदारों से पूछताछ करते कमिश्नर। - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। शनिवार को मंडलायुक्त अनिल कुमार ने जिले के तीन कार्यालयों का निरीक्षण किया। सीएमओ कार्यालय के निरीक्षण में कुछ भी ठीक नहीं मिला। कमिश्नर ने सीएमओं के खिलाफ सख्त टिप्पणी की। कहा कि सीएमओ कार्यालय को बाबू चला रहे हैं। कमिश्नर यहीं नहीं रुके, यहां तक कहा कि सीएचसी व पीएचसी छोड़ो अपना कार्यालय ठीक करो सीएमओ।
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जिला अस्पताल के ओपीडी में जाकर मरीजों से दवा व इलाज के बारे में पूछताछ की। मरीज इंदू देवी ने बताया कि अंदर से दवा मिली है। मरीज को काफी राहत है। कमिश्नर ने ओपीडी के जच्चा-बच्चा वार्ड, हड्डी रोग कक्ष, सर्जन कक्ष, आईसीयू वार्ड, स्टोर रूम व एसएनसीयू वार्ड को देखा। एसएनसीयू वार्ड में 10 बेड पर 30 बच्चों को लिटाया गया था। कमिश्नर ने सीएमएस आरबी राम को ऐसा न करने की हिदायत दी। इस दौरान बेड पर गंदा चादर देख नाराजगी जताई और बरामदे व वार्ड में प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। 
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वहां से सीएमओ आफिस के लिए चले मंडलायुक्त के काफिले को सीएमओ ने मिठौरा पीएचसी की ओर मुड्वा दिया। इस हरकत से नाराज कमिश्नर ने एडीएम को फटकार लगाई। उन्होंने सीएमओ का स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने कहा कि वह सीएमओ कार्यालय चेक करने आए हैं, मिठौरा पीएचसी क्यों ले जाया जा रहा था। कमिश्नर अनिल कुमार सीएमओ कार्यालय में छत के टूटे प्लास्टर व गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। 
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सबसे पहले कमिश्नर ने लिपिक कक्ष में अजवर बाबू से निस्तारण के लिए आई फाइलों के बारे में पूछताछ की मगर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। कमिश्नर ने सीएमओ को फटकार लगाई। नर्सिंग होम की मान्यता की फाइल पर लिखे मोबाइल नंबर को कमिश्नर ने मिलाया तो मोबाइल उस नर्सिंग होम का स्वीपर उठाया और कहा कि डाक्टर से बात करा रहा हूं। इस पर भी क्लर्कको फटकार लगाई। 

एनआरएचएम कक्ष के निरीक्षण में कमिश्नर ने एक साल में आए बजट और खर्च का ब्यौरा मांगा मगर उपलब्ध नहीं हो सका। कमिश्नर ने सीएमओ कार्यालय निर्माण के लिए एसडीएम से मुख्यालय पर भूमि का नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उसके अलावा देर शाम को सदर तहसील का निरीक्षण किया। उन्होंने पत्रावली की समस्त कार्यवाही पूर्ण करके ही दाखिल दफ्तर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मुकदमे में सभी वादी प्रतिवादी एवं संबंधित वकील का मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज किया जाए।


जिससे उन्हें डेट व फैसले की जानकारी मैसेज के माध्यम से दी जा सके। तहसील दिवस की शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता परखने के लिए सभी लिपिकों को शिकायत कर्ता के फोन पर वार्ता करने का निर्देश दिया है। उसके उपरांत कमिश्नर ने डीएम सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। योजनाओं की धीमी प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया है। उन्होंने राजस्व प्राप्ति की मासिक समीक्षा की हिदायत दी। इस वर्ष अभी तक 30 प्रतिशत वसूली हुई है। जबकि पिछले वर्ष 33 प्रतिशत वसूली रही। इस दौरान डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ रामनेवास गुप्ता, एडीएम कृपाशंकर पांडे, एसडीएम चंद्रपाल तिवारी, राजेश कुमार, अखिलेश पाठक आदि मौजूद रहे।
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