{"_id":"66a572214746ddecb40fbe84","slug":"coaching-institutes-cannot-take-admission-of-children-below-16-years-of-age-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-127695-2024-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: 16 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन नहीं ले सकते कोचिंग संस्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: 16 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन नहीं ले सकते कोचिंग संस्थान
Sun, 28 Jul 2024 03:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Jul 2024 03:48 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। कोचिंग संस्थान 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एडमिशन नहीं दे सकते हैं। अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी ली तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। शिक्षा निदेशक ने कोचिंग सेंटरों में सुधार के लिए कोचिंग सेंटर रेगुलेशन 2024 के अंतर्गत नई गाइडलाइन जारी की। इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं। यदि गाइडलाइन का पालन नहीं होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि कोचिंग संचालकों के लिए शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश ने नई गाइडलाइन जारी की। उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटर रेगुलेशन 2024 के अंतर्गत कोई भी कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के बच्चों को एडमिशन नहीं दे सकता है। कोचिंग संस्थान किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं दे सकते हैं, जैसे अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी। कोचिंग संस्थान ग्रेजुएट से कम योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्त नहीं कर सकते हैं। कोचिंग संस्थान किसी भी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त नहीं कर सकते हैं, जो नैतिक कदाचार से जुड़े किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो।
कोचिंग संस्थान के पास एक परामर्श प्रणाली होनी चाहिए। कोचिंग संस्थान की वेबसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, पाठ्यक्रम, पाठ्य सामग्री, पूरा होने की अवधि, छात्रावास सुविधाएं और लिए जाने वाले शुल्क का पूरा विवरण होने चाहिए। उन्हें टेस्ट से पहले बच्चे को उस टेस्ट के लेवल के बारे में बताना चाहिए। उन्हें अन्य कैरियर ऑप्शन के बारे में भी बताया जाए। मेंटल हेल्थ को लेकर समय-समय पर वर्कशाप का आयोजन किया जाए। दिव्यांग बच्चों को सपोर्ट करने के लिए कोचिंग उन्हें उनके मुताबिक सुविधाएं प्रदान करें। इन दिशा निर्देशों का उल्लंघ्रन ने वाले कोचिंग संस्थानों को एक लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्राविधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि कोचिंग संचालकों के लिए शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश ने नई गाइडलाइन जारी की। उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटर रेगुलेशन 2024 के अंतर्गत कोई भी कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के बच्चों को एडमिशन नहीं दे सकता है। कोचिंग संस्थान किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं दे सकते हैं, जैसे अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी। कोचिंग संस्थान ग्रेजुएट से कम योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्त नहीं कर सकते हैं। कोचिंग संस्थान किसी भी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त नहीं कर सकते हैं, जो नैतिक कदाचार से जुड़े किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो।
विज्ञापन
कोचिंग संस्थान के पास एक परामर्श प्रणाली होनी चाहिए। कोचिंग संस्थान की वेबसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, पाठ्यक्रम, पाठ्य सामग्री, पूरा होने की अवधि, छात्रावास सुविधाएं और लिए जाने वाले शुल्क का पूरा विवरण होने चाहिए। उन्हें टेस्ट से पहले बच्चे को उस टेस्ट के लेवल के बारे में बताना चाहिए। उन्हें अन्य कैरियर ऑप्शन के बारे में भी बताया जाए। मेंटल हेल्थ को लेकर समय-समय पर वर्कशाप का आयोजन किया जाए। दिव्यांग बच्चों को सपोर्ट करने के लिए कोचिंग उन्हें उनके मुताबिक सुविधाएं प्रदान करें। इन दिशा निर्देशों का उल्लंघ्रन ने वाले कोचिंग संस्थानों को एक लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्राविधान है।
विज्ञापन