{"_id":"677595ea56901d37c709f98d","slug":"chilliness-increased-due-to-icy-wind-visibility-remained-low-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-139560-2025-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बर्फीली हवा से बढ़ी ठिठुरन, दृश्यता रही कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बर्फीली हवा से बढ़ी ठिठुरन, दृश्यता रही कम
Thu, 02 Jan 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 02 Jan 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। बुधवार को तीसरे दिन भी धूप नहीं निकली। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर तराई में भी दिखा। नये साल के पहले दिन लोग बर्फीली हवा के कारण ठिठुरते रहे। न्यूनतम तापमान छह डिग्री पर पहुंच गया। बीते दिनों सात डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था।
नये साल के पहले दिन इस कदर ठिठुरन बढ़ गई कि लोग जैसे ही अलाव के सामने से हटते कांपने लगते। ऊनी कपड़ों में भी घर से बाहर निकलने वालों को राहत नहीं मिली। सुबह 11 बजे तक कोहरा और बादलों छाए रहने के कारण दृश्यता का ग्राफ निम्न बना रहा। दोपहर के समय तक कुहासा तो छंट गया, लेकिन बादल और तेज हवा से राहत नहीं मिल सकी। आग के पास लोग पूरे दिन बैठे नजर आए, लेकिन अलाव छोड़कर उठने का साहस नहीं जुटा सके। विकास भवन में भी सर्दी और नये साल का असर दिखा और अधिकारी और कर्मचारी के अलावा तीसरा कोई नहीं दिखा। सड़क पर सवारी कम निकलने के कारण जहां तहां ई-रिक्शा चलाने वाले भी आग सेंकतेे रहे।
दिन डूबते ही कोहरे का दौर दोबारा शुरू हुआ और सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज में भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि अभी मौसम में बदलाव के संकेत नही हैं। शुक्रवार के बाद मौसम बदलने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नये साल के पहले दिन इस कदर ठिठुरन बढ़ गई कि लोग जैसे ही अलाव के सामने से हटते कांपने लगते। ऊनी कपड़ों में भी घर से बाहर निकलने वालों को राहत नहीं मिली। सुबह 11 बजे तक कोहरा और बादलों छाए रहने के कारण दृश्यता का ग्राफ निम्न बना रहा। दोपहर के समय तक कुहासा तो छंट गया, लेकिन बादल और तेज हवा से राहत नहीं मिल सकी। आग के पास लोग पूरे दिन बैठे नजर आए, लेकिन अलाव छोड़कर उठने का साहस नहीं जुटा सके। विकास भवन में भी सर्दी और नये साल का असर दिखा और अधिकारी और कर्मचारी के अलावा तीसरा कोई नहीं दिखा। सड़क पर सवारी कम निकलने के कारण जहां तहां ई-रिक्शा चलाने वाले भी आग सेंकतेे रहे।
विज्ञापन
दिन डूबते ही कोहरे का दौर दोबारा शुरू हुआ और सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज में भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि अभी मौसम में बदलाव के संकेत नही हैं। शुक्रवार के बाद मौसम बदलने का अनुमान है।
विज्ञापन