{"_id":"65feb35e988980ed6a010890","slug":"chemical-colors-can-take-away-the-glow-from-your-face-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-118445-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: केमिकल युक्त रंग छीन सकते चेहरे का नूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: केमिकल युक्त रंग छीन सकते चेहरे का नूर
Sat, 23 Mar 2024 04:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:17 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। होली सभी के जीवन में उत्साह का रंग भरने का काम करती है। वहीं अगर यही रंग खराब क्वालिटी के हैं तो जरा ध्यान रखें। चर्म रोग, आंखों में जलन और सिरदर्द से रंग में भंग पड़ सकता है। बाजार में कई तरह के केमिकल युक्त रंग बिक रहे हैं जो आपके चेहरे का नूर छीन सकते हैं।
पिछले कुछ सालों से हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ी है। कई बार लोग बाजार से हर्बल रंग समझ धोखे में केमिकल वाला खरीद लेते हैं। अक्सर होली के बाद जिला अस्पताल में चर्म रोग के मरीज बढ़ जाते हैं।
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि होली त्योहार पर बाजारों में बिकने वाले ज्यादातर रंग त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे रंगों से होली खेलने से शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। शरीर में खुजली होने लगती है। कई बार रंग आंखों में चला जाता है जो आंखों को नुकसान पहुंचाता है। केमिकल रंगों से दूरी बना कर हमें ईको फ्रेडली होली खेलनी चाहिए।
विज्ञापन
ऐसे करें रंगों की पहचान
-बाजार में झूठे लेबल लगे रंगों से सावधान रहे। अगर, रंग खरीद रहे हैं तो ध्यान दें कि रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही।
-थोड़ा सा रंग लेकर उसे पानी में घोल कर देखें। अगर, रंग पानी में नहीं खुलता है उसमें केमिकल हो सकता है।
-रंग खरीदते समय ध्यान रहे कि इसमें चमकदार कण तो नहीं, क्योंकि प्राकृतिक रंगों में चमक नहीं होती, साथ ही यह डार्क शेड में नहीं मिलते हैं। इसलिए रंग खरीदते वक्त गहरे रंग का चुनाव न करें।
ऐसे रखें त्वचा को सुरक्षित
-प्राकृतिक या घर में बने रंगों का इस्तेमाल करें।
- अच्छी क्वालिटी और ब्रांड के रंगों को खरीदें।
-होली खेलने से पहले त्वचा, कानों के पीछे, नाखूनों पर नारियल का तेल, बालों में सरसों का तेल लगाएं।
-आंखों में रंग चला जाए तो उसे रगड़ने के बजाय पानी के छींटें डालकर साफ करें।
-रंगों को हटाने के लिए हर्बल साबुन का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
पिछले कुछ सालों से हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ी है। कई बार लोग बाजार से हर्बल रंग समझ धोखे में केमिकल वाला खरीद लेते हैं। अक्सर होली के बाद जिला अस्पताल में चर्म रोग के मरीज बढ़ जाते हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि होली त्योहार पर बाजारों में बिकने वाले ज्यादातर रंग त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे रंगों से होली खेलने से शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। शरीर में खुजली होने लगती है। कई बार रंग आंखों में चला जाता है जो आंखों को नुकसान पहुंचाता है। केमिकल रंगों से दूरी बना कर हमें ईको फ्रेडली होली खेलनी चाहिए।
विज्ञापन
ऐसे करें रंगों की पहचान
-बाजार में झूठे लेबल लगे रंगों से सावधान रहे। अगर, रंग खरीद रहे हैं तो ध्यान दें कि रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही।
-थोड़ा सा रंग लेकर उसे पानी में घोल कर देखें। अगर, रंग पानी में नहीं खुलता है उसमें केमिकल हो सकता है।
-रंग खरीदते समय ध्यान रहे कि इसमें चमकदार कण तो नहीं, क्योंकि प्राकृतिक रंगों में चमक नहीं होती, साथ ही यह डार्क शेड में नहीं मिलते हैं। इसलिए रंग खरीदते वक्त गहरे रंग का चुनाव न करें।
ऐसे रखें त्वचा को सुरक्षित
-प्राकृतिक या घर में बने रंगों का इस्तेमाल करें।
- अच्छी क्वालिटी और ब्रांड के रंगों को खरीदें।
-होली खेलने से पहले त्वचा, कानों के पीछे, नाखूनों पर नारियल का तेल, बालों में सरसों का तेल लगाएं।
-आंखों में रंग चला जाए तो उसे रगड़ने के बजाय पानी के छींटें डालकर साफ करें।
-रंगों को हटाने के लिए हर्बल साबुन का इस्तेमाल करें।