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Maharajganj News: खतरे के निशान के पार बह रहे चंदन व प्यास नदी और महाव नाला

Fri, 07 Aug 2026 02:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:15 AM IST
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Chandan and Pyaas rivers and Mahav drain flowing beyond the danger mark
खतरे के निशान 102.25 मीटर की तुलना में 0.10 मीटर अधिक होकर 102.35 मीटर पर बह रही प्यास नदी
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चंदन नदी खतरे के निशान से 0.20 मीटर अधिक और खतरे के निशान से छह मीटर अधिक पर बह रहा महाव नाला
महाराजगंज। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद जिले के नदियों में उफान आना शुरू हो गया है। जिले में महाव नाला और चंदन व प्यास नदी बृहस्पतिवार की सुबह में खतरे के निशान को पार कर गई हैं। हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न नहीं हुए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह प्यास नदी खतरे के निशान 102.25 मीटर की तुलना में 0.10 मीटर अधिक होकर 102.35 मीटर पर बह रही थी। वहीं चंदन नदी खतरे के निशान 101.05 मीटर की तुलना में 0.20 मीटर अधिक 101.25 मीटर पर बह रही थी। वहीं महाव नाला खतरे के निशान पांच मीटर की तुलना में छह मीटर अधिक होकर 11 मीटर पर बह रहा था।
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चंदन व प्यास नदी और महाव नाले का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नहीं है।
सैकड़ों एकड़ खेतों के जलमग्न होने का खतरा
ठूठीबारी। चंदन व प्यास नदी के साथ-साथ महाव नाले के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांवों के खेतों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। चंदन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण मरचहवां, भरवलियां, वसंतपुर, बैरीअहवां, लक्ष्मीपुर खुर्द, बोदना, बकुलडीहा गांव तो झरही उर्फ प्यास नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण राजाबारी, पजरफोरवां, भरगाही, खैरहवां जंगल, दोमुहाना, मल्लाह टोली, सीहाभार और महाव नाला के किनारे बसे खैरहवां दूबे, बरगदवां, देवघट्टी, नरैनापुर, अमहवां गांव के खेत में रोपे गए धान की फसल के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है।
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रामसूरत, छेदी गुप्ता, राम लखन, मोहन प्रसाद ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन से समय रहते राहत एवं बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की जा रही है।
वहीं इस बाबत सिचाई विभाग खंड-दो के असिस्टेंट इंजीनियर रंजीत सिंह ने बताया कि नदियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।


बघेला नाला का जलस्तर बढ़ने से किसान चिंतित
परसामलिक। नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के सीमावर्ती गांव रेहरा के समीप भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाली बघेला नाला का जलस्तर बृहस्पतिवार को अचानक बढ़ने लगा। जिससे किसानों को अपने धान की फसल जलमग्न होने की चिंता सताने लगी है। जानकारी के अनुसार नेपाल की पहाड़ी क्षेत्रों में शुक्रवार की रात भारी बारिश होने से बघेला नाला का जलस्तर बढ़ने लगा है। बघेला नाला का जलस्तर बढ़ने से बघेला नाला के समीप बसे गांव रेहरा, महुलानी, बे लभार, मनिकौरा, सेखुआनी, शिवपुरी, शंकरपुर, निपनिया, विषखोप,परसाभर टोलिया, लक्ष्मीपुर, जिगिना, श्रीरामपुर, गंगापुर, गंगवलिया, करौता, चुड़िहारी, बरनहवा, पिपरवास, मनिकापुर, चकदह, शाहपुर, महुलैना सहित आदि गांवों के किसानों को बाढ़ का डर सताने लगा है।
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