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Maharajganj News: धनराशि के दुरुपयोग में तत्कालीन सचिव समेत चार के खिलाफ केस दर्ज
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- पूर्व ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के विरुद्ध भी दर्ज हुआ मुकदमा, तत्कालीन ग्राम सचिव को किया गया निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सिसवा ब्लॉक के ग्राम पकड़ी चौबे में पशु शेड निर्माण में किए गए दो लाख 80 रुपये के दुरुपयोग के मामले में ग्राम पंचायत सचिव नीरज सिंह ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी शशिकांत पांडेय, पूर्व प्रधान रामानंद यादव, तकनीकी सहायक कंवलजीत सिंह व रोजगार सेवक शशिकला चौधरी पर कोठीभार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। जिला विकास अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
सिसवा ब्लॉक के ग्राम पकड़ी चौबे के रहने वाले हरिहर ने छह सितंबर को जिलाधिकारी से पशु शेड निर्माण के नाम पर धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि गांव में आधे-अधूरे बने पशु शेड निर्माण के नाम पर लाभार्थियाें को अनियमित तरीके से भुगतान किया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच उपायुक्त श्रम रोजगार को दी। जांच में उपायुक्त ने पाया कि गांव के छह लोगों के नाम पर कुल दो लाख 80 हजार रुपये का अनियमित भुगतान किया गया है।
उन्होंने मामले में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक को दोषी मानते हुए जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। मामले में जिलाधिकारी ने दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने व उनसे धन की वसूली कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजा था। जिसके क्रम में खंड विकास अधिकारी सिसवा के निर्देश पर पकड़ी चौबे के ग्राम पंचायत सचिव नीरज सिंह ने बृहस्पतिवार को तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के विरुद्ध कोठीभार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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रोजगार सेवक की संविदा समाप्ति के लिए भेजा गया है पत्र
मामले के सामने आने के बाद रोजगार सेवक की संविदा समाप्ति के लिए 30 सितंबर को पत्र भेजा गया था। केस दर्ज होने के बाद संविदा समाप्ति की कार्रवाई होगी।
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पशु शेड निर्माण के नाम पर इन्हें किया गया अनियमित भुगतान
पशु शेड के निर्माण पर वर्ष 2020-21 में जिन्हें अनियमित भुगतान किया गया था उसमें भोला को 65 हजार, राधेश्याम को 52 हजार, संत को 12 हजार, विश्वनाथ को 15 हजार, हरिहर को 74 हजार व कमरून को 62 हजार रुपये का भुगतान हुआ है।
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सहायक निंबधक सहकारिता बने जांच अधिकारी
पशु शेड निर्माण में हुए धन के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी अनुनय झा ने सहायक निबंधक सहकारिता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वे मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
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मनरेगा से कराए जाने वाले पशु शेड के धनराशि के दुरुपयोग के मामले में तत्कालीन सचिव समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने के बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया है। रोजगार के संविदा समाप्ति के लिए भी खंड विकास अधिकारी को को पत्र भेजा गया है।
करुणाकर अदीब, उपायुक्त श्रम रोजगार
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सिसवा ब्लॉक के ग्राम पकड़ी चौबे में पशु शेड निर्माण में किए गए दो लाख 80 रुपये के दुरुपयोग के मामले में ग्राम पंचायत सचिव नीरज सिंह ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी शशिकांत पांडेय, पूर्व प्रधान रामानंद यादव, तकनीकी सहायक कंवलजीत सिंह व रोजगार सेवक शशिकला चौधरी पर कोठीभार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। जिला विकास अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
सिसवा ब्लॉक के ग्राम पकड़ी चौबे के रहने वाले हरिहर ने छह सितंबर को जिलाधिकारी से पशु शेड निर्माण के नाम पर धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि गांव में आधे-अधूरे बने पशु शेड निर्माण के नाम पर लाभार्थियाें को अनियमित तरीके से भुगतान किया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच उपायुक्त श्रम रोजगार को दी। जांच में उपायुक्त ने पाया कि गांव के छह लोगों के नाम पर कुल दो लाख 80 हजार रुपये का अनियमित भुगतान किया गया है।
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उन्होंने मामले में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक को दोषी मानते हुए जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। मामले में जिलाधिकारी ने दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने व उनसे धन की वसूली कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजा था। जिसके क्रम में खंड विकास अधिकारी सिसवा के निर्देश पर पकड़ी चौबे के ग्राम पंचायत सचिव नीरज सिंह ने बृहस्पतिवार को तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक के विरुद्ध कोठीभार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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रोजगार सेवक की संविदा समाप्ति के लिए भेजा गया है पत्र
मामले के सामने आने के बाद रोजगार सेवक की संविदा समाप्ति के लिए 30 सितंबर को पत्र भेजा गया था। केस दर्ज होने के बाद संविदा समाप्ति की कार्रवाई होगी।
पशु शेड निर्माण के नाम पर इन्हें किया गया अनियमित भुगतान
पशु शेड के निर्माण पर वर्ष 2020-21 में जिन्हें अनियमित भुगतान किया गया था उसमें भोला को 65 हजार, राधेश्याम को 52 हजार, संत को 12 हजार, विश्वनाथ को 15 हजार, हरिहर को 74 हजार व कमरून को 62 हजार रुपये का भुगतान हुआ है।
सहायक निंबधक सहकारिता बने जांच अधिकारी
पशु शेड निर्माण में हुए धन के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी अनुनय झा ने सहायक निबंधक सहकारिता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वे मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
मनरेगा से कराए जाने वाले पशु शेड के धनराशि के दुरुपयोग के मामले में तत्कालीन सचिव समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने के बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया है। रोजगार के संविदा समाप्ति के लिए भी खंड विकास अधिकारी को को पत्र भेजा गया है।
करुणाकर अदीब, उपायुक्त श्रम रोजगार