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Maharajganj News: छिनैती करने वाले 0007 गैंग के मुख्य सरगना सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज
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मुख्य सरगना की तलाश में जुटी पुलिस टीम, सरगना के कई ठिकानों पर पुलिस डाल रही छापा
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। थाना क्षेत्र में खुलेआम सड़कों पर मारपीट करने और दुकानों पर व्यापारियों से सामान उधार लेकर रकम न लौटाने के साथ ही छिनैती करने वाले 0007 गैंग पर पुलिस में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को सिधावे गांव में छापा मारकर गैंग के दो सक्रिय बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को गैंग के मुख्य सरगना सहित पांच युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनकी तलाश में पुलिस टीम नेपाल से लेकर बिहार तक छापा डाल रही है।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के पिपराकाजी गांव का रहने वाला एक युवक मोनू अली पिछले करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया पर 0007 नाम से एक ग्रुप बनाकर संचालित करने लगा। ग्रुप के जरिए मोनू अली ने क्षेत्र और शहर के कुछ युवाओं के साथ मिलकर एक गैंग तैयार कर लिया। फिर मारपीट सहित छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देने लगा। गैंग के किसी एक युवा की ओर से ग्रुप में कोई सूचना डालने के महज पांच मिनट बाद ही युवा काम के लिए तैयार हो जाते थे। गैंग ने लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया। गैंग के सदस्य मामूली बात में खुलेआम बीच सड़क पर किसी की भी बेरहमी से पिटाई कर आसानी से निकल जाते थे। गैंग के सदस्यों ने व्यापारियों से छिनैती, लूट सहित कई वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। गैंग के युवाओं का शहर से लेकर गांवों तक दहशत का माहौल था।
निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि 0007 गैंग के गिरफ्तार दो युवक ओंकार अग्रहरी और अमरेश निवासी महाशय मुहल्ला निचलौल से पूछताछ करने के बाद गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली निवासी पिपराकाजी के अलावा विपुल चौरसिया निवासी डीगही कोतवाली ठूठीबारी, विशाल यादव निवासी बैदौली के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना हो गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर कई जगहों पर छापा डाला जा रहा है। गैंग के मुख्य सरगना सहित अन्य आरोपियों को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी।
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हमले के सदमे से दो दिन बाद भी नहीं उबर सका था युवक
जानकारी के मुताबिक छितौना गांव के ग्राम प्रधान के लड़के और गैंग के एक युवक के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच बीते 7 सितंबर की शाम करीब तीन बजे प्रधान का लड़का बाइक से निचलौल जाने के लिए घर से निकला, तो गैंग में शामिल डीगही गांव के रहने वाले युवक विपुल चौरसिया ने गैंग के मुख्य सरगना को इसकी सूचना दी, लेकिन प्रधान का लड़का गांव से बाहर आने के बाद अपनी बाइक गांव के ही राहुल यादव को निचलौल जाने के लिए दे दी। उसके बाद राहुल यादव दोस्त गोलू के साथ बाइक से निचलौल निकल पड़े। उधर, सूचना के आधार पर बाइक सवार राहुल को गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली ने कुछ युवाओं के साथ सिरौली गांव के पास घेर लिया। अभी राहुल कुछ समझ बोलने की कोशिश करता की, उनपर युवाओं ने पंच से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। जिस दौरान वह अचेत होकर गिर पड़े। वहीं घायल युवक होश में आने के बाद भी सदमे में है।
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मुख्य सरगना के खिलाफ पहले भी केस हुआ है दर्ज
- एक जनवरी को निचलौल थाना क्षेत्र के रौतार मार्ग स्थित पिपराकाजी चौराहे पर गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली ने अपने सहयोगियों के साथ घोड़हवा मुहल्ले के रहने वाले युवक आलोक पटेल पर रॉड और चाकू से जानलेवा हमला किया था। जिस मामले में पुलिस ने मोनू अली, सलाउद्दीन, सोनू अली निवासी पिपराकाजी परवेश यादव निवासी डीगही, भोलू गुप्ता निवासी जिगनहवा, दुर्गेश तिवारी निवासी लक्ष्मीपुर, अंकित तिवारी और निखिल तिवारी निवासी बुढाडीह, विशाल यादव निवासी चैनपुर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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घटनाओं पर पहले पर्दा डालती रही पुलिस
गैंग में शामिल युवाओं के अपराध पर पहले पुलिस पर्दा डालने की कोशिश करती रही। यही कारण है कि गैंग के युवा काफी सक्रिय हो गए। फिर एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देने लगे। हाल की घटना के बाद पुलिस सक्रिय हुई है।
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केस नंबर एक-- 11 जून को गैंग के युवाओं ने शहर के नवीन मंडी परिसर के पीछे नहर में नहा रहे कुछ युवकों से विवाद करने के बाद हवाई फायरिंग की थी। जिस मामले में पुलिस ने कुछ युवाओं को हिरासत में लिया था, लेकिन कार्रवाई के बजाए छोड़ दिया।
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केस नंबर दो-- 15 जनवरी को बहुआर बाजार स्थित दुकान से वापस घर लौट रहे एक दुकानदार से बाइक सवार दो युवकों ने निचलौल चिउटहा मार्ग के खोन्हौली गांव के पास मोबाइल और नकदी छीन ली थी। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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केस नंबर तीन-- 24 मार्च को निचलौल सिंदुरिया मार्ग स्थित एक इंटर कालेज के पास गैंग के कुछ युवाओं ने एक लड़के को मामूली बात में बेरहमी से पिटाई कर लहूलुहान कर दिया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। थाना क्षेत्र में खुलेआम सड़कों पर मारपीट करने और दुकानों पर व्यापारियों से सामान उधार लेकर रकम न लौटाने के साथ ही छिनैती करने वाले 0007 गैंग पर पुलिस में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को सिधावे गांव में छापा मारकर गैंग के दो सक्रिय बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को गैंग के मुख्य सरगना सहित पांच युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनकी तलाश में पुलिस टीम नेपाल से लेकर बिहार तक छापा डाल रही है।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के पिपराकाजी गांव का रहने वाला एक युवक मोनू अली पिछले करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया पर 0007 नाम से एक ग्रुप बनाकर संचालित करने लगा। ग्रुप के जरिए मोनू अली ने क्षेत्र और शहर के कुछ युवाओं के साथ मिलकर एक गैंग तैयार कर लिया। फिर मारपीट सहित छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देने लगा। गैंग के किसी एक युवा की ओर से ग्रुप में कोई सूचना डालने के महज पांच मिनट बाद ही युवा काम के लिए तैयार हो जाते थे। गैंग ने लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया। गैंग के सदस्य मामूली बात में खुलेआम बीच सड़क पर किसी की भी बेरहमी से पिटाई कर आसानी से निकल जाते थे। गैंग के सदस्यों ने व्यापारियों से छिनैती, लूट सहित कई वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। गैंग के युवाओं का शहर से लेकर गांवों तक दहशत का माहौल था।
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निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि 0007 गैंग के गिरफ्तार दो युवक ओंकार अग्रहरी और अमरेश निवासी महाशय मुहल्ला निचलौल से पूछताछ करने के बाद गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली निवासी पिपराकाजी के अलावा विपुल चौरसिया निवासी डीगही कोतवाली ठूठीबारी, विशाल यादव निवासी बैदौली के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना हो गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर कई जगहों पर छापा डाला जा रहा है। गैंग के मुख्य सरगना सहित अन्य आरोपियों को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी।
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हमले के सदमे से दो दिन बाद भी नहीं उबर सका था युवक
जानकारी के मुताबिक छितौना गांव के ग्राम प्रधान के लड़के और गैंग के एक युवक के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच बीते 7 सितंबर की शाम करीब तीन बजे प्रधान का लड़का बाइक से निचलौल जाने के लिए घर से निकला, तो गैंग में शामिल डीगही गांव के रहने वाले युवक विपुल चौरसिया ने गैंग के मुख्य सरगना को इसकी सूचना दी, लेकिन प्रधान का लड़का गांव से बाहर आने के बाद अपनी बाइक गांव के ही राहुल यादव को निचलौल जाने के लिए दे दी। उसके बाद राहुल यादव दोस्त गोलू के साथ बाइक से निचलौल निकल पड़े। उधर, सूचना के आधार पर बाइक सवार राहुल को गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली ने कुछ युवाओं के साथ सिरौली गांव के पास घेर लिया। अभी राहुल कुछ समझ बोलने की कोशिश करता की, उनपर युवाओं ने पंच से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। जिस दौरान वह अचेत होकर गिर पड़े। वहीं घायल युवक होश में आने के बाद भी सदमे में है।
मुख्य सरगना के खिलाफ पहले भी केस हुआ है दर्ज
- एक जनवरी को निचलौल थाना क्षेत्र के रौतार मार्ग स्थित पिपराकाजी चौराहे पर गैंग के मुख्य सरगना मोनू अली ने अपने सहयोगियों के साथ घोड़हवा मुहल्ले के रहने वाले युवक आलोक पटेल पर रॉड और चाकू से जानलेवा हमला किया था। जिस मामले में पुलिस ने मोनू अली, सलाउद्दीन, सोनू अली निवासी पिपराकाजी परवेश यादव निवासी डीगही, भोलू गुप्ता निवासी जिगनहवा, दुर्गेश तिवारी निवासी लक्ष्मीपुर, अंकित तिवारी और निखिल तिवारी निवासी बुढाडीह, विशाल यादव निवासी चैनपुर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
घटनाओं पर पहले पर्दा डालती रही पुलिस
गैंग में शामिल युवाओं के अपराध पर पहले पुलिस पर्दा डालने की कोशिश करती रही। यही कारण है कि गैंग के युवा काफी सक्रिय हो गए। फिर एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देने लगे। हाल की घटना के बाद पुलिस सक्रिय हुई है।
केस नंबर एक
केस नंबर दो
केस नंबर तीन