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Maharajganj News: धोखाधड़ी में आठ लोगों पर केस दर्ज
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महराजगंज। महिला ने अपने मामा और जमीन माफियाओं पर जमीन खरीदवाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शहनाज गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र के बड़े काजीपुर की रहने वाली है। आरोप है कि उसके मामा रफीक उर्फ भोला और उसके साथी रामायन यादव ने धोखे से उससे 5.60 लाख रुपये हड़प लिए। थाने में हुए सुलहनामे के बावजूद बाकी 4.60 लाख रुपये नहीं लौटा रहे हैं। शहनाज ने गोरखपुर जोन के पुलिस महानिदेशक को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2024 में शहनाज के मामा रफीक ने अपनी भांजी को विश्वास में लेकर महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के घुघली बुजुर्ग की आराजी नंबर 700 (रकबा 4 डिसमिल) खरीदवाने का लालच दिया। उन्होंने प्रति डिसमिल 1.50 लाख रुपये के हिसाब से सौदा तय किया। शहनाज ने नकद 1.60 लाख रुपये 26 मार्च 2024 को रफीक को दिए। इसके अलावा रफीक के कहने पर 25 जुलाई 2024 को चार लाख रुपये यूनियन बैंक के खाते में शांति देवी पत्नी प्रहलाद को ट्रांसफर कर दिए। कुल 5.60 लाख रुपये का लेन-देन पूरा हो गया लेकिन नौ अप्रैल को महराजगंज के रजिस्ट्री कार्यालय में रफीक और रामायन ने शहनाज को बैनामा कराने बुलाया। मुंशी दिग्विजय वसीका नवीस ने एनसीआरबी फॉर्म 5/10 पर दस्तावेज तैयार किए। शहनाज ने भूखंड की पैमाइश, चौहद्दी और विलेख में साफ उल्लेख न होने पर आपत्ति जताई। साथ ही पैसे शांति देवी के खाते में ट्रांसफर होने पर उसके बेटों वीरेंद्र और धर्मेंद्र ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, मार्च 2024 में शहनाज के मामा रफीक ने अपनी भांजी को विश्वास में लेकर महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के घुघली बुजुर्ग की आराजी नंबर 700 (रकबा 4 डिसमिल) खरीदवाने का लालच दिया। उन्होंने प्रति डिसमिल 1.50 लाख रुपये के हिसाब से सौदा तय किया। शहनाज ने नकद 1.60 लाख रुपये 26 मार्च 2024 को रफीक को दिए। इसके अलावा रफीक के कहने पर 25 जुलाई 2024 को चार लाख रुपये यूनियन बैंक के खाते में शांति देवी पत्नी प्रहलाद को ट्रांसफर कर दिए। कुल 5.60 लाख रुपये का लेन-देन पूरा हो गया लेकिन नौ अप्रैल को महराजगंज के रजिस्ट्री कार्यालय में रफीक और रामायन ने शहनाज को बैनामा कराने बुलाया। मुंशी दिग्विजय वसीका नवीस ने एनसीआरबी फॉर्म 5/10 पर दस्तावेज तैयार किए। शहनाज ने भूखंड की पैमाइश, चौहद्दी और विलेख में साफ उल्लेख न होने पर आपत्ति जताई। साथ ही पैसे शांति देवी के खाते में ट्रांसफर होने पर उसके बेटों वीरेंद्र और धर्मेंद्र ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
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