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Maharajganj News: ब्रांड दिलखुश...किसान मायूस
Fri, 03 Jan 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:34 AM IST
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महराजगंज। खरीफ के सीजन में सदर ब्लॉक में बागापार के लगभग एक दर्जन किसान नकली धान-बीज के जरिये ठगी के शिकार हो गए। इन्होंने धान की नर्सरी डालने से लेकर समय पर रोपाई और सिंचाई के साथ खाद का इंतजाम भी किया, लेकिन धान की उपज नहीं हुई। किसानों ने बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
जनपद में बागापार टोला बहेरवा के किसान दिलखुश धान रोपकर भी खरीफ के सीजन में मायूस रह गए। यहां के हलीमुद्दीन, राजपति, सैयदतुन, तबरेज, ताहिर, आरिफ, नियाज, हनीफ, लतीफ, महेश और अख्तर आदि किसानों को धान की नर्सरी डालते समय एक धान कंपनी का एजेंट मिला। आरोप है कि उसने लंबे मुनाफे का प्रलोभन देकर दिलखुश-505 ब्रांड और हरित क्रांति हायब्रिड धान के बारे में बताया। कहा कि यह कम लागत में भरपूर उत्पादन की प्रजाति है। इसकी खरीद भी बागापार में एक बीज भंडार से की।
किसानों ने बीज की नर्सरी डाली और समय पर रोपाई भी कराई। समय-समय पर सिंचाई और खाद भी प्रयोग किया, लेकिन जब फसल तैयार दिखी तो कटाई के समय सभी के होश उड़ गए। कंबाइन से कटाई में खेत की पूरी फसल से एक किलो भी उपज नहीं मिली जिसे देख किसानों ने माथा पकड़ लिया। यह किसी एक की नहीं बल्कि सभी उन किसानों की पीड़ा थी जिन्होंने प्रलोभन में आकर उक्त बीज से खेती की थी। जिस दुकान से बीज खरीद किया उस बीज भंडार के संचालक ने कहा कि एजेंट से उसे बिक्री के लिए बीज दिया गया था और वह बीज बिक्री का पैसा भी लेकर जा चुका है।
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जनपद में बागापार टोला बहेरवा के किसान दिलखुश धान रोपकर भी खरीफ के सीजन में मायूस रह गए। यहां के हलीमुद्दीन, राजपति, सैयदतुन, तबरेज, ताहिर, आरिफ, नियाज, हनीफ, लतीफ, महेश और अख्तर आदि किसानों को धान की नर्सरी डालते समय एक धान कंपनी का एजेंट मिला। आरोप है कि उसने लंबे मुनाफे का प्रलोभन देकर दिलखुश-505 ब्रांड और हरित क्रांति हायब्रिड धान के बारे में बताया। कहा कि यह कम लागत में भरपूर उत्पादन की प्रजाति है। इसकी खरीद भी बागापार में एक बीज भंडार से की।
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किसानों ने बीज की नर्सरी डाली और समय पर रोपाई भी कराई। समय-समय पर सिंचाई और खाद भी प्रयोग किया, लेकिन जब फसल तैयार दिखी तो कटाई के समय सभी के होश उड़ गए। कंबाइन से कटाई में खेत की पूरी फसल से एक किलो भी उपज नहीं मिली जिसे देख किसानों ने माथा पकड़ लिया। यह किसी एक की नहीं बल्कि सभी उन किसानों की पीड़ा थी जिन्होंने प्रलोभन में आकर उक्त बीज से खेती की थी। जिस दुकान से बीज खरीद किया उस बीज भंडार के संचालक ने कहा कि एजेंट से उसे बिक्री के लिए बीज दिया गया था और वह बीज बिक्री का पैसा भी लेकर जा चुका है।
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