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Maharajganj News: सरकारी योजनाओं का लाभ...फैमिली आईडी जरूरी
Wed, 26 Jun 2024 05:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 26 Jun 2024 05:06 AM IST
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महराजगंज। प्रदेश सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी (एक परिवार एक पहचान) को अनिवार्य कर दिया है। यदि आपके पास फेमिली आईडी नहीं है तो आपको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। फिलहाल जिन लाभार्थियों के पास राशनकार्ड है उनके लिए उनका राशनकार्ड नंबर ही फैमिली आईडी का काम करेगा, लेकिन उनको भी बनवाना पड़ेगा। जिले में 5,000 ऐसे लोग हैं जिनके पास राशन कार्ड ही नहीं है।
जानकारी के अनुसार, गरीब वर्ग के सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के उद्देश्य से सरकार ने यह व्यवस्था लागू की है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों का ही राशन कार्ड बना है, इसलिए सरकार ने राशन कार्ड संख्या को ही फैमिली आईडी माना है। जिले में करीब पांच लाख तीन हजार राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। अंत्योदय 66619 व पात्र गृहस्थी 436381 कार्ड हैं। जिला प्रोबेशन विभाग में करीब पांच हजार निराश्रित महिलाओं को भी पेंशन दिया जा रहा है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से 1745 से अधिक दिव्यांग व कुष्ठ रोगियों को हर माह पेंशन मिलता है। इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को फैमिली आईडी देना अनिवार्य है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी दिव्यांग पेंशनरों को राशनकार्ड या फैमिली आईडी देना होगा। ऐसे लाभार्थी जिनकी फैमिली आईडी नहीं बनी है और न ही राशनकार्ड है वह जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे से वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करके फैमिली आईडी बनवा सकते हैं। ताकि फैमिली आईडी विभागीय पोर्टल पर अपडेट हो सके।
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पता-मोबाइल नंबर गलत, कैसे बने राशन कार्ड
सूत्र बताते हैं कि जिन लाभार्थियों का राशन कार्ड नहीं बना है, उनकी विभागों ने सूची तो दे दी है, लेकिन उनका राशन कार्ड बनाने में समस्या आ रही है। कई लाभार्थियों का पता गलत है तो कई के मोबाइल नंबर ही नहीं हैं। ऐसे में लाभार्थी से संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। विभाग ने सूची देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। ई-डिस्ट्रीक मैनेजर रजी अख्तर ने बताया कि फैमिली आईडी बनाने पर जोर बीते एक वर्ष से दिया जा रहा है। जिले की चार तहसील सदर, निचलौल, नौतनवा, फरेंदा में अभी तक 1950 फैमिली आईडी बनाई जा चुकी हैं।
इस तरह कर सकते हैं आवेदन
-आवेदक को (familyid.up.gov.in) पर लॉगइन करना होगा।
-मुख्य पेज पर रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करने पर पेज खुलेगा जिस पर आपको नाम और आधार मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी बटन पर क्लिक करना होगा।
-पंजीकरण के बाद पेज पर नीचे की ओर दिए गए साइन इन पर क्लिक करना होगा।
-साइन इन करते ही एक पेज खुलेगा जिसमें मोबाइल नंबर डालकर फिर से सेंड ओटीपी पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आवेदन का फार्म एसडीएम और बीडीओ स्तर पर जांच के लिए पहुंच जाएगा। जांच के बाद फैमिली आईडी जारी कर दी जाएगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी बनवाना जरूरी है। नए आवेदक की फैमिली आईडी होना पहले अनिवार्य होगा। जो पुराने लाभार्थी हैं और उनकी आईडी नहीं बनी है, उन्हें भी जल्द इसे बनवाना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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जानकारी के अनुसार, गरीब वर्ग के सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के उद्देश्य से सरकार ने यह व्यवस्था लागू की है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों का ही राशन कार्ड बना है, इसलिए सरकार ने राशन कार्ड संख्या को ही फैमिली आईडी माना है। जिले में करीब पांच लाख तीन हजार राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। अंत्योदय 66619 व पात्र गृहस्थी 436381 कार्ड हैं। जिला प्रोबेशन विभाग में करीब पांच हजार निराश्रित महिलाओं को भी पेंशन दिया जा रहा है।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से 1745 से अधिक दिव्यांग व कुष्ठ रोगियों को हर माह पेंशन मिलता है। इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को फैमिली आईडी देना अनिवार्य है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी दिव्यांग पेंशनरों को राशनकार्ड या फैमिली आईडी देना होगा। ऐसे लाभार्थी जिनकी फैमिली आईडी नहीं बनी है और न ही राशनकार्ड है वह जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे से वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करके फैमिली आईडी बनवा सकते हैं। ताकि फैमिली आईडी विभागीय पोर्टल पर अपडेट हो सके।
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पता-मोबाइल नंबर गलत, कैसे बने राशन कार्ड
सूत्र बताते हैं कि जिन लाभार्थियों का राशन कार्ड नहीं बना है, उनकी विभागों ने सूची तो दे दी है, लेकिन उनका राशन कार्ड बनाने में समस्या आ रही है। कई लाभार्थियों का पता गलत है तो कई के मोबाइल नंबर ही नहीं हैं। ऐसे में लाभार्थी से संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। विभाग ने सूची देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। ई-डिस्ट्रीक मैनेजर रजी अख्तर ने बताया कि फैमिली आईडी बनाने पर जोर बीते एक वर्ष से दिया जा रहा है। जिले की चार तहसील सदर, निचलौल, नौतनवा, फरेंदा में अभी तक 1950 फैमिली आईडी बनाई जा चुकी हैं।
इस तरह कर सकते हैं आवेदन
-आवेदक को (familyid.up.gov.in) पर लॉगइन करना होगा।
-मुख्य पेज पर रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करने पर पेज खुलेगा जिस पर आपको नाम और आधार मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी बटन पर क्लिक करना होगा।
-पंजीकरण के बाद पेज पर नीचे की ओर दिए गए साइन इन पर क्लिक करना होगा।
-साइन इन करते ही एक पेज खुलेगा जिसमें मोबाइल नंबर डालकर फिर से सेंड ओटीपी पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आवेदन का फार्म एसडीएम और बीडीओ स्तर पर जांच के लिए पहुंच जाएगा। जांच के बाद फैमिली आईडी जारी कर दी जाएगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी बनवाना जरूरी है। नए आवेदक की फैमिली आईडी होना पहले अनिवार्य होगा। जो पुराने लाभार्थी हैं और उनकी आईडी नहीं बनी है, उन्हें भी जल्द इसे बनवाना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी