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Maharajganj News: बाबू...राम मंदिर बनता, इ देख के करेजा गदगद हो गइल बा

Tue, 09 Jan 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 09 Jan 2024 12:08 AM IST
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Babu...Ram Mandir is being built, I am very proud to see this.
महराजगंज। बाबू...राम मंदिर बनत देख के हमार करेजा गदगद हो गइल बा... राम मंदिर आंदोलन में हम केतना यातना सहलीं अब एकर कउनो गम नाही बा। बस इह सपना रहल कि राम मंदिर बन जाए। उहो सपना पूरा हो गइल।
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पुरानी यादें बयां करते हुए राम मंदिर आंदोलन में शामिल पनियरा क्षेत्र के रामनगर मुजरी निवासी कपिल देव तिवारी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ केंद्रीय विद्यालय में बने अस्थायी जेल में एक माह तक रखा गया, लेकिन वहां भी आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं था। जय श्रीराम के नारे से पूरा जेल परिसर गूंज उठता था।
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उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान कार सेवकों पर पुलिस का कड़ा पहरा था। उस वक्त भी लोगों का उत्साह कम नहीं था। लाख पहरा लगने के बाद भी तमाम लोग अयोध्या पहुंच गए थे। पुलिस ऐसी व्यवस्था बनाई थी कि किसी को वहां न पहुंचने दिया जाए। आज राम मंदिर बनने का सपना साकार हो गया। यह बड़े ही गर्व की बात है। कपिल बताते हैं, आंदोलनकारियों की लोग भी मदद करते थे। चाहे भोजन की बात हो या फिर चाय पानी। सब मिल जाता था। लोग इसे धर्म से जोड़कर देखते थे।
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लोगों का यही मानना था की जो राम की सेवा में लगा है, कम से कम उसी की मदद कर ही कुछ पुण्य कर लिया जाए। यह भाव उस वक्त के आंदोलन को सफल बना दिया। अयोध्या राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को पुलिस हर जगह प्रताड़ित करती थी, लेकिन अब वक्त बदल गया है। गुजरे वक्त में जो लोग यातना देते थे, आज वह भी रामभक्तों पर फूल बरसा रहे हैं।

कपिलदेव तिवारी कहा कि मुझे घर से ही पुलिस ने उठाई थी। पनियरा थाने ले जाकर लिखा पढ़ी करने के बाद महराजगंज ले गई। वहां भी एक रजिस्टर में नाम दर्ज हुआ था। इसके बाद आजमगढ़ में बने अस्थायी जेल केंद्रीय विद्यालय ले जाया गया। यहां एक माह वक्त गुजारने के बाद हालात सामान्य हुए तो घर भेज दिया गया। वहां पांच से अधिक लोग रहे। अस्थाई में भी किसी का उत्साह कम नहीं था। राम लला हम आएंगे...मंदिर वहीं बनाएंगे आदि के नारे लग रहे थे।
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