{"_id":"679b8179bc2c3b21b50cb692","slug":"as-soon-as-the-bow-broke-the-pandal-echoed-with-chants-of-jai-shri-ram-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-141585-2025-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा पंडाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा पंडाल
Thu, 30 Jan 2025 07:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 30 Jan 2025 07:11 PM IST
विज्ञापन
लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरैया रघुवीर में नौ दिवसीय श्रीश्री रुद्र महायज्ञ के दौरान रामलीला में कलाकारों ने राम विवाह का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि जनकपुर के राजा जनक ने सीता स्वयंवर का आयोजन करते हैं। इसमें एक शर्त रखी गई थी कि जो प्राचीन शिव धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा उसी के साथ सीता का विवाह होगा।
स्वयंवर में भाग लेने के लिए कई देश के राजा पहुंचते हैं और सभी बारी बारी से शिव धनुष उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई भी धनुष को हिला न सका। निमंत्रण पाकर गुरु विश्वामित्र के साथ राजा दशरथ के पुत्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व लक्ष्मण भी पहुंचते हैं। धनुष किसी बलशाली राजा के हिला न पाने पर राजा जनक अधीर हो जाते हैं।
कहते हैं कि लगता है धरती वीरों से खाली हो गई है। यह सुन लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं। बाद में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर राम धनुष उठाने के लिए जाते हैं और पल भर में ही प्रत्यंचा चढ़ाने के दौरान शिव धनुष टूट जाता है। धनुष टूटते ही सीता ने राम के गले में वरमाला डाल दिया। उधर जनकजी श्रीराम व सीता की शादी की तैयारी में जुट गए। इसकी खबर राजा दशरथ को दी गई। आमंत्रण मिलते ही राजा दशरथ घोड़े हाथी व गाजे-बाजे के साथ बरातियों को लेकर जनकपुर पहुंचे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वयंवर में भाग लेने के लिए कई देश के राजा पहुंचते हैं और सभी बारी बारी से शिव धनुष उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई भी धनुष को हिला न सका। निमंत्रण पाकर गुरु विश्वामित्र के साथ राजा दशरथ के पुत्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व लक्ष्मण भी पहुंचते हैं। धनुष किसी बलशाली राजा के हिला न पाने पर राजा जनक अधीर हो जाते हैं।
विज्ञापन
कहते हैं कि लगता है धरती वीरों से खाली हो गई है। यह सुन लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं। बाद में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर राम धनुष उठाने के लिए जाते हैं और पल भर में ही प्रत्यंचा चढ़ाने के दौरान शिव धनुष टूट जाता है। धनुष टूटते ही सीता ने राम के गले में वरमाला डाल दिया। उधर जनकजी श्रीराम व सीता की शादी की तैयारी में जुट गए। इसकी खबर राजा दशरथ को दी गई। आमंत्रण मिलते ही राजा दशरथ घोड़े हाथी व गाजे-बाजे के साथ बरातियों को लेकर जनकपुर पहुंचे। संवाद
विज्ञापन