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Maharajganj News: लेखपाल लौटे तो शुरू हुए बकाया काम... स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी
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महराजगंज। मंगलवार से लेखपाल काम पर लौटे तो तहसीलों पर आवेदकों के पेंडिंग आवेदन निपटने लगे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग में जारी कार्य बहिष्कार से अब भी जिले की सेहत की जांच-इलाज से लेकर टीकाकरण का काम बेपटरी है।
सोमवार तक सदर, निचलौल, नौतनवा व फरेंदा तहसील पर राजस्व, जाति व आय प्रमाण पत्र आदि के तकरीबन 4538 आवेदन पेंडिंग में थे। बुधवार को ये संख्या कम होकर 3573 पर आ गई। हालांकि ओटीपी के नए नियमों ने आवेदकों के प्रमाण पत्र बनाने संबंधी रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लगा दिया है। निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार, छात्रवृत्ति के लिए जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाना छात्रों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रह गया है। सहज जनसेवा केंद्रों पर नए नियमों और बार-बार ओटीपी की अनिवार्यता ने आवेदकों के साथ संचालकों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या इस परेशानी को और गंभीर बना रही है। ओटीपी मिलने में जरा सी देरी होते ही आवेदन की प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ रही है।
जनसेवा केंद्र संचालक विपिन कुमार कसौधन का कहना है कि पहले एक घंटे में करीब 20 से 25 आवेदन किए जा सकते थे लेकिन अब ओटीपी और सत्यापन की प्रक्रिया में उलझने के कारण एक घंटे में महज दो से पांच आवेदन ही हो पा रहे हैं। इससे केंद्रों पर आवेदकों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार काफी समय देने के बाद भी आवेदन पूरा नहीं हो पाता। संचालकों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
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वहीं छात्रवृत्ति आवेदन के लिए प्रमाणपत्र बनवाने आए सूरज वर्मा , लक्की कुमार, अभयनन्द ने बताया कि प्रमाण पत्रों के जरूरत के बीच इस समस्या से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। समय पर प्रमाणपत्र नहीं बनने से उनके आगे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। आवेदकों और जनसेवा केंद्र संचालकों ने सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने और सीमावर्ती क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी समस्या को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं इस बाबत तहसीलदार निचलौल अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामले से संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही समस्या के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर एनएचएम कर्मियों का धरना जारी : फरेंदा। समान कार्य-समान वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। संघर्ष समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के निर्देशन में फरेंदा ब्लॉक के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें वेतन संबंधी विसंगतियों समेत विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। धरने में आरबीएसके टीम के डॉ. अनिरुद्ध पांडेय, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. आसमा तरन्नुम, दिनेश वर्मा, एसपी त्रिपाठी, केशव शुक्ला, दिलीप सिंह, काउंसलर विनोद गुप्ता, अंकित पांडेय, ऋषिकेश गुप्ता, राम नगीना यादव, अखिलेश, हाशिम अंसारी, सुधीर सिंह, हेमलता, सुमन विश्वकर्मा, सुधा यादव, गीता, आशा वर्मा मौजूद रहे।
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सोमवार तक सदर, निचलौल, नौतनवा व फरेंदा तहसील पर राजस्व, जाति व आय प्रमाण पत्र आदि के तकरीबन 4538 आवेदन पेंडिंग में थे। बुधवार को ये संख्या कम होकर 3573 पर आ गई। हालांकि ओटीपी के नए नियमों ने आवेदकों के प्रमाण पत्र बनाने संबंधी रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लगा दिया है। निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार, छात्रवृत्ति के लिए जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाना छात्रों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रह गया है। सहज जनसेवा केंद्रों पर नए नियमों और बार-बार ओटीपी की अनिवार्यता ने आवेदकों के साथ संचालकों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या इस परेशानी को और गंभीर बना रही है। ओटीपी मिलने में जरा सी देरी होते ही आवेदन की प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ रही है।
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जनसेवा केंद्र संचालक विपिन कुमार कसौधन का कहना है कि पहले एक घंटे में करीब 20 से 25 आवेदन किए जा सकते थे लेकिन अब ओटीपी और सत्यापन की प्रक्रिया में उलझने के कारण एक घंटे में महज दो से पांच आवेदन ही हो पा रहे हैं। इससे केंद्रों पर आवेदकों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार काफी समय देने के बाद भी आवेदन पूरा नहीं हो पाता। संचालकों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
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वहीं छात्रवृत्ति आवेदन के लिए प्रमाणपत्र बनवाने आए सूरज वर्मा , लक्की कुमार, अभयनन्द ने बताया कि प्रमाण पत्रों के जरूरत के बीच इस समस्या से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। समय पर प्रमाणपत्र नहीं बनने से उनके आगे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। आवेदकों और जनसेवा केंद्र संचालकों ने सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने और सीमावर्ती क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी समस्या को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं इस बाबत तहसीलदार निचलौल अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामले से संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही समस्या के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर एनएचएम कर्मियों का धरना जारी : फरेंदा। समान कार्य-समान वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। संघर्ष समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के निर्देशन में फरेंदा ब्लॉक के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें वेतन संबंधी विसंगतियों समेत विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। धरने में आरबीएसके टीम के डॉ. अनिरुद्ध पांडेय, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. आसमा तरन्नुम, दिनेश वर्मा, एसपी त्रिपाठी, केशव शुक्ला, दिलीप सिंह, काउंसलर विनोद गुप्ता, अंकित पांडेय, ऋषिकेश गुप्ता, राम नगीना यादव, अखिलेश, हाशिम अंसारी, सुधीर सिंह, हेमलता, सुमन विश्वकर्मा, सुधा यादव, गीता, आशा वर्मा मौजूद रहे।