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आत्मरक्षा शिविर
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आकस्मिक स्थिति में घबराएं नहीं डटकर मुकाबला करें : कोतवाल
महराजगंज। आकस्मिक स्थिति में घबराएं नहीं डटकर मुकाबला करें। विपरीत परिस्थितियों में अपने पास उपलब्ध दुपट्टा, पेन, पिन, मोबाइल फोन, चाबी जैसी चीजों से अपनी आत्मरक्षा करते हुए सामने वाले को कड़ा सबक सिखाया जा सकता है।
यह बातें सदर कोतवाल रवि कुमार राय ने कही। वह बुधवार को केएमसी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज महराजगंज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की जानकारी दी गई। महिला हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी जानकारी दी गई।
महराजगंज डिस्ट्रीक ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा करने के लिए मार्शल आर्ट सीखना बेहद जरूरी है। उन्होंने आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी।
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उप निरीक्षक कंचन राय, उप निरीक्षक मनीषा सिंह, ज्योति सिंह, नीलम पांडेय ने छात्राओं को आत्मरक्षा के बारे में विस्तार से बताया। ताइक्वांडो टीम के रिजवान एवं रवि चौहान ने आत्मरक्षा के हुनर का प्रदर्शन करके दिखाने के साथ ही छात्राओं को अभ्यास कराया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. भानू प्रिया ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान डॉ. धनंजय कुशवाहा, रेखा श्रीवास्तव, अंशु श्रीवास्तव, आशिष, सुमन लता, जूही, विनोद श्रीवास्तव, रंजीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में 80 लोग शामिल थे।
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मार्शल आर्ट के जरिए खुद को बचाने का तरीका सीखने से आत्मविश्वास बढ़ा है। शिविर में आत्मरक्षा के आसान उपायों की जानकारी दी गई।
- नेहा मोदनवाल
खुद को कमजोर समझने से आधा बल स्वत: ही गायब हो जाता है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में खुद को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।
- शोभा यादव
चाबी, पेन, दुपट्टे से भी विपरीत परिस्थिति में हथियार की तरह काम किया जा सकता है। शिविर में इसकी जानकारी हुई।
- लक्ष्मी सिंह
शिविर से आत्मबल बढ़ा है। विपरीत परिस्थिति में बचाव करने के तरीकों के बारे में जानकारी मिली है। यह भविष्य में काम आएगी।
- सीमा मौर्या
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महराजगंज। आकस्मिक स्थिति में घबराएं नहीं डटकर मुकाबला करें। विपरीत परिस्थितियों में अपने पास उपलब्ध दुपट्टा, पेन, पिन, मोबाइल फोन, चाबी जैसी चीजों से अपनी आत्मरक्षा करते हुए सामने वाले को कड़ा सबक सिखाया जा सकता है।
यह बातें सदर कोतवाल रवि कुमार राय ने कही। वह बुधवार को केएमसी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज महराजगंज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की जानकारी दी गई। महिला हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी जानकारी दी गई।
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महराजगंज डिस्ट्रीक ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा करने के लिए मार्शल आर्ट सीखना बेहद जरूरी है। उन्होंने आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी।
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उप निरीक्षक कंचन राय, उप निरीक्षक मनीषा सिंह, ज्योति सिंह, नीलम पांडेय ने छात्राओं को आत्मरक्षा के बारे में विस्तार से बताया। ताइक्वांडो टीम के रिजवान एवं रवि चौहान ने आत्मरक्षा के हुनर का प्रदर्शन करके दिखाने के साथ ही छात्राओं को अभ्यास कराया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. भानू प्रिया ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान डॉ. धनंजय कुशवाहा, रेखा श्रीवास्तव, अंशु श्रीवास्तव, आशिष, सुमन लता, जूही, विनोद श्रीवास्तव, रंजीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में 80 लोग शामिल थे।
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मार्शल आर्ट के जरिए खुद को बचाने का तरीका सीखने से आत्मविश्वास बढ़ा है। शिविर में आत्मरक्षा के आसान उपायों की जानकारी दी गई।
- नेहा मोदनवाल
खुद को कमजोर समझने से आधा बल स्वत: ही गायब हो जाता है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में खुद को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।
- शोभा यादव
चाबी, पेन, दुपट्टे से भी विपरीत परिस्थिति में हथियार की तरह काम किया जा सकता है। शिविर में इसकी जानकारी हुई।
- लक्ष्मी सिंह
शिविर से आत्मबल बढ़ा है। विपरीत परिस्थिति में बचाव करने के तरीकों के बारे में जानकारी मिली है। यह भविष्य में काम आएगी।
- सीमा मौर्या