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Maharajganj News: पागल कुत्तों के काटने पर अब लगाया जाएगा एंटी रेबीज सीरम का इंजेक्शन
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रविवार से सीएचसी परतावल में शुरू हुई सुविधा, पहले ही दिन 12 लोगों ने कराया उपचार
पागल अथवा संदिग्ध कुत्तों के काटने की स्थिति में काफी प्रभावी माना जाता है एंटी रैबीज सीरम
परतावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल में अब रेबीज से बचाव के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के साथ-साथ एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) लगाने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में बढ़ रही कुत्तों के काटने की घटनाओं को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है।
रविवार को इस नई सुविधा का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन 12 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। सीएचसी परतावल में सुबह से ही कुत्तों के काटने से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों ने मरीजों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद जरूरत के अनुसार एआरवी एवं एआरएस इंजेक्शन लगाए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पागल अथवा संदिग्ध कुत्तों के काटने की स्थिति में एंटी रैबीज सीरम काफी प्रभावी माना जाता है और यह संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि पहले केवल एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध थी, लेकिन अब गंभीर मामलों को देखते हुए एंटी रैबीज सीरम की भी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पागल कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए तथा बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर इंजेक्शन लगवाने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है। इस दौरान अस्पताल परिसर में स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों और उनके परिजनों को जागरूक भी किया।
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पागल अथवा संदिग्ध कुत्तों के काटने की स्थिति में काफी प्रभावी माना जाता है एंटी रैबीज सीरम
परतावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल में अब रेबीज से बचाव के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के साथ-साथ एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) लगाने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में बढ़ रही कुत्तों के काटने की घटनाओं को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है।
रविवार को इस नई सुविधा का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन 12 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। सीएचसी परतावल में सुबह से ही कुत्तों के काटने से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों ने मरीजों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद जरूरत के अनुसार एआरवी एवं एआरएस इंजेक्शन लगाए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पागल अथवा संदिग्ध कुत्तों के काटने की स्थिति में एंटी रैबीज सीरम काफी प्रभावी माना जाता है और यह संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करता है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि पहले केवल एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध थी, लेकिन अब गंभीर मामलों को देखते हुए एंटी रैबीज सीरम की भी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पागल कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए तथा बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर इंजेक्शन लगवाने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है। इस दौरान अस्पताल परिसर में स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों और उनके परिजनों को जागरूक भी किया।
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