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Maharajganj News: गैलन में डीजल देने से इंकार पर भड़के किसान पंपिंगसेट लेकर पहुंचे
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घंटों चला हंगामा, सड़क जाम, पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई आपूर्ति
महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली स्थित पेट्रोल पंप पर उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब किसानों को गैलन में डीजल देने से मना कर दिया गया। नाराज किसान अपने पंपिंगसेट और गैलन लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई तथा निचलौल-चिउटहा मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।
किसानों का आरोप है कि खेतों की सिंचाई के लिए डीजल की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन पेट्रोल पंप प्रबंधन अनावश्यक नियम-कानून बताकर गैलन में डीजल देने से इंकार कर रहा था। किसानों ने पंप के प्रबंधन का कार्य देख रहे एक युवक पर अभद्र भाषा के प्रयोग और आए दिन किसानों से उलझने का भी आरोप लगाया।
किसानों ने कहा कि खेतों तक ट्रैक्टर या वाहन ले जाना संभव नहीं होता, इसलिए अधिकांश लोग गैलन या डिब्बों में डीजल लेकर पंपिंगसेट चलाते हैं।
विवाद बढ़ने पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली नोकझोंक और वार्ता के बाद स्थिति शांत हुई। इसके बाद पुनः किसानों को गैलन में डीजल दिया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ और आवागमन बहाल हो सका।
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आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल ने बताया कि मामले की सूचना मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें तथा जरूरत के अनुसार ही डीजल-पेट्रोल की खरीदारी करें।
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महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली स्थित पेट्रोल पंप पर उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब किसानों को गैलन में डीजल देने से मना कर दिया गया। नाराज किसान अपने पंपिंगसेट और गैलन लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई तथा निचलौल-चिउटहा मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।
किसानों का आरोप है कि खेतों की सिंचाई के लिए डीजल की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन पेट्रोल पंप प्रबंधन अनावश्यक नियम-कानून बताकर गैलन में डीजल देने से इंकार कर रहा था। किसानों ने पंप के प्रबंधन का कार्य देख रहे एक युवक पर अभद्र भाषा के प्रयोग और आए दिन किसानों से उलझने का भी आरोप लगाया।
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किसानों ने कहा कि खेतों तक ट्रैक्टर या वाहन ले जाना संभव नहीं होता, इसलिए अधिकांश लोग गैलन या डिब्बों में डीजल लेकर पंपिंगसेट चलाते हैं।
विवाद बढ़ने पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली नोकझोंक और वार्ता के बाद स्थिति शांत हुई। इसके बाद पुनः किसानों को गैलन में डीजल दिया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ और आवागमन बहाल हो सका।
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आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल ने बताया कि मामले की सूचना मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें तथा जरूरत के अनुसार ही डीजल-पेट्रोल की खरीदारी करें।