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Maharajganj News: किसानों के लिए बरसा अमृत...धान की नर्सरी के लिए फायदेमंद
Tue, 20 May 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 20 May 2025 12:37 AM IST
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महराजगंज। धान की रोपाई से पहले जिले के विभिन्न जगहों पर हुई बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। किसानों का मानना है कि यह बारिश गन्ना, धान की बेहन और सब्जी की खेती के लिए अमृत जैसा है। क्योंकि बारिश से जहां किसानों को फसलों में सिंचाई में लगने वाले रकम की बचत होगी।
वहीं बारिश से फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद भी जगी है। मानसून आने से पहले ही मई के दूसरे सप्ताह में पिछले दो दिनों से रूक-रूककर बारिश हो रही है। सोमवार को भी सुबह से महराजगंज, फरेंदा, पनियरा, नौतनवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा, शिकारपुर, घुघली, कटहरी, बहुआर, परसामलिक, बरगदवा सहित अन्य जगहों पर अच्छी बारिश हुई।
पूरे दिन मौसम सुहाना बना रहा। हालांकि बीच-बीच में कुछ देर के लिए हो रही धूप उमस भी बढ़ाती रही। अगले एक दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। शहर में गांधी नगर, शास्त्री नगर, विस्मिल नगर में कुछ देर के लिए जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। भारत नेपाल बाॅर्डर से सटे सीमावर्ती क्षेत्र के किसान इजहार अली, प्रभाकर जायसवाल, बोनी शेख, गौरीशंकर, नरेंद्र पटेल आदि ने बताया कि वह लोग बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करते हैं। बारिश नहीं होने से गन्ने की फसलों में सिंचाई करने में आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
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कई जगह तो फसल सूखने के कगार पर पहुंच गए थे, लेकिन पिछले दो दिनों से रुक रुककर हो रही बारिश से गन्ने की फसल को संजीवनी मिली है। क्योंकि बारिश के पानी से जहां फसल की आसानी से सिंचाई हो जाती है।
वहीं उनके जेब पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता है, जबकि मदनपुरा निवासी तूफानी सहानी, कमलेश आदि ने कहा कि वह लोग सब्जी की खेती किए हैं।
बारिश से फसलों को काफी फायदा हुआ है। बारिश के पानी से फसलों पर लगने वाले रोग रुक जाते हैं। इतना ही नहीं उनकी आर्थिक बोझ भी कम हो जाती है। वहीं खोन्हौली निवासी किसान बांकेलाल, ओमप्रकाश, बैजनाथ आदि ने बताया कि धान की रोपाई से पहले हो रही बारिश से काफी लाभ मिलेगा।
बारिश से धान की रोपाई करने वाले खेतों में खरपतवार उग आएंगे। समय रहते आसानी से किसान निराई कर सकते हैं। इतना ही इन दिनों खेतों में धान की बेहन भी डाला जा रहा है।
दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में आर्द्रता 62 प्रतिशत रही। जबकि हवा लगभग 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रही।
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वहीं बारिश से फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद भी जगी है। मानसून आने से पहले ही मई के दूसरे सप्ताह में पिछले दो दिनों से रूक-रूककर बारिश हो रही है। सोमवार को भी सुबह से महराजगंज, फरेंदा, पनियरा, नौतनवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा, शिकारपुर, घुघली, कटहरी, बहुआर, परसामलिक, बरगदवा सहित अन्य जगहों पर अच्छी बारिश हुई।
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पूरे दिन मौसम सुहाना बना रहा। हालांकि बीच-बीच में कुछ देर के लिए हो रही धूप उमस भी बढ़ाती रही। अगले एक दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। शहर में गांधी नगर, शास्त्री नगर, विस्मिल नगर में कुछ देर के लिए जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। भारत नेपाल बाॅर्डर से सटे सीमावर्ती क्षेत्र के किसान इजहार अली, प्रभाकर जायसवाल, बोनी शेख, गौरीशंकर, नरेंद्र पटेल आदि ने बताया कि वह लोग बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करते हैं। बारिश नहीं होने से गन्ने की फसलों में सिंचाई करने में आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
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कई जगह तो फसल सूखने के कगार पर पहुंच गए थे, लेकिन पिछले दो दिनों से रुक रुककर हो रही बारिश से गन्ने की फसल को संजीवनी मिली है। क्योंकि बारिश के पानी से जहां फसल की आसानी से सिंचाई हो जाती है।
वहीं उनके जेब पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता है, जबकि मदनपुरा निवासी तूफानी सहानी, कमलेश आदि ने कहा कि वह लोग सब्जी की खेती किए हैं।
बारिश से फसलों को काफी फायदा हुआ है। बारिश के पानी से फसलों पर लगने वाले रोग रुक जाते हैं। इतना ही नहीं उनकी आर्थिक बोझ भी कम हो जाती है। वहीं खोन्हौली निवासी किसान बांकेलाल, ओमप्रकाश, बैजनाथ आदि ने बताया कि धान की रोपाई से पहले हो रही बारिश से काफी लाभ मिलेगा।
बारिश से धान की रोपाई करने वाले खेतों में खरपतवार उग आएंगे। समय रहते आसानी से किसान निराई कर सकते हैं। इतना ही इन दिनों खेतों में धान की बेहन भी डाला जा रहा है।
दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में आर्द्रता 62 प्रतिशत रही। जबकि हवा लगभग 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रही।