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Maharajganj News: पत्रावलियों के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी
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हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने का निर्णय, चौथे दिन भी न्यायिक कार्य से पूर्णतः विरत रहे अधिवक्ता
महराजगंज। पारिवारिक न्यायालय की सैकड़ों पत्रावलियों को ग्राम न्यायालय नौतनवां और निचलौल में स्थानांतरित करने के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अव्यावहारिक, अमानवीय और पक्षपातपूर्ण निर्णय के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जाएगी।
आम सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय की पत्रावलियां दूरदराज के ग्राम न्यायालयों में भेजे जाने से परेशानी होगी। उनका कहना है कि नौतनवां और निचलौल दूरस्थ क्षेत्र हैं, यहां न तो उचित कोर्ट भवन है, न अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और न ही पक्षकारों के ठहरने की व्यवस्था। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब मुवक्किलों को भारी कठिनाई होगी। साथ ही तलाक, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मामलों की सुनवाई खुले ग्राम न्यायालयों में होने से गोपनीयता भी भंग होगी। अध्यक्ष करुणाकर पति त्रिपाठी एवं महामंत्री अनूप सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि आम सभा के निर्णय के अनुपालन में बार एसोसिएशन शीघ्र ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए। चौथे दिन भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूर्णतः विरत रहे।
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महराजगंज। पारिवारिक न्यायालय की सैकड़ों पत्रावलियों को ग्राम न्यायालय नौतनवां और निचलौल में स्थानांतरित करने के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अव्यावहारिक, अमानवीय और पक्षपातपूर्ण निर्णय के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जाएगी।
आम सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय की पत्रावलियां दूरदराज के ग्राम न्यायालयों में भेजे जाने से परेशानी होगी। उनका कहना है कि नौतनवां और निचलौल दूरस्थ क्षेत्र हैं, यहां न तो उचित कोर्ट भवन है, न अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और न ही पक्षकारों के ठहरने की व्यवस्था। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब मुवक्किलों को भारी कठिनाई होगी। साथ ही तलाक, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मामलों की सुनवाई खुले ग्राम न्यायालयों में होने से गोपनीयता भी भंग होगी। अध्यक्ष करुणाकर पति त्रिपाठी एवं महामंत्री अनूप सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि आम सभा के निर्णय के अनुपालन में बार एसोसिएशन शीघ्र ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए। चौथे दिन भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूर्णतः विरत रहे।
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