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Maharajganj News: एकल स्कूल में 15 जून के बाद होगा समायोजन
Thu, 06 Jun 2024 04:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 06 Jun 2024 04:24 AM IST
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महराजगंज। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 15 जून के बाद शिक्षकों के जिले के अंदर समायोजन होगा। सितंबर 2023 की छात्र संख्या के आधार पर मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के एक से दूसरे विद्यालय में तबादले किए जाएंगे। विभाग शासनादेश की प्रतीक्षा तो कर रहा है, लेकिन उसने एकल विद्यालय व सरप्लस स्कूलों की सूची निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। शासनादेश मिलने के बाद सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
जनपद में 1705 स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन हैं जिसमें 5356 के लगभग शिक्षक व शिक्षा मित्र तैनात हैं। विभाग की ओर से संचालित जिन प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे कम हैं और शिक्षक ज्यादा हैं वहां से शिक्षकों को हटाते हुए अधिक बच्चों वाले विद्यालय में भेजा जाएगा। इस संबंध में छात्र संख्या के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों और बच्चों का ब्यौरा दुरुस्त किया जा रहा है। ताकि पोर्टल से ही शिक्षकों का एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया जा सके। यह प्रक्रिया 15 जून के बाद प्रारंभ हो सकती है।
जिले में काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां पर शिक्षकों और बच्चों का अनुपात बराबर नहीं है। 50 विद्यालय आज भी एकल हैं। हर ब्लाॅक में चार-चार स्कूल एकल हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या तो अधिक है, लेकिन शिक्षक एक ही हैं। नौतनवा में ऐसे छह स्कूल हैं, सभी की सूची विभाग तैयार करवा रहा है। कई विद्यालयों में बच्चों की संख्या 25 से 30 है और शिक्षकों की संख्या दो से अधिक है। इसके बीच कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां शिक्षकों की संख्या दो से तीन है लेकिन वहां बच्चों की संख्या 200 से 300 है।
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इस स्थिति को देखते हुए विभाग का प्रयास है कि इस अनुपात में सुधार किया जाए। जबकि प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 पर दो, 60 पर तीन, 75 पर चार और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम प्रति कक्षा एक शिक्षक विज्ञान और गणित का, दूसरा सामाजिक विषय और तीसरा भाषा का होना चाहिए या 35 बच्चों पर एक शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वर्षों से समायोजन न होने के कारण विद्यालयों में शिक्षकों का अनुपात गड़बड़ हो चुका है।
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बेसिक शिक्षा सचिव ने निर्देश दिया है कि समायोजन से पूर्व मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के सारे विवरण को सही करा लिए जाएं। विभाग इसे दुरुस्त करा रहा है, जिससे आदेश मिलते ही मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से समायोजन की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जनपद में 1705 स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन हैं जिसमें 5356 के लगभग शिक्षक व शिक्षा मित्र तैनात हैं। विभाग की ओर से संचालित जिन प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे कम हैं और शिक्षक ज्यादा हैं वहां से शिक्षकों को हटाते हुए अधिक बच्चों वाले विद्यालय में भेजा जाएगा। इस संबंध में छात्र संख्या के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों और बच्चों का ब्यौरा दुरुस्त किया जा रहा है। ताकि पोर्टल से ही शिक्षकों का एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया जा सके। यह प्रक्रिया 15 जून के बाद प्रारंभ हो सकती है।
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जिले में काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां पर शिक्षकों और बच्चों का अनुपात बराबर नहीं है। 50 विद्यालय आज भी एकल हैं। हर ब्लाॅक में चार-चार स्कूल एकल हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या तो अधिक है, लेकिन शिक्षक एक ही हैं। नौतनवा में ऐसे छह स्कूल हैं, सभी की सूची विभाग तैयार करवा रहा है। कई विद्यालयों में बच्चों की संख्या 25 से 30 है और शिक्षकों की संख्या दो से अधिक है। इसके बीच कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां शिक्षकों की संख्या दो से तीन है लेकिन वहां बच्चों की संख्या 200 से 300 है।
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इस स्थिति को देखते हुए विभाग का प्रयास है कि इस अनुपात में सुधार किया जाए। जबकि प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 पर दो, 60 पर तीन, 75 पर चार और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम प्रति कक्षा एक शिक्षक विज्ञान और गणित का, दूसरा सामाजिक विषय और तीसरा भाषा का होना चाहिए या 35 बच्चों पर एक शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वर्षों से समायोजन न होने के कारण विद्यालयों में शिक्षकों का अनुपात गड़बड़ हो चुका है।
बेसिक शिक्षा सचिव ने निर्देश दिया है कि समायोजन से पूर्व मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के सारे विवरण को सही करा लिए जाएं। विभाग इसे दुरुस्त करा रहा है, जिससे आदेश मिलते ही मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से समायोजन की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी