{"_id":"5ed3dd048ebc3e907713d8da","slug":"action-in-school-management-maharajganj-news-gkp3531406144","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनमानी पर विद्यालय संचालकों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनमानी पर विद्यालय संचालकों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
मनमानी पर विद्यालय संचालकों पर होगी कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक ने पत्र जारी कर सभी बोर्डों के विद्यालयों को दिया निर्देश
महराजगंज। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण काल में किसी भी बोर्ड के विद्यालय को शुल्क वृद्धि नहीं करनी है।
कहा कि अग्रिम शुल्क को जमा करने तथा पुस्तक, ड्रेस व अन्य सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए अभिभावकों अथवा विद्यार्थियों पर दबाव न बनाया जाए। यदि कहीं से निर्देशों का उल्लंघन किया गया तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई व आईसीएसई तथा सरकार की ओर से अधिसूचित किसी अन्य परिषद से मान्य विद्यालयों की ओर से कोरोना के संक्रमण काल में किसी भी अभिभावक व विद्यार्थी को तीन माह के अग्रिम शुल्क को जमा कराने के लिए बाध्य न किया जाए। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोई शुल्क वृद्धि न की जाए, बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष के मुताबिक ही शुल्क लिया जाए। यदि किसी विद्यालय ने बढ़ी हुई दर पर शुल्क लिया है तो अतिरिक्त शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में समायोजित कर ले। लॉकडाउन की अवधि में विद्यालय बंद रहने तक कोई परिवहन शुल्क न लिया जाए। यदि कहीं से निर्देशों का उल्लंघन होता पाया गया तो जांच के उपरांत संबंधित स्कूल संचालकों के विरुद्ध राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक ने पत्र जारी कर सभी बोर्डों के विद्यालयों को दिया निर्देश
महराजगंज। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण काल में किसी भी बोर्ड के विद्यालय को शुल्क वृद्धि नहीं करनी है।
कहा कि अग्रिम शुल्क को जमा करने तथा पुस्तक, ड्रेस व अन्य सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए अभिभावकों अथवा विद्यार्थियों पर दबाव न बनाया जाए। यदि कहीं से निर्देशों का उल्लंघन किया गया तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई व आईसीएसई तथा सरकार की ओर से अधिसूचित किसी अन्य परिषद से मान्य विद्यालयों की ओर से कोरोना के संक्रमण काल में किसी भी अभिभावक व विद्यार्थी को तीन माह के अग्रिम शुल्क को जमा कराने के लिए बाध्य न किया जाए। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोई शुल्क वृद्धि न की जाए, बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष के मुताबिक ही शुल्क लिया जाए। यदि किसी विद्यालय ने बढ़ी हुई दर पर शुल्क लिया है तो अतिरिक्त शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में समायोजित कर ले। लॉकडाउन की अवधि में विद्यालय बंद रहने तक कोई परिवहन शुल्क न लिया जाए। यदि कहीं से निर्देशों का उल्लंघन होता पाया गया तो जांच के उपरांत संबंधित स्कूल संचालकों के विरुद्ध राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।