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Maharajganj News: वसीयत की जमीन हड़पने का आरोप
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महराजगंज। थाना फरेंदा क्षेत्र के मौजा फरेंदा बुजुर्ग में जमीन के एक बड़े हिस्से को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का गंभीर मामला सामने आया है। सीता देवी ने अपने चाचा से वसीयत में दी गई जमीन पर कब्जे को बचाने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पूरन बहादुर थापा, उनकी पत्नी नीता थापा और पुत्र आशुतोष थापा के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। पीड़ित सीता देवी ने बताया कि उनके चाचा रामकिशुन ने वर्ष 2008 में अपनी जमीन आराजी नंबर 43 (रकबा 1.223 हेक्टेयर) के आधे हिस्से में से 0.202 हेक्टेयर की वसीयत उनके नाम कर दी थी और कब्जा भी सौंप दिया था। इसी जमीन से उनका गुजारा चल रहा है। रामकिशुन के सगे भाई पुरी की मृत्यु के बाद उनके पुत्र पूरन बहादुर का नाम खतौनी में वारिसान दर्ज हुआ।
आरोप है कि पूरन बहादुर ने रिश्ते का फायदा उठाकर रामकिशुन को बहला-फुसलाकर मात्र 5000 रुपये के स्टांप पर 20 अक्तूबर 2023 को आधा हिस्सा (0.611 हेक्टेयर) अपनी पत्नी नीता थापा के नाम दानपत्र करवा लिया। इसके बाद 19 अप्रैल 2024 को पूरन बहादुर ने एक और फर्जी दानपत्र अपने पुत्र आशुतोष थापा के नाम करवाया, जिसमें रामकिशुन और पुरी को एक ही व्यक्ति बताकर जालसाजी की गई। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में दोनों सगे भाई रामनरायन के पुत्र के रूप में दर्ज हैं। आरोप लगाया कि पूरन बहादुर, नीता और आशुतोष ने आपसी साजिश रचकर फर्जी दस्तावेज बनवाए और अब इस जमीन को आवासीय प्लॉट के रूप में बेचकर अकूत मुनाफा कमा रहे हैं। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने 5 दिसंबर को जांच के आदेश दिए। फरेंदा थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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आरोप है कि पूरन बहादुर ने रिश्ते का फायदा उठाकर रामकिशुन को बहला-फुसलाकर मात्र 5000 रुपये के स्टांप पर 20 अक्तूबर 2023 को आधा हिस्सा (0.611 हेक्टेयर) अपनी पत्नी नीता थापा के नाम दानपत्र करवा लिया। इसके बाद 19 अप्रैल 2024 को पूरन बहादुर ने एक और फर्जी दानपत्र अपने पुत्र आशुतोष थापा के नाम करवाया, जिसमें रामकिशुन और पुरी को एक ही व्यक्ति बताकर जालसाजी की गई। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में दोनों सगे भाई रामनरायन के पुत्र के रूप में दर्ज हैं। आरोप लगाया कि पूरन बहादुर, नीता और आशुतोष ने आपसी साजिश रचकर फर्जी दस्तावेज बनवाए और अब इस जमीन को आवासीय प्लॉट के रूप में बेचकर अकूत मुनाफा कमा रहे हैं। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने 5 दिसंबर को जांच के आदेश दिए। फरेंदा थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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