{"_id":"5b2aa6c74f1c1bf26e8b912a","slug":"accusations-of-clutter-disturbances-villagers-protested","type":"story","status":"publish","title_hn":"चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, किया प्रदर्शन
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। ग्रामसभा करमहां क्षेत्र के धानी बाजार के ग्रामीणों ने बुधवार को डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। लोगों ने गांव में मनमाने ढंग से चकबंदी किए जाने का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि मनमाने ढंग से समितियों के सदस्यों का चयन कर लिया गया है। प्रदर्शन के बाद सभी ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
गांव के राहुल शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा करमहां में चकबंदी चल रही है। ग्रामीणों को फार्म 2 व फार्म 23 का वितरण हो चुका है, जबकि नियम के तहत गांव में खुली बैठक करके समिति गठित की जाती है। लेकिन इस गांव में ऐसा नहीं किया गया है। मनमाने तरीके समिति के सदस्यों का चयन कर लिया गया है। गांव के लोग यह भी नहीं जानते है कि चकबंदी के लिए गठित समिति का सदस्य कौन है। उन्होंने कहा कि गांव में चकबंदी के लिए समिति के सदस्यों और गांव के लोगों की राय से जमीन में कटौती की जाती है। लेकिन गांव में ऐसा नहीं किया गया है और मनमानी ढंग से किसानों के जमीन में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव में जो चक पहले से है, उसमें संबंधित किसानों के जानकारी दिए बगैर उनके चक का स्थान पदल दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चकबंदी कार्य में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राजाराम ने कहा कि चकबंदी के दौरान ग्राम सभा की जमीन में कटौती कर वह जमीन दलित आबादी, खाद गड्ढा, कब्रिस्तान, श्मशान, खलिहान, खेल मैदान, स्वास्थ्य केंद्र, बारात घर आदि के नाम पर सुरक्षित किया जाता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शिकायतों की जांच कराकर गांव में चौपाल लगाकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
इस मौके पर दिलीप पांडेय, विजय प्रकाश, विश्वनाथ, अनिल पांडेय, गोविंद प्रजापति, सोनू यादव, संतराम, गणेश पुरुषोत्तम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गांव के राहुल शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा करमहां में चकबंदी चल रही है। ग्रामीणों को फार्म 2 व फार्म 23 का वितरण हो चुका है, जबकि नियम के तहत गांव में खुली बैठक करके समिति गठित की जाती है। लेकिन इस गांव में ऐसा नहीं किया गया है। मनमाने तरीके समिति के सदस्यों का चयन कर लिया गया है। गांव के लोग यह भी नहीं जानते है कि चकबंदी के लिए गठित समिति का सदस्य कौन है। उन्होंने कहा कि गांव में चकबंदी के लिए समिति के सदस्यों और गांव के लोगों की राय से जमीन में कटौती की जाती है। लेकिन गांव में ऐसा नहीं किया गया है और मनमानी ढंग से किसानों के जमीन में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव में जो चक पहले से है, उसमें संबंधित किसानों के जानकारी दिए बगैर उनके चक का स्थान पदल दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चकबंदी कार्य में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राजाराम ने कहा कि चकबंदी के दौरान ग्राम सभा की जमीन में कटौती कर वह जमीन दलित आबादी, खाद गड्ढा, कब्रिस्तान, श्मशान, खलिहान, खेल मैदान, स्वास्थ्य केंद्र, बारात घर आदि के नाम पर सुरक्षित किया जाता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शिकायतों की जांच कराकर गांव में चौपाल लगाकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
विज्ञापन
इस मौके पर दिलीप पांडेय, विजय प्रकाश, विश्वनाथ, अनिल पांडेय, गोविंद प्रजापति, सोनू यादव, संतराम, गणेश पुरुषोत्तम आदि मौजूद रहे।