{"_id":"67ae44fbf4a2ed240709455e","slug":"a-milk-bank-for-newborns-will-be-established-at-chc-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-142573-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सीएचसी पर नवजातों के लिए दूध बैंक होगा स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सीएचसी पर नवजातों के लिए दूध बैंक होगा स्थापित
Fri, 14 Feb 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजातों के लिए दूध बैंक स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था के शुरू होने से नवजातों को दूध पीने की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस पहल से उन नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पाता या जो किसी कारणवश दूध पीने से वंचित रह जाते हैं। जानकारी के अनुसार,जिले में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। प्रतिदिन यहां पर 4 से 5 प्रसव होते हैं। कई माताएं ऐसी होती हैं, जिसमें प्रसव के बाद दूध नहीं होता है।
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए अमृत के समान होता है। यह न केवल शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक होता है। कई बार कुछ माताएं शारीरिक समस्याओं, प्रसव संबंधी जटिलताओं या अन्य कारणों से अपने बच्चों को स्तनपान नहीं करा पातीं। ऐसे में दूध बैंक उनके लिए वरदान साबित होगा।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया कि जिले में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। पहले चरण में सीएचसी में दूध बैंक स्थापित किए जाएंगे। उसके बाद इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया जाएगा। दूध बैंक में उन महिलाओं से दूध संग्रह किया जाएगा जो स्वेच्छा से इसे दान करेगी। इसे विशेष प्रक्रिया से सुरक्षित रखा जाएगा ताकि उसकी गुणवत्ता बनी रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूध दान के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
इसके तहत आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से स्तनपान कराने वाली माताओं को इस व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई मां अपने शिशु के लिए अतिरिक्त दूध बना सकती है, तो वह इसे बैंक में दान कर सकती है। इससे अन्य जरूरतमंद बच्चों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
इस पहल से उन नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पाता या जो किसी कारणवश दूध पीने से वंचित रह जाते हैं। जानकारी के अनुसार,जिले में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। प्रतिदिन यहां पर 4 से 5 प्रसव होते हैं। कई माताएं ऐसी होती हैं, जिसमें प्रसव के बाद दूध नहीं होता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए अमृत के समान होता है। यह न केवल शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक होता है। कई बार कुछ माताएं शारीरिक समस्याओं, प्रसव संबंधी जटिलताओं या अन्य कारणों से अपने बच्चों को स्तनपान नहीं करा पातीं। ऐसे में दूध बैंक उनके लिए वरदान साबित होगा।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया कि जिले में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। पहले चरण में सीएचसी में दूध बैंक स्थापित किए जाएंगे। उसके बाद इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया जाएगा। दूध बैंक में उन महिलाओं से दूध संग्रह किया जाएगा जो स्वेच्छा से इसे दान करेगी। इसे विशेष प्रक्रिया से सुरक्षित रखा जाएगा ताकि उसकी गुणवत्ता बनी रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूध दान के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
इसके तहत आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से स्तनपान कराने वाली माताओं को इस व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई मां अपने शिशु के लिए अतिरिक्त दूध बना सकती है, तो वह इसे बैंक में दान कर सकती है। इससे अन्य जरूरतमंद बच्चों को लाभ मिलेगा।