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अस्पताल बनकर तैयार संसाधान का इंतजार
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:26 AM IST
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अस्पताल बनकर तैयार संसाधान का इंतजार
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। जिला अस्पताल परिसर में बन रहे 100 बेड के महिला अस्पताल को संचालित होने का इंतजार है। अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुका है। रंगाई पुताई का काम भी पूरा हो चुका है लेकिन अंदर की साज सज्जा अभी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा अस्पताल के लिए बेड समेत जरूरी सामान की खरीदारी नहीं हुई है। सुस्त गति से काम होने से अस्पताल कब तक चालू होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
करीब 22 करोड़ की लागत से बनेे वाले महिला अस्पताल को संचालित होने में हो रही देर को लेकर महिलाओं में गुस्सा भी है। सभी इस उम्मीद में हैं कि अस्पताल समय से संचालित होगा तो महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सपा सरकार के समय अस्पताल बनना शुरू हुआ था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद भी निर्माण में तेजी नहीं आई। अभी अस्पताल को कार्यदायी संस्था की ओर से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। भवन बनकर तैयार हो चुका है। जरूरी संसाधनों की खरीदारी अभी नहीं हुई है। बताया जाता है कि अस्पताल में 50 स्टॉफ की तैनाती होनी है। इसमें डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ भी शामिल हैं। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने बताया कि करीब 22 करोड़ की लागत से अस्पताल का भवन बनकर तैयार है। सामानों की खरीदारी के लिए टेंडर अभी होना है। इसके लिए कई फर्मों ने आवेदन किया है। अगर सामानों की खरीदारी समय से हो जायेगी तो उम्मीद है कि वर्ष 2019 के पहले अस्पताल संचालित होने लगेगा। जिला अस्पताल परिसर में बने इस अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती के साथ जांच आदि की बेहतर सुविधा रहेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय ने बताया कि अभी अस्पताल का भवन सिर्फ बना है। बहुत सारे कार्य होने शेष हैं। कार्यदायी संस्था ने भवन को अभी हैंडओवर नहीं किया है। प्रयास यही रहेगा की अस्पताल को जल्दी संचालित कराया जाय।
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करीब 22 करोड़ की लागत से बनेे वाले महिला अस्पताल को संचालित होने में हो रही देर को लेकर महिलाओं में गुस्सा भी है। सभी इस उम्मीद में हैं कि अस्पताल समय से संचालित होगा तो महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सपा सरकार के समय अस्पताल बनना शुरू हुआ था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद भी निर्माण में तेजी नहीं आई। अभी अस्पताल को कार्यदायी संस्था की ओर से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। भवन बनकर तैयार हो चुका है। जरूरी संसाधनों की खरीदारी अभी नहीं हुई है। बताया जाता है कि अस्पताल में 50 स्टॉफ की तैनाती होनी है। इसमें डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ भी शामिल हैं। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने बताया कि करीब 22 करोड़ की लागत से अस्पताल का भवन बनकर तैयार है। सामानों की खरीदारी के लिए टेंडर अभी होना है। इसके लिए कई फर्मों ने आवेदन किया है। अगर सामानों की खरीदारी समय से हो जायेगी तो उम्मीद है कि वर्ष 2019 के पहले अस्पताल संचालित होने लगेगा। जिला अस्पताल परिसर में बने इस अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती के साथ जांच आदि की बेहतर सुविधा रहेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय ने बताया कि अभी अस्पताल का भवन सिर्फ बना है। बहुत सारे कार्य होने शेष हैं। कार्यदायी संस्था ने भवन को अभी हैंडओवर नहीं किया है। प्रयास यही रहेगा की अस्पताल को जल्दी संचालित कराया जाय।
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