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Maharajganj News: हादसे का कारण बन सकते हैं जर्जर शिलापट
Fri, 11 Apr 2025 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:33 AM IST
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नौतनवा। तहसील क्षेत्र के गांवों में लगे जर्जर शिलापट हादसे का कारण बन सकते हैं। बीते दिन विशुनपुरा गांव में शिलापट गिरने से बालक की मौत हो गई थी।
शिवपुरी, जिगिना, भगवानपुर, बिषखोप, तरैनी, सेखुआनी, निपनिया आदि गांवों में भी जर्जर हालत में शिलापट लगे हैं। विशुनपुरा गांव के रामअचल यादव, लक्ष्मी शंकर ने बताया कि निर्माण कार्य के बाद शिलापट लगाया जाता है। शिलापट लगाने के दौरान कार्यदायी संस्था की ओर से मानक और गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जाता है, जिसका परिणाम यह होता है कि कम समय में ही गिर जाता है।
मनोहर यादव ने बताया कि शिलापट बनाया जाता है तो उसमें लगे ईंट, सीमेंट और बालू मानक के अनुरूप नहीं होते हैं। जिसके कारण वह बहुत ही कम समय में हल्का सा ठोकर लगने के बाद गिर जाते हैं।
गांवों में अक्सर देखा जाता है कि जहां शिलापट लगाया जाता है वहां किसी मकान के दीवार का सहारा लेना पड़ता है। जिससे कि वह कुछ दिन तक रुका रहे, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से यह ध्यान नहीं दिया जाता कि इस मानक विहीन शिलापट से कोई हादसा भी हो सकता है। नौतनवा तहसील क्षेत्र के गांव विशुनपुरा में सोमवार को शिलापट से दबकर बालक की मौत हो गई थी।
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शिवपुरी, जिगिना, भगवानपुर, बिषखोप, तरैनी, सेखुआनी, निपनिया आदि गांवों में भी जर्जर हालत में शिलापट लगे हैं। विशुनपुरा गांव के रामअचल यादव, लक्ष्मी शंकर ने बताया कि निर्माण कार्य के बाद शिलापट लगाया जाता है। शिलापट लगाने के दौरान कार्यदायी संस्था की ओर से मानक और गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जाता है, जिसका परिणाम यह होता है कि कम समय में ही गिर जाता है।
मनोहर यादव ने बताया कि शिलापट बनाया जाता है तो उसमें लगे ईंट, सीमेंट और बालू मानक के अनुरूप नहीं होते हैं। जिसके कारण वह बहुत ही कम समय में हल्का सा ठोकर लगने के बाद गिर जाते हैं।
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गांवों में अक्सर देखा जाता है कि जहां शिलापट लगाया जाता है वहां किसी मकान के दीवार का सहारा लेना पड़ता है। जिससे कि वह कुछ दिन तक रुका रहे, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से यह ध्यान नहीं दिया जाता कि इस मानक विहीन शिलापट से कोई हादसा भी हो सकता है। नौतनवा तहसील क्षेत्र के गांव विशुनपुरा में सोमवार को शिलापट से दबकर बालक की मौत हो गई थी।
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